कानपुर चिड़ियाघर में किस हाल में है आरिफ़ वाला सारस? तस्वीरों से जानिए

- Author, अनंत झणाणें
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
अमेठी के पास एक साल से रह रहे सारस को वन विभाग ने पहले आरिफ़ से लेकर रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार में रखा.
लेकिन बाद में आला अधिकारियों के आदेश के बाद उसे वहां से 117 किलोमीटर दूर कानपुर के चिड़ियाघर भेज दिया गया है.
बीबीसी के सहियोगी पत्रकार अरुण अग्रवाल ने कानपुर ज़ू में सारस का हाल जानने के लिए चिड़ियाघर के अधिकारियों से मुलाक़ात की, जिनसे सारस के बारे में जानकारी के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो मिले.
क्वारंटीन में है सारस
तस्वीरों और वीडियो से साफ़ नज़र आ रहा है कि सारस को एक पिंजड़े में रखा गया है.
आपको बता दें कि किसान मोहम्मद आरिफ़ ने सारस को कैद में रखने की बात से इनकार किया है. और आरिफ़ और सारस के मौजूद वीडियो में भी ऐसा नज़र आ रहा है.
चिड़ियाघर के निदेशक के. के. सिंह के मुताबिक़,"उसे 15 दिन क्वारंटीन में रखा गया है फिर 15 दिनों के बाद स्थिति की रिपोर्ट दी जाएगी. और फिर उसके बाद जो भी निर्णय होगा उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी."
खुराक बदलने की कोशिश

आरिफ़ से साथ सारस के वीडियो में वो उसकी थाली से पका पकाया खाना खाते भी नज़र आ रहा है.
सारस लगभग एक साल से आरिफ़ के साथ रहता था. ज़ू के अधिकारियों का मानना है कि फिलहाल उसका व्यवहार, खान-पान सामान्य सारस की तरह नहीं है.
ज़ू के अधिकारियों का कहना है, "अभी सारस अपना मूल आहार पर्याप्त मात्रा में नहीं ले रहा है. उसको पका भोजन खाने की आदत है. चिड़ियाघर की टीम का यह प्रयास है कि उसे नेचुरल फ़ूड की ओर डाइवर्ट करें. तो वो उसको दिया जा रहा है कि उसमें सुधार आ जायेगा.
क्या सारस को जंगल में छोड़ा जा सकता है?

आरिफ़ का दावा था कि भले ही सारस उसके साथ खाता-पीता था, बाइक पर उसका उड़ कर पीछा करता था, और उसके इर्द गिर्द मंडराता था लेकिन उसने उसे कभी भी कैद में नहीं रखा. वो एक आज़ाद पंछी था.
चिड़ियाघर के निदेशक के. के. सिंह का कहना है, "यदि पक्षी पूर्ण स्वस्थ हुआ तो उसे जंगल में छोड़ा भी जा सकता है. अगर प्राकृतिक आवास में रहने योग्य हो जाएगा तो सक्षम अधिकारी की अनुमति देकर उसे प्रकृति में छोड़ दिया जाएगा."
आपको बता दें कि वन विभाग ने आरिफ़ से दो अप्रैल को पेश होकर अपनी सफाई देने को कहा है.
उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉक्टर अरुण कुमार सक्सेना ने मीडिया में एक बयान जारी कर कहा, "आरिफ़ ने ठीक काम किया, अच्छा काम किया. जब सारस ठीक हो गया तो आरिफ़ को यह करना चाहिए था, किसी पक्षी विहार में छोड़ देते या वन विभाग को सूचित करते."
"सारस प्रदेश का राज्य पक्षी है. उसको घरों में कैद नहीं रखा जा सकता है. उसको कोई पाल नहीं सकता."
आपको बता दें कि आरिफ़ ने बार-बार मीडिया को दिए गए अपने बयानों में कहा है कि उसने सारस को कैद नहीं रखा था.
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