कैथोलिक चर्च में खींचतान से दुखी पोप

पोप बेनेडिक्ट सोहलवें ने रोम में सेंट पीटर्स बेसिलिका में अपनी आखिरी विशाल प्रार्थना यानी मास का नेतृत्व किया. जल्द ही वो अपना पद छोड़ने वाले हैं.
उन्होंने एश वेडनेसडे समारोह की अध्यक्षता की. इसी के साथ कैथोलिक चर्च के लेंट सीजन की शुरुआत हो गई.
सोमवार को 85 वर्षीय पोप ने घोषणा की कि वो अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए इस महीने के अंत में पद छोड़ देंगे.
बुधवार को अपने उपदेश में पोप ने वेटिकन में धर्म गुरुओं के बीच हालिया खींचतान की आलोचना की.
इस अवसर पर मौजूद बीबीसी संवाददाता डेविड विली के अनुसार पोप ने कहा कि पादरी वर्ग के बीच मतभेदों और प्रतिद्वंद्विता के कारण चर्च की छवि खराब हो रही है.
धन्यवाद
बीबीसी संवाददाता के अनुसार पोप काफी थके हुए दिख रहे थे.
इससे पहले दिन में पोप ने वेटिकन के भीतर हजारों लोगों के बीच कहा, “उस प्यार और प्रार्थना के लिए धन्यवाद, जो आपने मुझे किया. मेरे लिए. चर्च के लिए और भावी पोप के लिए प्रार्थना करते रहिए.”
बीबीसी संवाददाता के अनुसार पोप बेनेडिक्ट सत्ता के सुगम हस्तांतरण को लेकर फिक्रमंद हैं. वो नहीं चाहते हैं कि इतिहास में उन्हें ऐसे पोप के तौर पर याद किया जाए जिसने बिना पर्याप्त कारण के अपनी जिम्मेदारियों छोड़ दीं.
अगले हफ्ते पोप किसी सार्वजनिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे. वो आध्यात्मिक एकांत में चले जाएंगे और वेटिकन के भीतर ही प्रार्थना करेंगे.
इस महीने के आखिर में वेटिकन छोड़ने से पहले तक पोप का पूरा कार्यक्रम व्यस्त है. 17 से 23 फरवरी तक लेंटेन रिट्रीट चलेगा.
पोप 27 फरवरी को एक बार फिर सेंट पीटर्स स्क्वैयर पर श्रद्धालुओं से मिलेंगे.












