स्वामी की चुनौती और भाजपा के सवाल

भारत की प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस को जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी के ज़रिए लगाए गए आरोपों के जवाब देने चाहिए.
शुक्रवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या पार्टी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटिड कंपनी को 90 करोड़ रूपए का क़र्ज़ दिया था या नहीं.
जेटली के अनुसार अगर क़र्ज़ देने की बात सही है तो फिर ये देश के कर नियमों और चुनावी क़ानून दोनों के ख़िलाफ़ है.
जेटली ने कहा कि अगर कांग्रेस कहती है कि स्वामी के आरोप बेबुनियाद हैं तो बात वहीं समाप्त हो जाती है लेकिन अगर स्वामी की बातें सहीं हैं तो फिर ये घोर अनुचित और ग़ैर-क़ानूनी है.
जेटली ने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी अपने ज़रिए जमा किए पैसों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक कामों के लिए कर सकती है किसी व्यापारिक या वित्तीय गतिविधि के लिए उन पैसों का उपयोग नहीं किया जा सकता है.
'अदालत में निबटेंगे'
दर असल सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरूवार को एक प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी ने धोखेबाज़ी से एक सार्वजनिक ट्रस्ट को निजी संपत्ति में बदल दिया है.
स्वामी के आरोप के बाद राहुल गांधी के दफ्तर ने गुरूवार देर रात बयान जारी कर सभी आरोपों को बेबुनियाद ग़लत, निराधार और अपमानजनक क़रार दिया था.
उसी बयान में स्वामी के ख़िलाफ क़ानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दी गई थी.
लेकिन शुक्रवार को सुब्रमण्यम ने राहुल गांधी के दफ़्तर से जारी बयान पर चुटकी लेते हुए कहा, ''अगर राहुल गांधी या उनके वकील मुझे कोई नोटिस भेजते हैं तो मैं उन्हें बिना पढ़े ही फाड़ कर रद्दी के टोकरे में फेंक दूंगा. राहुल गांधी को मेरी सलाह है कि वे अब बड़े हो जाएं. अदालत में मेरे ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दर्ज करें. मैं उनसे वहीं निबट लूंगा.''
आरोप
सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरूवार को सोनिया और राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा था, "इन दोंनो कांग्रेसी नेताओं ने दिल्ली में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटिड कंपनी की हेरल्ड हाउस नाम की 1600 करोड़ रूपए की संपत्ति महज़ 50 लाख रूपयों में हासिल की."
स्वामी के मुताबिक़ राहुल और सोनिया गांधी की यंग इंडियन नाम की निजी कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जिसका इस्तेमाल उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स के टेकओवर और हेराल्ड हाउस को हासिल करने के लिए किया.
एसोसिएटेड जर्नल्स कंपनी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्थापित की थी और ये नेशनल हेराल्ड और क़ौमी आवाज़ अख़बार छापती थी. अंग्रेज़ी भाषा का नेशनल हेराल्ड अब बंद हो चुका है.












