पोप को लगा है पेसमेकर, वैटिकन ने की पुष्टि

वैटिकन ने इस बात की पुष्टि की है कि पोप बेनेडिक्ट सोलहवें को पेसमेकर लगा है.
सोमवार को ही 85 वर्षीय पोप ने घोषणा की थी कि वो अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए इस महीने के आखिर तक अपना पद छोड़ देंगे. लेकिन वैटिकन के प्रवक्ता फेडेरिको लोम्बार्दी ने फिर कहा है कि पोप किसी विशेष बीमारी के चलते अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं.
इटली के अखबार इल सोल 24 के अनुसार पोप ने अपने पेसमेकर को बदलवाने के लिए तीन महीने पहले ऑपरेशन कराया था. पेसमेकर एक कृत्रिम उपकरण है जो हृदय रोगियों में उनके दिल को सुचारू रूप से धड़कने में मदद करता है.
वैटिकन में लोम्बार्दी ने पुष्टि की है कि कुछ साल पहले पोप को लगे पेसमेकर की बैटरियां एक नियमित ऑपरेशन के दौरान बदली गई हैं.
'चर्च चलाने में भूमिका नहीं होगी'
फादर लोम्बार्दी ने कहा, “इससे इस्तीफा देने का उनका फैसला प्रभावित नहीं हुआ है. उन्हें बस लगा कि बढ़ती उम्र के साथ उनकी सामर्थ्य घट रही है.”
पोप आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर 27 फरवरी को सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर होने वाली विशाल प्रार्थना में दिखाई देंगे.
वैटिकन के प्रवक्ता ने कहा कि पद छोड़ने के बाद पोप की कैथोलिक चर्च को चलाने में कोई भूमिका नहीं रहेगी.
पोप बेनेडिक्ट ने जब सोमवार को इस्तीफे की घोषणा की तो पूरी दुनिया हैरान रह गई. यहां तक कि वेटिकन पर नजदीक से नजर रखने वालों को भी इस फैसले की पहले से खबर नहीं मिल पाई.
पोप जॉन पॉल द्वितीय के निधन के बाद कार्डिनल योसेफ रात्सिंगर 2005 में पोप बेनेडिक्ट सोलहवें बने.
वो लगभग छह सौ सालों में इस्तीफा देने वाले पहले पोप हैं.












