दलित बच्ची से बलात्कार और हत्या के बाद तनाव

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के आस्थान गाँव में एक दलित लड़की के बलात्कार और हत्या के बाद हुई हिंसा से तनाव है.
अधिकारियों के अनुसार दलितों की ओर से कुछ मुसलमानों के घरों पर हमले किए गए हैं.
प्रतापगढ़ के जिलाधीश योगेश बहल ने बीबीसी को बताया कि तीन दिन पहले 11 साल की एक दलित बच्ची के साथ बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी गई थी.
बीबीसी से बातचीत के वक्त बहल उसी गाँव की ओर जा रहे थे. बहल के मुताबिक इसके लिए कुछ मुसलमान लड़कों को जिम्मेदार बताया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित लड़की की चीखें उसी गाँव की एक और लड़की ने सुनी.
शुरुआत में तो डर के मारे उसने किसी से कुछ नहीं कहा लेकिन पुलिस के मुताबिक पीड़ित लड़की का शरीर मिलने के बाद उसने कथित तौर पर जिम्मेदार लड़कों के नाम बताए.
आरोप
इन चार लड़कों को गिरफ्तार करके उनसे पूछताछ जारी थी कि शनिवार को खबर आई कि दलितों ने गाँव में मुसलमानों के घरों पर हमले कर दिए.
बहल बताते हैं कि प्रशासन की ओर से कथित तौर पर जिम्मेदार लड़कों के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई थी और उन्हें जेल भी भेज दिया गया था.
वो कहते हैं, “आज जब उस बच्ची का शरीर दाह संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, उस वक्त नाराज दलितों ने कुछ मुसलमानों के चार-पाँच घरों को आग लगा दी.”
बहल के अनुसार अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं और सुरक्षाबलों को गाँव में तैनात कर दिया गया है.
बहल बताते हैं, “प्रतापगढ़ जिले में सुरक्षाकर्मियों की कमी है. हम अभी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. ऐसा करना जल्दबाजी होगी. बिना समुचित सुरक्षाकर्मियों के हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते.”
बहल के मुताबिक वो बातचीत करके लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं. बहल ने इन खबरों को खारिज किया कि मुसलमानों की ओर से भी दलितों पर हमले हुए हैं.
वो बताते हैं कि इस गाँव में मुसलमानों के सात से आठ घर हैं. उनके अनुसार स्थिति काबू में है. कुछ लोग ऐसे भी आरोप लगा रहे हैं कि स्थानीय अधिकारियों ने मामले से निपटने में अक्षमता दिखाई.












