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ऑस्ट्रेलियाई पीएम के सामने ही पीएम मोदी ने कहा- मंदिरों पर हमले हो रहे हैं
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के सामने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले की ख़बरें लगातार आ रही हैं.
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज के साथ मीडिया के सामने साझा बयान जारी कर रहे थे, तभी उन्होंने यह बात कही.
ऑस्ट्रेलियाई पीएम भारत के चार दिवसीय दौरे पर होली के दिन यानी आठ मार्च को अहमदाबाद पहुँचे थे.
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए कहा, ''यह खेद का विषय है कि पिछले कुछ सप्ताहों से ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमलों की ख़बरें नियमित रूप से आ रही हैं. स्वाभाविक है कि ऐसे समाचार भारत में सभी लोगों को चिंतित करते हैं. हमारे मन को व्यथित करते हैं. हमारी इन भावनाओं और चिंताओं को मैंने प्रधानमंत्री अल्बनीज के समक्ष रखा और उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा उनके लिए विशेष प्राथमिकता है.''
पीएम मोदी ने कहा कि इस विषय पर हमारी टीमें नियमित संपर्क में रहेंगी और यथासंभव सहयोग करेंगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''भारतीय प्रवासी अब ऑस्ट्रेलिया में दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है. भारतीय प्रवासी समुदाय ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था के विकास में अहम योगदान दे रहा है. पिछले साल लागू हुए कारोबारी समझौत से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के बेहतर अवसर खुले हैं. हमारी टीमें कॉम्परहेंसिव इकनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट पर भी काम कर रही हैं.''
इससे पहले राष्ट्रपति भवन में पत्रकारों से बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा था, ''भारत में गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूँ. ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों बेहतरीन दोस्त हैं. हम दोनों साझेदार हैं और इस साझेदारी को हर दिन और मज़बूत कर रहे हैं. हम क्रिकेट के मैदान में एक दूसरे का सामना कर रहे हैं लेकिन हमारा साथ बेहतर दुनिया के लिए है.''
इसी साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के कई मंदिरों पर हमले हुए थे. इनमें खालिस्तान समर्थक संगठनों का नाम भी आया था.
जनवरी-फ़रवरी में पहले तीन हिंदू मंदिरों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं. फिर कथित 'खालिस्तान जनमत संग्रह' के दौरान मारपीट की दो घटनाएं और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं की ओर से जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर को बिगाड़ने की नाकाम कोशिश हुई थी.
इन हमलों के बाद मेलबर्न में ये मांग भी उठी थी कि उन कारोबारियों का बहिष्कार किया जाए, जो खालिस्तान का समर्थन करते हैं. मेलबर्न में भारतीयों की बड़ी आबादी रहती है और यहाँ रहने वालों में सबसे ज़्यादा सिख और पंजाबी शामिल हैं.
ऑस्ट्रेलिया स्थित भारतीय दूतावास ने जनवरी महीने में ऑस्ट्रेलिया में तीन मंदिरों में हुए हमले की निंदा की थी.
दूतावास की ओर से जारी बयान में इन हमलों को चिंताजनक बताते हुए कहा गया है कि जिस तरह से मंदिरों में तोड़-फोड़ करने के बाद भारत विरोधी नारे लिखे गए, वह भारत विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने की कोशिश लग रही है.
पीएम मोदी ने और क्या कहा?
- पिछले साल लागू हुए व्यापार समझौते ईसीटीए से दोनों देशों के बीच ट्रेड और निवेश के बेहतर अवसर खुले हैं.
- हमारी टीमें कॉम्प्रेहेंसिव इकोनॉमिक एग्रीमेंट पर भी काम कर रही हैं.
- रक्षा के क्षेत्र में हमने पिछले कुछ सालों मे उल्लेखनीय समझौते किए हैं, जिनमें एक दूसरे की सेनाओं के लिए सहयोग भी शामिल है.
- हमारी सुरक्षा एजेंसियों के बीच भी नियमित और उपयोगी सूचना का आदान-प्रदान है और हमने इसे और सुदृढ़ करने पर चर्चा की.
- हमारे युवा सैनिकों के बीच संपर्क और मित्रता बढ़ाने के लिए हमने जनरल रावत ऑफिसर्स एक्सचेंज प्रोग्राम की स्थापना की है, जो इसी महीने शुरू हुई है.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने क्या कुछ कहा?
- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग बढ़ेगा. पीएम मोदी आपके स्वागत के लिए आपका शुक्रिया.
- ऑस्ट्रेलिया-भारत के बीच टास्क फोर्स बनाने का फ़ैसला हुआ है.
- न्यू माइग्रेशन डील भी हुई है, जिससे लोगों को मदद मिलेगी.
- नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जाकर अच्छा लगा. स्टेडियम बहुत अच्छा बना है.
भारत में इन दिनों ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के टेस्ट मैच चल रहे हैं. अहमदाबाद में 9 मार्च को दोनों टीमें जब चौथा टेस्ट मैच खेलने उतरी थीं, तब दोनों देशों के प्रमुख भी मैदान पर मौजूद थे.
मैच शुरू होने से पहले दोनों नेताओं ने एक रथ पर सवार होकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया था.
अल्बनीज़ ने इस स्वागत की तारीफ़ भी की है और अपने सोशल मीडिया पर मौक़े की तस्वीरें साझा करते हुए आभार जताया है.
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