You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
फ़ारुक़ अब्दुल्ला के 'हत्याएं नहीं रुकेंगी' वाले बयान पर मनोज सिन्हा का जवाब
जम्मू और कश्मीर में मंगलवार को चरमपंथी हमले में यूपी के दो मज़दूरों और एक कश्मीरी पंडित की हत्या मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है.
जहां जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने राज्य में सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया है वहीं उप राज्यपाल ने जवाब देते हुए कहा है कि आख़िरी सांस तक आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई चलती रहेगी.
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, ''मुझे दुख है कि कुछ लोग इन आतंकवादियों के शिकार हुए हैं. लेकिन आज मैं आपसे ज़रूर कहूंगा कि आतंकवाद समूल जम्मू-कश्मीर में समाप्त हो इसकी हर कोशिश अंतिम सांस तक की जाएगी.''
उन्होंने दावा किया कि आंतकी संगठनों के सरपरस्तों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. इकोसिस्टम किस तरह से समाप्त हो इसकी कोशिश की जा रही है. अब दूसरे देश के इशारे पर जम्मू-कश्मीर में बंदी नहीं होती है.
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सोमवार को चरमपंथियों के ग्रेनेड हमले में उत्तर प्रदेश के दो मज़दूरों की मौत हो गई थी. इनका नाम मोनीश कुमार और राम सागर था और वो कन्नौज के रहने वाले थे.
इससे पहले पिछले हफ़्ते शनिवार को शोपियां में ही चरमपंथियों की गोलीबारी में एक कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट की मौत हो गई थी.
फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने धारा 370 हाटने पर उठाया सवाल
इन हत्याओं पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुख़ अब्दुल्ला ने कहा, ''जब तक न्याय नहीं मिलता ये नहीं रुकेगा. पहले उन्होंने कहा था कि ये हत्याएं धारा 370 के कारण हो रही हैं. लेकिन, अब वो हट गया है तो ये हत्याएं क्यों नहीं रुक रही हैं? कौन ज़िम्मेदार है?''
उन्होंने दो गैर-कश्मीरियों की हत्या पर कहा, ''मुझे ये ख़बर सुनकर बेहद दुख हुआ और धक्का लगा. इस हमले की निंदा करने के लिए शब्द तक नहीं हैं. मैं पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.''
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके इन हत्याओं की निंदा की. उन्होंने कहा, ''कश्मीर में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ एक और अस्वीकार्य हमला. मोनिश कुमार और राम सागर के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं.''
पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट किया, ''ये जानकर दुख हुआ कि हमले में दो मज़दूरों की हत्या हो गई है. जम्मू-कश्मीर में रहने वालों के लिए कोई सुरक्षा और सम्मान नहीं है. इन मसलों का समाधान तभी होगा जब भारत सरकार इन्हें स्वीकार करेगी.''
जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ़ बुखारी ने ट्वीट किया, ''शोपियां में दो मज़दूरों की हत्या से बेहद सदमे में हूं. मैं हिंसा के इस जघन्य और घृणित कृत्य की निंदा करता हूं. हिंसा का ये दुष्चक्र अब रुकना चाहिए. हमले के अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए.''
मनोज सिन्हा ने क्या कहा
इन हत्याओं पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, ''मुझे इस बात का संतोष है कि पिछले दो ढाई वर्षों में किसी भी एक बेगुनाह आदमी की जान पुलिस या सुरक्षा बलों की गोली से नहीं गई है. अगर कहीं संदेह पैदा हुआ है तो उस पर जो सख़्त से सख़्त कार्रवाई हो सकती थी वो करने की कोशिश की गई."
"अगर मैं आंकड़े बताऊंगा तो लोगों के होश उड़ जाएंगे. अगर में प्रतिशत की बात करूं तो 2016 से 2019 और 2019 से 2022 के बीच लगभग आंकड़े आधे हो गए हैं. लेकिन लोगों की अपेक्षा हमसे दूसरी है. लोगों की अपेक्षा है कि वो घटना भी नहीं होनी चाहिए.''
''आंतकी संगठनों के सरपरस्तों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. ख़ुफ़िया सूचना आधारित अभियानों की संख्या बढ़ी है. इकोसिस्टम किस तरह से समाप्त हो इसकी कोशिश की जा रही है. अब दूसरे देश के ईशारे पर जम्मू-कश्मीर में बंदी नहीं होती है."
उन्होंने कहा कि आम आदमी अमन-चैन से रोजी रोटी कमाए, इसकी व्यवस्था करने में सरकार सफल रही है. उप राज्यपाल ने कहा कि आतंकी फंडिंग और भर्ती पर काफी हद तक अंकुश लगा है.
मनोज सिन्हा ने कहा कि 'सपोर्ट सिस्टम को चलाने वाले लोगों के ताबूत में आखिरी कील भी ठोंकी जाएगी.'
उन्होंने कहा, "मुझे दुख है कि कुछ लोग इन आतंकवादियों के शिकार हुए हैं. लेकिन आज मैं आपसे ज़रूर कहूंगा कि आतंकवाद समूल जम्मू-कश्मीर में समाप्त हो इसकी हर कोशिश अंतिम सांस तक की जाएगी.''
चरमपंथी को मारने का दावा
कश्मीर पुलिस ने आज यानी बुधवार को दावा किया है कि यूपी के दो मज़दूरों पर ग्रेनेड फेंकने वाले चरमपंथी इमरान बशीर जानी की शोपियां में मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई है. इमरान बशीर को चरमपंथी संगठन लश्कर ए-तैयबा का सदस्य बताया जा रहा है.
कश्मीर ज़ोन पुलिस ने ट्वीट कर के इसकी जानकारी दी है. इससे पहले कश्मीर ज़ोन पुलिस ने मंगलवार को बशीर को गिरफ़्तार कर लिया था
हालांकि, पुलिस ने ये भी दावा किया है कि मुठभेड़ में दूसरे चरमपंथी की ओर से चलाई गई फ़ायरिंग में इमरान बशीर की मौत हुई है.
कॉपी - कमलेश
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)