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पुलवामा में हत्या को लेकर विपक्ष के सवाल, कश्मीरी पंडितों के संगठन ने बुलाई हड़ताल
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए, श्रीनगर से
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में रविवार को एक कश्मीरी पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान संजय शर्मा के रूप में हुई है, जो एक स्थानीय बैंक में गार्ड का काम करते थे.
संजय शर्मा पर उस वक़्त हमला किया गया, जब वो अपने गाँव अचण के बाज़ार में थे.
पुलिस ने इस हत्या के लिए चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है. पुलिस ने बताया है कि गोली लगने के बाद संजय शर्मा को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्होंने दम तोड दिया.
संजय शर्मा उन चुनिंदा कश्मीरी पंडितों में से थे, जिन्होंने कश्मीर से विस्थापन नहीं किया और पुलवामा में ही अपने गाँव अचण में रहते थे.
वहीं इस हत्या के बाद कश्मीरी पंडितों के संगठन ने सोमवार को हड़ताल की अपील की है.
समिति के अध्यक्ष संजय टिक्कू के हवाले से जारी एक बयान में कहा है, ''कश्मीरी समाज के ख़िलाफ़ आतंकवादियों की हो रही क्रूरता ख़ासकर 'टारगेट किलिंग' के विरोध में कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति कल हड़ताल की अपील करती है.''
दक्षिण कश्मीर के डीआईजी रईस मोहम्मद भट्ट ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ''यह घटना सुबह क़रीब 10:30 बजे की है. अल्पसंख्यक समुदाय के एक सदस्य पर आतंकवादियों ने उस समय गोली चलाई, जब वह अपनी पत्नी के साथ बाज़ार जा रहे थे. हम आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं और जल्द से जल्द उन्हें ख़त्म कर देंगे.
वहीं कश्मीर पुलिस के आईजी ने एक ट्वीट में लिखा, ''घाटी में शांति लाने के हमारे प्रयासों को महिलाओं, बच्चों, निहत्थे पुलिसकर्मियों और बाहरी मजदूरों सहित बेगुनाहों को निशाना बनाकर आतंकवादी रोक नहीं सकते. कश्मीर के सभी तीनों इलाक़ों में, ख़ासकर विदेशी आतंकियों के ख़िलाफ़ आतकंवाद विरोधी हमारा अभियान एक साथ जारी रहेगा.''
कश्मीर ज़ोन की पुलिस ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में इस घटना के बारे में बताया है.
उसने पहले ट्वीट में लिखा, ''आतंकवादियों ने अल्पसंख्यक तबके के एक शख़्स संजय शर्मा (पुत्र- काशीनाथ शर्मा, निवासी- अचण, पुलवामा) पर बाज़ार जाते समय गोलीबारी कर दी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन घायल होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है.''
राजनीतिक दलों ने की घटना की निंदा
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित कई राजनीतिक दलों ने इस घटना की निंदा की है.
राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक बयान जारी करके कहा है, "मैं संजय शर्मा पर हुए कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हूं. शोकाकुल परिवार के साथ मेरी हर्दिक संवेदनाएं हैं. प्रशासन ने आतंकवादियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दी है. आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी."
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में इस घटना की निंदा करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है.
उन्होंने लिखा, "दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के अचण के संजय शर्मा की मौत की ख़बर सुनकर मुझे बहुत दुःख हुआ. संजय बैंक में गार्ड के रूप में काम कर रहे थे और आज सुबह एक चरमपंथी हमले में मारे गए. मैं इस हमले की सख़्त निंदा करता हूं और उनके शुभचिंतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं."
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने अपने ट्वीट में लिखा, "हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. भारत सरकार जम्मू और कश्मीर में अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रही है और उन्हें लाचार बना दिया है. सामान्य हालात होने के दिखावे की यहां हर कोई क़ीमत चुका रहा है. उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं."
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ''इस हत्या की जितनी निंदा की जाए वो कम है. ऐसी हरकतों से केवल एक पार्टी के एजेंडे को फ़ायदा होता है. बीजेपी की सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम हो गई है. जब भी ऐसे हादसे होते हैं तब वो इसका नाजायज फायदा उठाते हैं कि देखो मुसलमान कैसे हैं?''
वहीं जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद लोन ने भी इस घटना की निंदा की है.
उन्होंने लिखा, "संजय पंडित की नृशंस और कायराना हत्या की निंदा करता हूं. मुझे अचरज है कि वे ठग ऐसा करके क्या हासिल करेंगे? जिन्होंने कश्मीर में ही रहने का फ़ैसला किया या जो लौट आए, उन बेग़ुनाहों को मारने वाले कश्मीरियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं. संजय के परिजन के लिए मेरी दुआएं हैं."
जम्मू कश्मीर की बीजेपी इकाई के प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने भी इस घटना की निंदा की है.
उन्होंने कहा, "मैं संजय शर्मा की हत्या की निंदा करता हूं. आतंकवादियों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि किसी इंसान की ज़िंदगी उनके लिए कोई मायने नहीं रखती. ग़ुनहगारों को बहुत जल्द उनके किए की सज़ा मिलेगी. किसी को भी शांति भंग करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी."
बीते वर्ष भी घाटी में कई कश्मीरी पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसके बाद कश्मीरी पंडितों ने इसके विरोध में लंबा आंदोलन किया था.
कश्मीरी पंडितों के संगठन ने बुलाई हड़ताल
वहीं कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति ने इस हत्या के बाद सोमवार को हड़ताल की अपील की है.
समिति के अध्यक्ष संजय टिक्कू के हवाले से जारी एक बयान में कहा, ''कश्मीरी समाज के ख़िलाफ़ आतंकवादियों की हो रही क्रूरता ख़ासकर 'टारगेट किलिंग' के विरोध में कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति कल हड़ताल की अपील करती है.''
समिति ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस हड़ताल के पक्ष में लोग सहयोग देंगे और शांति से इसका आयोजन किया जाएगा.
इस समिति ने इस घटना की आलोचना करते हुए सरकार पर निशाना भी साधा है. एक अन्य ट्वीट में संगठन ने लिखा, ''कश्मीर पंडितों के लिए यह दुनिया की सबसे ख़तरनाक जगह बनती जा रही है.''
कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति ने सरकार पर तंज़ भी कसा है.
उसने कहा है, "सरकार से कश्मीर की 75 लाख आबादी तो संभल नहीं रही, लेकिन वह पाक अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में राज करने के ख्वाब पाल रही है."
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