You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
अमृतपाल सिंह कैसे भागे - पुलिस ने बताया
'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों की खोज 18 मार्च से चल रही है. लेकिन पुलिस अभी तक उन्हें नहीं पकड़ पाई है. हालांकि उनके 150 कथित सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
वारिस पठान दे के वकील ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया कि वो पुलिस की हिरासत में हैं और कोर्ट से कहा कि पुलिस को उन्हें पेश करने के लिए कहा जाए.
इस मामले की सुनवाई अब 27 मार्च को होगी. हालांकि पुलिस का दावा है कि उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद अमृतपाल सिंह उनकी पकड़ में नहीं आए. अमृतपाल ने भागने के लिए कई अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया और आख़िर में मोटरसाइकिल से भागे.
पुलिस के मुताबिक सबसे पहले 18 मार्च को जब खोज शुरू हुई, पुलिस ने अमृतसर के खिलचिआन गांव में बैरिकेडिंग की. वहां से अमृतमाल सिंह और उनके सहयोगियों की चार गाड़ियां गुज़री थीं.
इनमें एक मर्सिडीज़, दो फोर्ड इन्डेवर और एक क्रेटा कार शामिल थी. पुलिस ने इन गाड़ियों को रोका लेकिन वो बैरिकेट तोड़ कर भाग निकसे.
सभी आसपास के पुलिस थानों कों इन गाड़ियों को पकड़ने के लिए अलर्ट किया गया.
कौन हैं अमृतपाल सिंह?
- अमृतपाल सिंह 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख हैं. वह सिखों के लिए एक स्वायत्त राज्य (खालिस्तान) को अपना लक्ष्य बताते हैं.
- कई साल दुबई में रहने के बाद वह पिछले साल अगस्त में पंजाब लौटे और अमृत संचार और नशा मुक्त आंदोलन के नाम पर युवाओं को अपने साथ जोड़ना शुरू किया.
- लेकिन वे अपने विवादित भाषणों, दरगाहों में बेंच जलाने और अजनाला थाने के सामने हिंसा के कारण विवादों में रहे.
- पिछले शनिवार से पुलिस उनका पीछा कर रही है और पंजाब में उनके समर्थकों की बड़े पैमाने पर गिरफ़्तारी हो रही है.
- अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा है कि उनके बेटे की जान को ख़तरा है.
अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल
जालंधर (देहात) के एसपी स्वर्णदीप सिंह का मुताबिक इसके बाद अमृतपाल को एक 'चॉकलेट रंग की आईसुज़ू गाड़ी में देखा गया."
उन्हें बाद जालंधर के मेहतापुर इलाके सालेमा गांव के पास एक सरकारी स्कूल के पास देखा गया. वो गाड़ी तेज़ और ख़तरनाक तरीके से गाड़ी चला रहे थे. इस गाड़ी को अमृतपाल के भाग जाने के बाद बरामद किया गया है.
इस गाड़ी से एक वॉकी टॉकी, एक .315 बोर की राइफ़ल और 57 ज़िंदा कारतूस बरामद किए गए.
आईजी (हेडक्वाटर) सुखचैन गिल के मुताबिक अमृतपाल वो एक मारूति ब्रीज़ा के बैठे. इस गाड़ी को भी बरामद किया गया. पुलिस के मुताबिक अमृतपाल ने मेहतापुर के भीड़ भाड़ वाले मार्केट से निकलने के लिए इसका इस्तेमाल किया.
गुरुद्वारे में बदले कपड़े
इसके बाद उन्होंने 15-16 किलोमीटर दूर नंगल अम्बियन गुरुद्वारा पहुंचर कपड़े बदले. पुलिस को शक है कि यहां से उन्होंने एक सहयोगी को फ़ोन किया.
इसके बाद वो इनर रिंग रोड से मोगा गए.
नंगल अम्बियन के रहने वाले भूपेंदर सिंह ने बीबीसी से कहा, "पुलिस सुबह से यहां है लेकिन अमृतपाल के यहां आने की ख़बर उनके जाने के बाद मिली. कपड़े बदलने के बाद मोटरसाइकिल पर वो निकले."
सीसीटीवी फ़ुटेज से जुड़े दावे
सोशल मीडिया पर सीसीटीवी के कुछ फ़ुटेज शेयर किए जा रहे हैं जिनमें कुछ लोग ब्रीज़ा गाड़ी से निकल मोटरसाइकिल पर बैठते दिख रहे हैं. हालांकि बीबीसी इन वीडियो की पुष्टि नहीं कर पाया है.
कुछ चैनलों पर दावा किया गया है फ़ुटेज में दिख रहा व्यक्ति अमृतपाल सिंह है. इस वीडियो में दो और लोग एक बुलेट मोटरसाइकिल पर देखे जा सकते हैं.
पुलिस अधिकारी सुखचैन गिल ने कहा है कि चार लोग - मनप्रीत, गुरदीप सिंह, हरप्रीत सिंह और गुरभाज सिंह, जिन्होंने अमृतपाल की भागने में मदद की थी, उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
ये भी पढ़ें:
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)