विपक्षी एकजुटता के लिए नीतीश की पहल पर मिले केजरीवाल, पर पीएम उम्मीदवार पर क्या कहा?

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख नीतीश कुमार की तारीफ़ की है और कहा है कि विपक्षी पार्टियों को साथ लाने की उनकी कोशिश सराहनीय है. उन्होंने कहा है कि इस काम में वो अपना 'पूरा समर्थन' देंगे.
इससे पहले बुधवार को नीतीश कुमार ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख़ड़गे और राहुल गांधी से मुलाक़ात की थी. उन्होंने कहा कि वो अधिक से अधिक विपक्षी पार्टियों को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं.
इस दौरान बिहार के उप-मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव भी मौजूद थे.
टेलीग्राफ़ अख़बार ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है.
अख़बार लिखता है कि नीतीश से मुलाक़ात करने के बाद केजरीवाल ने कहा, "देश बेहद मुश्किल दौर से गुज़र रहा है. केंद्र में मौजूद सरकार शायद आज़ादी के बाद के दौर की सबसे भ्रष्ट सरकार है."
उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि आम आदमी का गुज़ारा करना तक मुश्किल हो गया है.
अख़बार के अनुसार, केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी की ज़रूरतें केंद्र सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा, "ये बेहद ज़रूरी है कि पूरा का पूरा विपक्ष और देश साथ आए और केंद्र की सरकार को बदले. नीतीश जी विपक्षा पार्टियों को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं. मैं पूरी तरह उनके साथ हूं."
इस दौरान केजरीवाल से सवाल पूछा गया कि क्या वो नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के पद के दावेदार के तौर पर देखते हैं. इसके उत्तर में उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में बात करना मुश्किल है, वक्त आने पर इसका जवाब भी मिलेगा.
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इस ख़बर को इंडियन एक्सप्रेस ने भी अपने पन्ने पर जगह दी है.
अख़बार लिखता है कि लोकसभा चुनावों को एक साल का वक्त रह गया है, इस बीच नीतीश कुमार ने बीजेपी-विरोधी पार्टियों को एकजुट करने के लिए पहला क़दम उठाया है और बुधवार को कांग्रेस नेताओं से मुलाक़ात की.
सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि नीतीश ने कहा है कि चुनावों से पहले एक बड़ा गठबंधन बनाने के लिए वो छह पार्टियों के नेताओं से संपर्क करेंगे. इनमें से कुछ के संबंध कांग्रेस के साथ अच्छे नहीं हैं.
अख़बार लिखता है कि नीतीश इस सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, भारत राष्ट्र समिति के चंद्रशेखर राव और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव से बात कर सकते हैं. इसके अलावा वो बीजू जनता दल के नवीन पटनायक और वाईएसआर कांग्रेस के वाईएस जगनमोहन रेड्डी से भी मुलाक़ात कर सकते हैं.
सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि कांग्रेस भी इस बीच कई पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेगी और महीने भर बाद सभी विपक्षी पार्टियों की एक बैठक हो सकती है.
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बीजेपी की प्रतिक्रिया
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने विपक्षी एकजुटता की ख़बर पर बीजेपी की प्रतिक्रिया को अख़बार में जगह दी है.
अख़बार लिखता है कि सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को विपक्षी दलों की इन कोशिश पर तंज़ कसते हुए उनके गठबंधन को "भ्रष्टाचार में डूबी पार्टियों का ठगबंधन" बताया है.
उन्होंने कहा कि "इस तरह के प्रयोग 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भी हुए थे, लेकिन ये कारगर नहीं थे. लोग जानते हैं कि इन दलों की कोई सामान्य नीति या विचारधारा नहीं है और चुनाव जीतने के लिए झूठे वादे करते हैं."
अख़बार के अनुसार, ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और अन्य पार्टियां चुनाव जीतने के लिए झूठे वादे करती हैं, लेकिन बाद में वादे पूरा नहीं करतीं और भ्रष्टाचार में लिप्त रहती हैं.

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मोदी ने गहलोत को कहा 'दोस्त', लेकिन....
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो लिंक के ज़रिए राजस्थान की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इस मौक़े पर राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत भी मौजूद थे.
ये ट्रेन जयपुर से दिल्ली कैन्ट रेलवे स्टेशन तक चलेगी और 13 अप्रैल से शुरू हो रही है.
अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस मौक़े पर गहलोत को 'दोस्त' कह कर उनका शुक्रिया अदा किया, लेकिन तंज़ कसने से भी नहीं चूके.
उन्होंने गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही राजनीतिक तनातनी की तरफ़ इशारा कर कहा कि राज्य में 'राजनीतिक उठापटक' चल रही है और गहलोत कई मुश्किलों से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी वो वंदे भारत ट्रेन के लॉन्च कार्यक्रम के लिए वक्त निकाल सके.
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेता सचिन पायलट जयपुर में अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ ये कहते हुए धरने पर बैठ गए थे कि पहले की सरकार के दौर में हुए भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है.
हालांकि मोदी इतना ही तंज़ कस कर रुक गए ऐसा नहीं हुआ. जब गहलोत ने राज्य में रेल सुविधाओं की बात की तो मोदी ने कहा कि आज़ादी के बाद ही ये काम हो जाना चाहिए था.
उन्होंने कहा, "आज़ादी के बाद भारत को रेलवे का बड़ा नेटवर्क मिला, लेकिन आधुनीकीकरण के मामले में हमेशा राजनीतिक स्वार्थ हावी रहा और अब तक इस दिशा में काम नहीं हो सका है. लेकिन अब आपने मुझ पर भरोसा दिखाया है, मैं इस दोस्ती पर आपके भरोसे के लिए आपका शुक्रिया अदा करता हूं."
अख़बार जनसत्ता के अनुसार, गहलोत ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पीएम ने आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र भाषण दिया है और ये "देशवासियों के गले नहीं उतरेगा."

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चार मुसलमानों के ख़िलाफ़ फर्ज़ी शिकायत मामले में हिंदू महासभा के लोग गिरफ़्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने गोहत्या से जुड़े एक मामले में ऑल इंडिया हिंदू महासभा के प्रवक्ता समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अप्रैल 30 तारीख़ को रामनवमी के मौक़े पर चार मुसलमान युवकों के ख़िलाफ़ पुलिस में गोहत्या की फ़र्जी शिकायत करने के मामले में इन चारों को गिरफ़्तार किया गया है.
इस मामले में बीते सप्ताह पुलिस ने इमरान क़ुरैशी और शानू नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था. इन पर भी चार मुसलमान युवकों के ख़िलाफ़ झूठी एफ़आईआर दर्ज कराने का आरोप है.
आगरा के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर आरके सिंह ने अख़बार को बताया है कि संजय सिंह, जीतेंद्र कुशवाहा, ब्रजेश भदौरिया और सौरभ शर्मा के ख़िलाफ़ मिले सबूतों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस अब इस मामले में तीन और लोगों की तलाश कर रही है. ये तीनों मुसलमान हैं. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दो मुसलमान युवकों समेत इन पांच मुस्लिम युवकों की दुश्मनी उन चार युवकों से थी जिनके नाम पर गोहत्या की फ़र्जी एफ़आईआर दर्ज कराई गई थी.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि ये आपसी रंजिश का मामला था और पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए चार लोगों के ख़िलाफ़ झूठी एफ़आईआर दर्ज कराई गई.
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हुआ क्या था?
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि रामनवमी के दिन हिंदू महासभा के नेता जीतेंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें ख़बर मिली है कि चार मुस्लिम युवक गाय काटकर उसका मीट बेचने की योजना बना रहे हैं. वो अपने दोस्तों के साथ घटनास्थल पहुंचे, लेकिन तब तक कथित तौर पर गोहत्या की योजना बनाने वाले वहां से जा चुके थे. पुलिस ने शिकायत दर्ज की जिसके बाद पुलिस ने पूछताछ, सीसीटीवी कैमरे और दूसरे सबूत जुटाए.
अख़बार लिखता है कि हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने इसकी आलोचना की है और इसे साज़िश क़रार दिया है. उन्होंने कहा है कि संगठन के नेताओं को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है.

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कोविड के मामलों में बढ़ोतरी
द हिंदू अख़बार ने एक रिपोर्ट में कहा है कि बुधवार सवेरे देश में 24 घंटों में कोविड संक्रमण के 7,830 मामले दर्ज कि गए हैं जो बीते सात महीनों में सबसे अधिक हैं.
अख़बार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से लिखा है कि "इसे अभी कोविड की लहर नहीं कहा जा सकता है, लेकिन ये कहा जा सकता है कि ये अब एन्डेमिक साइकल में आ रहा है (जब कोई संक्रमण बेहद आम होने लगता है उसे एन्डेमिक कहा जाता है)."
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड के मामलों में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन लोगों को इससे डरने की ज़रूरत नहीं है बल्कि सतर्कता बरतने की ज़रूरत है.
अख़बार लिखता है कि मंत्रालय ने कहा है, "देश में कोविड वैक्सीन की पर्याप्त खुराक मौजूद है. सरकार अभी और अधिक वैक्सीन खरीदने पर विचार नहीं कर रही है क्योंकि वो वैक्सीन बर्बाद नहीं करना चाहती. बाज़ार में भी ये उपलब्ध है और राज्य सरकारें चाहें तो ज़रूरत के अनुसार वैक्सीन खरीद सकती हैं."
कोविड से जुड़ी अपनी रिपोर्ट ने हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि फिलहाल संक्रमण के मामलों में जो बढ़ोतरी देखी जा रही है, उसका कारण कोरोना का XBB.1.16 सब-वेरिएंट है. सरकारी डेटा के अनुसार अब तक इकट्ठा किए गए खून के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चला है कि संक्रमण के लिए वायरस का XBB.1.16 सब-वेरिएंट ज़िम्मेदार है.
अख़बार लिखता है कि शुरूआती स्टडीज़ से पता चला है कि ये ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है और इसके संक्रमण के कारण व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ता.
अख़बार ने एक अनाम सरकारी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि "आईसीएमआर की स्टडीज़ में पता चला है कि इसका संक्रमण घातक स्थिति नहीं पैदा करता और ये आंकड़ा इस बात की तस्दीक करता है कि इस कारण अस्पताल में भर्तिय़ां अधिक नहीं हुई हैं और मौतों की संख्या भी कम है. बीते दिनों संक्रमण के मामलों में तेज़ी आई है और ये मामले आने वाले 8-10 दिन तक बढ़ते रह सकते हैं, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि मामलों में कमी आना शुरू हो सकता है."
वहीं इंडियन एक्सप्रेस ने एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर चंद्रकांत लहरिया के हवाले से लिखा है कि जो लोग इस कारण जोखिम में हो सकते हैं उन्हें सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाना चाहिए, इससे मामले कम होने में मदद मिलेगी.
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