श्रद्धा वालकर हत्या केस: आफ़ताब पूनावाला के बारे में चार्जशीट में पुलिस ने क्या कहा - प्रेस रिव्यू

आफताब और श्रद्धा

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, आफताब और श्रद्धा

श्रद्धा वालकर के मर्डर केस से जुड़ी नई जानकारियां सामने आई हैं.

द हिंदू समेत कई अखबारों ने इस ख़बर को जगह दी है. श्रद्धा की हत्या के अभियुक्त आफ़ताब पूनावाला पर दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है.

इस चार्जशीट में पुलिस ने कहा है कि आफ़ताब ने श्रद्धा के शव के 17 टुकड़े किए और इन टुकड़ों को अपने छतरपुर वाले घर में रसोई में बनी अलमारी और फ्रिज में तीन हफ़्तों तक रखा.

पुलिस के मुताबिक़, श्रद्धा की हत्या के बाद जब किसी डेटिंग ऐप के ज़रिए मिली कोई लड़की आफ़ताब के घर आती तो वो श्रद्धा के शरीर के टुकड़े कभी फ्रिज तो कभी रसोई की अलमारियों में रख देता.

पुलिस की चार्जशीट पर मंगलवार को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने संज्ञान लिया है. ये चार्जशीट क़रीब 6,600 पन्नों की है.

चार्जशीट के मुताबिक़, जब कोई लड़की आफ़ताब से मिलने आती तो वो शव के टुकड़ों को फ्रिज से निकालकर कभी रसोई में छिपाता तो कभी कहीं और. जब लड़की आफ़ताब के फ्लैट से चली जाती तो आफ़ताब शव के टुकड़ों को दोबारा फ्रिज में रख देता.

ये मर्डर केस मई 2022 का है, जिसके बारे में पुलिस को बीते साल नवंबर में पता चला था. आफ़ताब ने श्रद्धा के शवों के टुकड़े कई दिनों तक दिल्ली की अलग-अलग जगहों पर फेंके थे.

दिल्ली के इसी फ्लैट में रहते थे आफताब और श्रद्धा

इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty

इमेज कैप्शन, दिल्ली के इसी फ्लैट में रहते थे आफताब और श्रद्धा

इन टुकड़ों को खोजकर डीएनए टेस्ट किया गया जिसके बाद श्रद्धा वालकर की पहचान पुख्ता हुई. अख़बार लिखता है कि आफ़ताब ने श्रद्धा के शव से अंगूठी निकाल ली थी और ये अंगूठी उसने किसी दूसरी महिला दोस्त को तोहफ़े में दी थी.

पुलिस ने ये अंगूठी उस महिला से बरामद कर ली गई है.

द इंडियन एक्सप्रेस भी चार्जशीट के हवाले से लिखता है कि 18 मई 2022 को मर्डर के बाद आफ़ताब ने श्रद्धा की हड्डियों को स्टोन ग्राइंडर में पीसा और पाउडर बनाकर उसे ठिकाने लगाया. चार्जशीट कहती है कि पुलिस की पूछताछ में आफ़ताब ने ये बातें स्वीकार की हैं.

चार्जशीट में ये भी बताया गया है कि हत्या के दिन आफ़ताब ने दो लोगों के लिए खाना ऑर्डर किया था मगर हत्या की रात सिर्फ़ एक चिकन रोल ऑर्डर किया था. इस जानकारी के हवाले से कहा गया है कि रात को श्रद्धा की हत्या की जा चुकी थी.

अभियुक्त आफ़ताब के वकील ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है और कहा है कि ट्रायल के दौरान हम अपना केस मज़बूती के साथ लड़ेंगे.

श्रद्धा और आफ़ताब लिव-इन-रिलेशनशिप में थे और मुंबई से दिल्ली आकर रह रहे थे. आफ़ताब की उम्र 28 साल और श्रद्धा की उम्र 27 साल बताई गई थी. दोनों हत्या से कुछ दिन पहले ही महरौली के छत्तरपुर इलाक़े में एक फ्लैट में किराए पर रहने आए थे.

आईआईटी दिल्ली

इमेज स्रोत, Vipin Kumar/HT via Getty

JEE रिजल्ट: जुड़वां भाइयों का कमाल

जेईई के पहले सत्र का रिज़ल्ट सामने आ गया है. इस रिज़ल्ट में क़रीब 20 बच्चे ऐसे रहे हैं, जिन्होंने इस परीक्षा में 100 फ़ीसदी नंबर हासिल किए हैं.

इन सफल स्टूडेंट्स में यूपी के हापुड़ ज़िले के जुड़वां भाई भी शामिल हैं. इन भाइयों में से एक निपुण ने 100 में से 100 और निकुंज ने 100 में से 99.99 नंबर हासिल किए हैं. ये दोनों भाई इस साल 12वीं क्लास की परीक्षा देंगे.

हिंदुस्तान टाइम्स ने इन दोनों भाइयों से बात की है.

निपुण ने कहा, "आईआईटी हमारे लिए नए मौक़ों का रास्ता खोलती है. हम पहले ही कोई सोच बनाकर नहीं चल रहे कि हम आगे क्या करेंगे. सिविल की तैयारी या कुछ और, हमारे करियर में जो भी सामने आएगा, हम उसे एक्सप्लोर करेंगे."

निपुण और निकुंज ने 10वीं क्लास की परीक्षा में भी कमाल किया था और दोनों टॉपर रहे थे.

कोलकाता में प्राइड वॉक की एक तस्वीर

इमेज स्रोत, Future Publishing

ट्रांसजेंडर्स के लिए आरक्षण पर सरकार का जवाब

ट्रांसजेंडर्स को लेकर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आई है. मंगलवार को लोकसभा में सरकार ने इस बारे में जानकारी दी है.

संसद में पूछे एक सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से बताया गया कि शिक्षा, रोज़गार के क्षेत्र में ट्रांसजेंडर्स को लेकर किसी तरह के आरक्षण को लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़, महाराष्ट्र के कई सांसदों ने इस बारे में सवाल पूछा था कि क्या कोई ऐसी योजना है कि ट्रांसजेंडर्स को किसी तरह का आरक्षण मुहैया करवाया जाएगा?

इसके साथ ये भी पूछा गया था कि सरकार और प्राइवेट सेक्टर में कितने ट्रांसजेंडर्स को नौकरी दी गई? नेशनल पोर्टल फ़ॉर ट्रांसजेंडर्स में कितने ट्रांसजेंडर्स ने ख़ुद को रजिस्टर किया और उनके साथ होते भेदभाव से निपटने के लिए क्या पॉलिसी है?

इन सवालों के जवाब में सरकार ने कहा,

  • सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में ट्रांसजेंडर्स की नौकरी से जुड़ा कोई आंकड़ा नहीं है.
  • नेशनल पोर्टल में अब तक क़रीब 10 हज़ार 635 लोगों ने रजिस्टर किया है.
  • ट्रांसजेंडर्स के साथ भेदभाव के ख़िलाफ़ पहले से क़ानून मौजूद है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)