आर्थिक सुधारों के बचाव में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन

अपनी आर्थिक नीतियों, डीजल की कीमत में वृद्धि और भ्रष्टाचार के आरोपों पर चौतरफ़ा हमलों में घिरी कांग्रेस पार्टी रविवार को दिल्ली में एक विशाल रैली कर सीधे जनता से संवाद कायम करने का प्रयास कर रही है.
इस रैली में कांग्रेस पार्टी के तमाम बड़े नेता शिरकत करेंगे जिनमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव राहुल गांधी प्रमुख हैं.
इस जनसभा को कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. ये रैली दिल्ली के उसी रामलीला मैदान में होगी जहां पिछले साल सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ़ रैली की थी.
2014 के चुनाव की तैयारी
सत्ताधारी कांग्रेस की गतिविधियों पर नजर रखने टीकाकारों का मानना है कि पार्टी केंद्रीय सरकार द्वारा लाए गए ताज़ा आर्थिक सुधारों को आम जनता को समझाने की कोशिश कर रही है और साथ ही 2014 के आम चुनावों से पहले माहौल बनाने का प्रयास कर रही है.
इस दौरान खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश से किसानों को होने वाले संभावित फायदे, डीज़ल की कीमतें बढ़ाने और प्रति परिवार एलपीजी गैस सिलेंडर पर लगाई गई सीमा पर सरकार की विवशता पर बयानबाजी होगी.

राजनैतिक विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी में जल्द ही राहुल गांधी की भूमिका बढ़ने वाली है ऐसे में आर्थिक सुधार और भ्रष्टाचार पर उनकी राय का लोगों को ख़ास इंतज़ार है.
विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री के साथ साथ वित्त मंत्री पी चिदंबरम की राय है कि आर्थिक विकास की गति धीमी होने से आम चुनावों में पार्टी पर बुरा असर पड़ सकता है.
कांग्रेस का पलटवार
वहीं भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हाल के दिनों में सोनिया गांधी ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में अपनी हाल की रैलियों में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर निशाना साधा है.
सोनिया गांधी ने कह चुकी हैं कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने ऐसे आरोप लगने के बाद पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और इससे कांग्रेस की भ्रष्टाचार के खिलाफ संवेदनशीलता पता चलती है.
रैली के लिए कांग्रेस पार्टी की दिल्ली और हरियाणा युनिट ने अपने कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या जुटाई है.












