अन्ना हज़ारे से कोई लड़ाई नहीं: केजरीवाल

राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनकी समाजसेवी अन्ना हजारे से उनकी कोई लड़ाई नहीं है और दोनों अलग अलग रास्तों से भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं.
अन्ना हजारे ने पिछले दिनों साफ़ कर दिया था कि वो राजनीति पार्टी बनाने की केजरीवाल की कोशिशों के हक में नहीं हैं. भ्रष्टाचार के खिलाफ एक साथ मुहिम शुरू करने वाले इन दोनों लोगों के रास्ते अब अलग हो चुके हैं.
सोमवार को अन्ना हजारे से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा, “हम उनसे मिलने आए हैं क्योंकि वे दिल्ली आए हुए हैं. हमारा संबंध है. हमारे बीच कोई लड़ाई नहीं है. उन्होंने खुद ये कहा है कि लक्ष्य एक है, हालांकि रास्ते अलग हैं.”
'गंदी है राजनीति'
अन्ना हजारे से 20 मिनट तक चली बातचीत के बाद केजरीवाल ने कहा, “हमने उन्हें बताया है कि जब भी जरूरत पड़ेगी, हम उनकी मदद के लिए मौजूद हैं. उन्होंने हमें बताया कि मीडिया ऐसी छवि बना रहा है कि कोई लड़ाई हो रही है.”
इससे पहले अन्ना हजारे ने रविवार को कहा कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल के इन सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई में राजनीतिक विकल्प को कैसे जनता के सामने पेश किया जाए. उन्होंने राजनीति को “गंदगी से भरपूर” बताया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अन्ना हजारे भ्रष्टाचार विरोधी अपने गैर राजनीतिक आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए दिल्ली आए हैं.
उन्होंने सोमवार को नई दिल्ली में कुछ पूर्व नौकरशाहों और अन्य लोगों के साथ बैठक की.
दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि केजरीवाल दो अक्टूबर यानी मंगलवार को गांधी जयंती के असवर पर अपनी राजनीतिक पार्टी का एलान कर सकते हैं.












