'हर हाल में हो बलात्कार पीड़ित का इलाज'

दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली सरकार को आदेश दिए हैं कि वो सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आदेश दे कि बलात्कार पीड़ितों और दुर्घटनाओं में घायल लोगों का इलाज़ ज़रुर करें.
अदालत का ये आदेश पिछले महीने हुई बलात्कार की घटना के बाद आया है.
दिसंबर में दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार की पीड़िता के दोस्त ने पिछले दिनों बयान दिया था कि उनकी मदद के लिए आई पुलिस इस बात पर चर्चा कर रही थी कि किस नज़दीकी सरकारी अस्पताल में पीड़ित को ले जाया जाए.
इस तरह के मामलों में अक्सर देखा गया है कि संशय बना रहता है कि अगर पीड़ित को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया तो इलाज का खर्चा कौन देगा.
इस बयान के बाद आपदा की स्थिति में पुलिस की कार्रवाई के तौर तरीकों में भी बदलाव किए जाने की मांग उठी थी.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी अस्पताल चाहे वो निजी हो या सरकारी, आपातकालीन स्थिती में किसी पीड़ित का इलाज करने से इंकार नहीं कर सकता.
अदालत ने दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए हैं कि इस संबध में सभी अस्पतालों को निर्देश जारी किए जाएं.
दिल्ली सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वो एक महीने में सभी अस्पतालों में इस बारे में दिशानिर्देश दे देंगे.












