
झारखंड के गढ़वा जिले में कुछ गुंडों ने मिलकर एक लकड़हारे का हाथ काट डाला है. लकड़हारे को गंभीर हालत में राजधानी रांची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
लकड़हारे का क़ुसूर सिर्फ़ इतना था कि उसने गढ़वा के मझियाओं इलाक़े में चल रही अवैध शराब की भट्ठी के संचालकों से अपने बक़ाया पैसे मांगे थे. लकड़हारे का नाम अलियार बताया जाता है.
पुलिस का कहना है कि कुछ दबंग लोग मझियाओं की अवैध शराब की भट्ठी का संचालन करते थे. अलियार रोज़ जंगल से लकड़ी काट कर इस भट्ठी को बेचा करता था.
कुछ दिनों से संचालकों ने उसे उसकी लकड़ी की क़ीमत अदा नहीं की थी. वह रोज़ पैसे मांगता था मगर वह उसे डांट कर भगा दिया करते थे.
गढ़वा ज़िले के पुलिस अधीक्षक मिकाइल राज ने बीबीसी को बताया कि दो सौ रुपए की मामूली सी रक़म की वजह से भट्ठी के संचालकों ने अलियार का हाथ काट डाला.
बंधुआ मज़दूर
पुलिस ने इस मामले में अभी तक राम सिंह यादव नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है जबकि भट्ठी में उसके दूसरे सहयोगी फ़रार बताये जाते हैं.
गढ़वा और पलामू में बंधुआ मज़दूरी का पुराना इतिहास रहा है.
बड़े-बड़े ज़मींदारों ने ग़रीबों की ज़मीनें औने-पौने भाव में ख़रीद कर उन्हें ही अपनी ज़मीन में बंधुआ मज़दूर बनाकर सालों तक शोषण किया. हालाकि लंबे आन्दोलन के बाद बंधुआ मज़दूरी तो ख़त्म हो गई मगर सामंती तौर तरीक़ों के लिए अभी भी इस इलाके को जाना जाता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़वा और पलामू में देहाती इलाक़ों में इस तरह की अवैध शराब की भट्ठियों का चलन आम है.
ज़्यादातर इन भट्ठियों का संचालन आप्रवासी करते हैं जो यहाँ के ग्रामीणों से इन भट्ठियों में काम करवाते हैं. यहाँ भी शोषण के मामले आम हैं मगर उन पर कार्रवाई नहीं होती क्योंकि इन भट्ठियों से सबका पैसा लगा है.
अस्पताल के बिस्तर पर पड़े अलियार नें पुलिस को बताया कि जब उसने अपने पैसे मांगे तो पहले तो उसे पीटा गया फिर सब लोगों ने मिलकर उसे पकड़ लिया. तभी इनमें से एक ने धारदार हथियार से उसका बायाँ हाथ काट डाला.
पुलिस का कहना है कि वह फ़रार अपराधियों को जल्द गिरफ़्तार कर लेगी.









