2जी घोटाला: राजा गवाह बनना चाहते हैं

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने गवाही देने की इच्छा जताई है.
ए.राजा ने शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की.
कुछ दिन पहले ही अटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने संयुक्त संसदीय समिति के सामने कई मामलों के लेकर राजा पर आरोप लगाए थे.
इसके अलावा सीबीआई की विशेष अदालत में अन्य गवाहों ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में राजा को जिम्मेदार ठहराया था.
समाचार ऐजेंसी पीटीआई के मुताबिक राजा ने पत्र लिख कर कहा है, "पूर्वाग्रह, जानबूझकर पक्षपात, गलत जांच और गलत नतीज़ो के चलते सच्चाई को दबाया जा रहा है."
ए राजा ने कहा कि इसकी सबसे बड़ी मिसाल ये है कि उच्चतम न्यायालय ने दो फरवरी 2012 को उनके खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रस्त टिप्पणी की. यहाँ तक कि उन्हें अपनी बात कहने का मौका तक नहीं दिया गया.
ए.राजा की ओर से यह निवेदन उस वक्त आया है जब बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है.
राजा ने इस पत्र को जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको को भी भेजा है.
राजा के इस अनुरोध पर चाको ने कोई प्रतिक्रिया नही दी है.
डीएमके का दवाब
जेपीसी में डीएमके के सदस्य चाको पर इस बात का दवाब बना रहे थे कि राजा को गवाह के तौर पर बुलाया जाए.
इनकी ये भी मांग थी कि अटार्नी जनरल जीई वाहनवती को समिति के समक्ष फिर से बुलाया जाए.
वाहनवती ने इस महीने जेपीसी के समक्ष कहा था कि राजा ने 2008 में 2जी लाइसेंस से संबंधित प्रेस नोट को अंतिम क्षणों में बदल दिया था.
वाहनवती उस समय सालिसिटर जनरल थे.
पीटाआई के मुताबिक चाको संभवत: राजा को गवाह के तौर पर बुलाने के खिलाफ हैं.
नियमों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष जेपीसी को किसी व्यक्ति को गवाह के तौर पर बुलाने का निर्देश नहीं दे सकती हैं. इस सूरत में वो राजा के पत्र को जेपीसी के सामने विचार के लिए भेज सकती हैं.












