दलित महिला को जलाकर मार डालने का आरोप

बिहार के गया ज़िले में एक महादलित महिला को जलाकर मार डालने के आरोप में तीन व्यक्तियों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है.
गया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार ने बीबीसी को बताया कि आग से बुरी तरह झुलसी हुई उस महिला ने स्थानीय अस्पताल में रविवार दोपहर दम तोड़ दिया.
एफआईआर के मुताबिक़ ये घटना बाराचट्टी इलाक़े में मोहनपुर पुलिस स्टेशन के तहत बुमुआर गाँव में शनिवार देर रात घटी.
आरोप है कि वहाँ सूबेदार यादव और उनके दो रिश्तेदारों ने अपने पड़ोसी बारहो मांझी की 40 वर्षीया पत्नी फुटुकवा देवी के शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी.
फिर इन्हीं तीनों ने उस घायल महिला को गया के एक अस्पताल में इलाज़ के लिए भर्ती कराया. लेकिन जब महिला की मौत हो गई, तो वो तीनों फरार हो गये.
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मृत महिला के पिता सहदेव मांझी ने इंदिरा आवास योजना्ो की रक़म संबंधी लेन-देन में विवाद को घटना का कारण बताया है, जबकि और भी कई बातें सुनी जा रही हैं.
अलग कहानी
इस बारे में और जानकारी के लिए जब मैंने घटनास्थल से जुड़े मोहनपुर पुलिस थाने के दरोगा पीताम्बर राय से संपर्क किया, तो उन्होंने एक अलग कहानी बताई.
पीताम्बर राय का कहना था, ''बुमुआर गाँव के सारे लोग यही बता रहे हैं कि मृतक फुटुकवा देवी के प्रखंड प्रमुख रह चुके व्यक्ति के साथ संबंध थे, इसलिए कहा जा रहा है कि कुछ अंदरुनी विवाद की वजह से ये घटना घटी और महिला कैसे जली, यह जांच का विषय है.''
उधर बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र की विधायक ज्योति मांझी ने इसे महादलित महिला पर घोर अत्याचार की घटना मानते हुए दोषी के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की मांग की है.












