किंगफ़िशर 'ज़मीन' पर, कंपनी ने फिर किया वादा

किंगफ़िशर के सीईओ संजय अग्रवाल ने कहा है कि कंपनी आने वाले कुछ दिनों में कर्मचारियों की तनख़्वाहें दे देगी.
उन्होंने दोहराया कि एयरलाइन उड़ाने जारी रखेगी या नहीं इसका फ़ैसला चार अक्तूबर को किया जाएगा.
दिल्ली में एयरलाइन के सीईओ संजय अग्रवाल ने मंगलवार को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानि डीजीसीए से मिलने के बाद कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों से बातचीत करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी.
एयरलाइन ने सोमवार को ही कह दिया था कि वो अपने ऑपरेशन का आंशिक लॉकलाउट कर रही है.
किंगफ़िशर ने एक बयान में कहा था कि ‘हिंसा, आपराधिक ज़बर्दस्ती और कुछ ज़िद्दी कर्मचारियों के काम पर ना लौटने की वजह से लॉक आउट की घोषणा की जा रही है. ’
उधर कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें मार्च से वेतन नहीं मिला है इसलिए वे काम पर नहीं जा रहे हैं.
किंगफ़िशर के सीईओ को लॉकआउट के इस फ़ैसले के बाद ही डीजीसीए ने तलब किया था.
संजय अग्रवाल ने कहा, “हम सभी की तनख़्वाहों का भुगतान आने वाले कुछ दिनों में कर देंगे. मुझे भी अपनी तनख़्वाह नहीं मिली है.”
शिकायतों की जांच

एयरलाइन के सीईओ ने मंगलवार को कहा कि वे उन शिकायतों की भी जांच करेंगे जिनके अनुसार कुछ कर्मचारी काम करने की इच्छुक कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी नहीं करने दे रहे हैं.
संजय अग्रवाल ने कहा, “आधे कर्मचारियों को मार्च की तनख़्वाह मिल गई है. और ये सभी लोग काम पर लौटना चाहते हैं. लेकिन कुछ लोग उन्हें ऐसा करने से रोक रहे हैं. ”
इससे पहले नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने दोहराया कि जब तक किंगफ़िशर के इंजीनियर काम पर नहीं लौटते, एयरलाइन को उड़ानें नहीं भरने दी जाएंगी.
उन्होने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता. डीजीसीए अपनी रिपोर्ट भेजेगा और उसके बाद ही फ़ैसला लिया जाएगा.”












