संसद हमले से अफ़ज़ल की फाँसी तक

संसद हमले के अभियुक्त को फांसी देने में एक दशक से ज़्यादा का वक्त लगा.
इमेज कैप्शन, संसद हमले के अभियुक्त को फांसी देने में एक दशक से ज़्यादा का वक्त लगा.

अफ़ज़ल गुरु को नई दिल्ली के तिहाड़ जेल में आज सुबह 8 बजे फॉंसी दे दी गई. भारत के संसद के हमले के अभियुक्त को फॉंसी देने में एक दशक से भी ज़्यादा वक्त लगा. इस पूरे सफ़र पर एक नज़र-

<italic> <bold>13 दिसंबर, 2001 -</bold> </italic> पांच चरमपंथियों ने संसद पर हमला किया. हमले में पांच चरमपंथियों के अलावा सात पुलिसकर्मी सहित नौ लोगों की मौत हुई.

<italic> <bold>15 दिसंबर, 2001 –</bold> </italic> दिल्ली पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के चरमपंथी अफ़ज़ल गुरु को गिरफ़्तार किया. उनके साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एसएआर गिलानी को भी गिरफ़्तार किया गया. इन दोनों के अलावा अफ़शान गुरु और शौकत हसन गुरु को गिरफ़्तार किया गया.

<italic> <bold>29 दिसंबर, 2001-</bold> </italic> अफ़ज़ल गुरु को दस दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजा गया.

<italic> <bold>4 जून, 2002-</bold> </italic>अफ़ज़ल गुरु, एएसआर गिलानी, अफ़शान गुरु और शौकत हसन गुरु के ख़िलाफ़ मामले तय किए गए.

<italic> <bold>18 दिसंबर, 2002-</bold> </italic> अफ़ज़ल गुरु, एएसआर गिलानी औऱ शौकत हसन गुरु को फॉंसी की सजा दी गई. अफ़शान गुरु को रिहा किया गया.

<italic> <bold>30 अगस्त, 2003-</bold> </italic>जैश-ए- मोहम्मद के चरमपंथी गाजी बाबा, जो संसद पर हमले का मुख्य अभियुक्त को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने दस घंटे तक चले इनकाउंटर में श्रीनगर में मार गिराया.

<italic> <bold>29 अक्टूबर, 2003-</bold> </italic> मामले में एएसआर गिलानी बरी किए गए.

<italic> <bold>4 अगस्त, 2005-</bold> </italic> सुप्रीम कोर्ट ने अफ़ज़ल गुरु की फॉंसी की सजा बरकरार रखा. शौकत हसन गुरु की फॉंसी की सजा को 10 साल कड़ी कैद की सज़ा में तब्दील किया गया.

<italic> <bold>26 सितंबर, 2006-</bold> </italic> दिल्ली हाईकोर्ट ने अफ़ज़ल गुरु को फॉंसी देने का आदेश दिया.

<italic> <bold>3 अक्टूबर, 2006-</bold> </italic>अफ़ज़ल गुरु की पत्नी तबस्सुम गुरु ने राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सामने दया याचिक दायर की.

<italic> <bold>12 जनवरी, 2007-</bold> </italic>सुप्रीम कोर्ट ने अफ़ज़ल गुरु की दया याचिका को खारिज़ किया.

<italic> <bold>16 नवंबर, 2012-</bold> </italic> राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अफ़ज़ल गुरु की दया याचिका गृह मंत्रालय को लौटाई.

<italic> <bold>30 दिसंबर, 2012-</bold> </italic>शौकत हसन गुरु को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया.

<italic> <bold>10 दिसंबर, 2012-</bold> </italic> केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि अफ़ज़ल गुरु के मामले की पड़ताल करेंगे.

<italic> <bold>13 दिसंबर, 2012-</bold> </italic> भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान अफ़ज़ल गुरु को फॉंसी दिए जाने का मुद्दा उठाया.

<italic> <bold>23 जनवरी, 2013-</bold> </italic> राष्ट्रपति ने अफ़ज़ल गुरु की दया याचिका खारिज की गई.

<italic> <bold>03 फरवरी, 2013-</bold> </italic> गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति द्वारा खारिज याचिका मिली.

<italic> <bold>09 फरवरी, 2013-</bold> </italic> अफ़ज़ल गुरु को नई दिल्ली को तिहाड़ जेल में सुबह 8 बजे फॉंसी पर लटकाया गया.