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अमृतपाल सिंह 'फरार', पंजाब पुलिस ने पकड़े 'वारिस पंजाब दे' के 78 लोग
- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पंजाब पुलिस ने शनिवार को 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और संगठन के दूसरे सदस्यों के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की है.
पुलिस के मुताबिक अमृतपाल सिंह अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है लेकिन अब तक कुल 78 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. अपनी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नौ हथियार भी ज़ब्त किए हैं.
पुलिस ने बताया है कि ये कार्रवाई उन लोगों के ख़िलाफ़ की जा रही है, जिन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
पुलिस की कार्रवाई को लेकर राज्य के कई हिस्सों में तनाव है. पुलिस ने कई ज़िलों में धारा 144 लागू की है और इंटरनेट को रविवार दोपहर 12 बजे तक बंद करने का एलान किया है.
पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं.
वहीं, पंजाब के कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह ने कहा है कि ये कार्रवाई कानून के तहत की जा है.
अमृतपाल सिंह फरार
पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने जालंधर ज़िले में शाहकोट मालसैन रोड पर 'वारिस पंजाब दे' संगठन के कई कार्यकर्ताओं को पकड़ा. इनमें से सात लोगों को उसी जगह से गिरफ़्तार किया गया.
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक अमृतपाल सिंह समेत कई अन्य लोग भाग निकले. उन्हें पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है.
राज्यभर में चलाए गए अभियान के दौरान नौ हथियार बरामद किए गए. इनमें एक .315 बोर की राइफ़ल, 12 बोर की सात राइफल, एक रिवाल्वर और 373 कारतूस बरामद किए गए हैं.
पुलिस प्रवक्ता ने बताया है कि वारिस पंजाब दे से जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ चार आपराधिक मामले हैं. इनमें लोगों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या की कोशिश, पुलिसकर्मियों पर हमला और पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप हैं.
उन्होंने बताया कि वारिस पंजाब के लोगों के ख़िलाफ़ अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला करने के मामले में केस दर्ज है.
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अपराध करने वाले सभी लोगों के ख़िलाफ़ क़ानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
सभी वांछित लोगों को ख़ुद को पुलिस के सामने पेश करना चाहिए. उन्हें अपने बचाव के लिए संविधान के तहत मिले क़ानूनी अधिकारों के इस्तेमाल का मौका मिलेगा.
इंटरनेट पर रोक
सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें पुलिस अमृतपाल और समर्थकों का पीछा करती नज़र आ रही है.
इस बीच, पंजाब पुलिस ने जानकारी दी है कि राज्य में कल (रविवार) दोपहर 12 तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. राज्य के कई ज़िलों में धारा 144 लगाई गई है.
पंजाब पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जारी ट्वीट में लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने को कहा गया है.
ट्वीट में कहा गया है, "पंजाब पुलिस क़ानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए काम कर रही है. नागरिकों से अनुरोध है कि वो घबराएं नहीं. फ़ेक न्यूज़ या हेट स्पीच (नफरती बयान) न फैलाएं."
क्या बोले अमृतपाल सिंह के पिता?
अमृतपाल सिंह के गांव जल्लूपुर खेड़ा में पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. अमृतपाल सिंह के घर के बाहर भी सुरक्षा कड़ी है.
अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा, "हमारे घर पर कई घंटों तक पुलिस का ऑपरेशन चला, ये सब राजनीति की आड़ में किया जा रहा है. मुझे नहीं पता कि अमृतपाल कहां है?"
बीबीसी पंजाबी के सुरिंदर मान के मुताबिक, शाहकोट में भारी पुलिस बल मौजूद है और जगह-जगह पुलिस नाकाबंदी देखी गई.
लुधियाना के सिधवां बेट में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ देखी गई।
लोगों की भीड़ ने सिधवां बेट के पास पुल को जाम कर दिया, इलाके में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं.
अमृतपाल के समर्थकों ने मोहाली में सड़क जाम कर दी. उन्होंने गुरुद्वारा सोहना साहिब के पास जाम लगाया.
चर्चा में अमृतपाल
अमृतपाल सिंह ने बीते दिनों अपने साथी को छुड़ाने के लिए पंजाब के अजनाला में थाने का घेराव किया था.
उस दौरान काफ़ी हंगामा देखने को मिला था.
अमृतपाल सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे थे. इनमें कुछ के पास बंदूकें और तलवारें भी थीं.
अमृतपाल की तुलना अक्सर 1984 के ऑपरेशन ब्लूस्टार में मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाले से की जाती है.
कुछ उन्हें भिंडरावाले 2.0 का भी नाम देते हैं.
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