राखी के 'स्वयंवर' में नहीं अड़चन

- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, जयपुर
आइटम गर्ल राखी सावंत और उनके 'स्वयंवर' से जुड़े पांच अन्य लोगों को एक क़ानूनी विवाद से फ़िलहाल राहत मिल गई है.
राजस्थान हाई कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें रियलिटी शो 'राखी का स्वयंवर' से जुड़े छह लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया था. इन छह लोगों में राखी सावंत भी शामिल हैं.
जयपुर के गौरव तिवारी ने निचली अदालत में एक आपराधिक शिकायत पेश कर कहा था कि 'स्वयंवर' उनकी परिकल्पना थी और इस रियलिटी शो के प्रस्तुतकर्ता ने उसका मौलिक विचार हथिया कर आपराधिक कार्य किया है.
दलील
परिवादी के मुताबिक़ स्वयंवर का विचार उनके नाम कॉपीराइट एक्ट के तहत पंजीकृत है. राखी और उनके सहयोगियों ने निचली अदालत के इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देकर राहत मांगी थी.
राखी और उनके सहयोगियों के वकील समित विश्नोई ने कहा, ''अदालत ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है क्योंकि इसमें कोई सच्चाई नहीं थी कि स्वयंवर की अवधारणा पर परिवादी का हक़ है."
वकील के अनुसार उन्होंने अदालत को बताया कि परिवादी ने ही पहले ये मुद्दा सिविल कोर्ट में भी उठाते हुए स्थगन माँगा था, लेकिन उन्हें वहाँ कामयाबी नहीं मिली. ठीक उसी मुद्दे को दूसरी अदालत में उठाना उचित नहीं था.
उन्होंने कहा कि स्वयंवर की परिकल्पना रामायण काल से ही प्रचलित है. इसे कोई अपने नाम से रजिस्टर नहीं करा सकता.
राजस्थान हाई कोर्ट अब इस पर सात अगस्त को सुनवाई करेगा.
उधर, परिवादी गौरव तिवारी का कहना था की वो प्रोस्ताता कंपनी के संपर्क में था. कंपनी ने उसका विचार तो रख लिया और लेकिन बाद में उसे चलता कर दिया.
'राखी का स्वयंवर' शो की शूटिंग राजस्थान में ही चल रही है. हाई कोर्ट के इस आदेश से राखी और उनके सहयोगियों को फिलहाल राहत मिल गई है.












