दो रूसी पर्यटकों की ओडिशा में 'रहस्यमय परिस्थितियों में मौत' पर उठ रहे ये सवाल

    • Author, संदीप साहू
    • पदनाम, ओडिशा से, बीबीसी हिंदी के लिए

रूस के सांसद और बिज़नेसमैन पावेल एंतोव की पोस्टमॉर्टम के मुताबिक़ उनकी मौत गिरने से लगी अंदरूनी चोट की वजह से हुई जबकि उनके साथी व्लादिमीर बेदेनोव की मौत हार्ट अटैक से हुई है. पुलिस ने ये जानकारी बुधवार को दी.

दक्षिण ओडिशा के रायगड़ा शहर के एक होटल में दो दिनों के भीतर दो रूसी पर्यटकों की मौत की वजह को लेकर सस्पेंस लगातार बरक़रार है.

ओडिशा सरकार ने इस मामले में सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं. वहीं मानवाधिकार आयोग ने भी इस पर संज्ञान लिया है और केस दर्ज किया है. लेकिन एक ही होटल में ठहरे इन दो रूसी पर्यटकों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ रहा है.

दो रूसी पर्यटक- व्लादिमीर बेदेनोव (61) और उनके साथी पावेल एंटव (65) रायगड़ा शहर के साई इंटरनेशनल होटल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत पाए गए थे.

बेदेनोव 22 दिसंबर की सुबह होटल के कमरे में बेहोश पाए गए थे. उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

इसके दो दिन बाद शनिवार की शाम को बेदेनोव के मित्र और रूसी सांसद पावेल एंटव को होटल के कर्मचारियों ने ख़ून से लथपथ पाया. उनकी भी मौत हो चुकी थी.

बताया गया कि एंटव की मौत होटल की खिड़की से नीचे छत पर गिरने से हुई. लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि होटल के किसी कर्मचारी ने गिरने की कोई आवाज़ नहीं सुनी.

चूंकि मामला दो विदेशी पर्यटकों की मौत का है तो ओडिशा सरकार ने इसे राज्य की क्राइम ब्रांच को सुपुर्द कर दिया है.

क्राइम ब्रांच ने बुधवार को घटनास्थल पर पहुंच कर अपनी जांच शुरू की है.

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा

इन दोनों रूसी पर्यटकों की मौत का मामला भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा में है. इसके पीछे एक और बड़ा कारण ये भी है कि सांसद एंटव ने रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर आलोचना भी की थी.

लंदन के डेली मेल ने उन्हें पुतिन का कट्टर विरोधी बताया है. वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी अपने लेख में 'यूक्रेन के कीएव पर मिसाइल हमले पर एंटव की आलोचना' का ज़िक्र किया है.

हालांकि कोलकाता स्थित रूसी कॉन्सुलेट के एक प्रवक्ता ने इन दो रूसी पर्यटकों की मौत में किसी तरह के "फ़ाउल प्ले" की संभावना से इनकार किया है.

जांच में अब तक क्या क्या हुआ?

इन दोनों (मृतक) के साथ आए रूसी दंपति तुरोव और नतालिया और ट्रैवल एजेंट जितेंद्र सिंह से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है.

इन तीनों को रायगड़ा से भुवनेश्वर लाया गया था. क्राइम ब्रांच के आईजी अमितेंद्र नाथ सिंह ने देर रात तक उनसे पूछताछ की.

बुधवार को तीनों को क्राइम ब्रांच के मुख्यालय कटक ले जाया गया, जहां वरिष्ठ अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं.

ट्रैवल एजेंट ने क्या बताया?

व्लादिमीर बेदेनोव और पावेल एंटव अपने दो अन्य साथियों - मिखाइल तुरोव (63), उनकी पत्नी नातालिया पानासेंको और दिल्ली के एक ट्रैवल एजेंट के साथ दक्षिणी ओडिशा के आदिवासी इलाकों में भ्रमण के लिए बीते सोमवार (19 दिसंबर) को दिल्ली से भुवनेश्वर पहुंचे थे.

ट्रैवल एजेंट जितेंद्र सिंह के अनुसार, अगले दिन वे यहां से कंधमाल ज़िले के हिल स्टेशन दारिंगबाड़ी के लिए रवाना हुए थे. दारिंगबाड़ी में घूमने के बाद बुधवार की शाम क़रीब पांच बजे वे रायगड़ा पहुंचे और होटल साई इंटरनेशनल में चेक इन किया.

ट्रैवल एजेंट जितेंद्र सिंह ने कहा, "गुरुवार (22 दिसंबर) को हम कोरापुट जाने वाले थे. लेकिन हमारे निकलने से पहले ही सुबह अचानक ख़बर मिली की बेदेनोव अपने कमरे में बेहोश पड़े हैं. हम उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी."

उन्होंने बताया की बेदेनोव ओडिशा पहुंचने के बाद से ही काफ़ी शराब पी रहे थे और जब उन्हें कमरे में बेहोशी की हालत में पाया गया, तब उनके कमरे में इस्तेमाल की गई शराब की बोतलें पाई गईं.

पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बेदेनोव की मौत हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) के कारण हुई.

लेकिन एंटव की मौत के कारण को लेकर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है. एक संभावना यह जताई जा रही है कि अपने मित्र की मौत से लगे गहरे धक्के के कारण उन्होंने छत से नीचे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली.

दूसरा यह कि उन्होंने शायद अधिक शराब पी ली थी और पैर फिसल जाने के कारण वे गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. लेकिन ये दोनों ही महज़ अटकलें हैं.

दोनों शवों को जलाने पर उठ रहे सवाल

इन दोनों रूसी पर्यटकों के शवों को जलाए जाने पर भी काफ़ी सवाल उठ रहे हैं.

रूसी राजनेता पावेल एंटव की ओडिशा के एक होटल में हुई मौत पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सवाल उठाए हैं.

मनीष तिवारी ने पावेल एंटव की मौत को अप्राकृतिक बताया है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या या दुर्घटनावश छत से गिरने का मामला बता रही है.

मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा, "रूसी ओलिगार्क (कुलीन)... युद्ध के आलोचक... ऑफ़ बीट होटल... सुविधाजनक खिड़की... गिरना... मौत... दो दिन पहले सहयोगी की मौत... वही होटल... दोनों का अंतिम संस्कार भारत में हुआ... ईसाई होने के बावजूद नहीं दफ़नाए गए... शव रूस नहीं भेजे गए. अगर ये अप्राकृतिक नहीं है तो मैं कभी लॉ स्कूल गया ही नहीं."

लेकिन डी आई जी राजेश पंडित के अनुसार, दोनों के परिवार तथा रूसी दूतावास के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में और नियम के अनुसार ऐसा किया गया.

फ़ोर्ब्स की लिस्ट में शामिल थे एंतोव

एंटव मॉस्को के पूर्व में स्थित व्लादिमीर शहर के एक जाने माने शख़्स और अरबपति थे.

पावेल एंटव का व्लादिमीर की प्रांतीय विधानसभा में एक अहम किरदार था. वो कृषि और पर्यावरण से जुड़ी एक कमेटी के अध्यक्ष थे.

प्रांतीय विधानसभा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव कार्तुखिन ने कहा कि उनकी मौत 'दुखद परिस्थितियों' में हुई.

रूस की मीडिया में एंटव की मौत की ख़बर के बारे में लिखा गया है कि 'रायगड़ा शहर के एक होटल की खिड़की से गिरने से उनकी मौत हो गई'.

शुक्रवार को ही होटल में एंटव के एक अन्य साथी की मौत भी हुई थी. उनका नाम व्लादिमीर बेदेनोव है.

पावेल एंटव ने 2019 में मीट प्रोसेसिंग प्लांट व्लादिमीर स्टैंडर्ड शुरू की थी.

फ़ोर्ब्स ने रूस के सबसे अमीर सांसदों की जो सूची जारी की थी उसमें अपनी 140 मिलियन डॉलर की पूंजी के साथ एंतोव भी शामिल थे.

क्या एंटव ने यूक्रेन में चल रहे युद्ध का विरोध किया था?

बीबीसी संवाददाता पॉल किर्बी

रूस के यूक्रेन पर किए हमले के बाद ऐसे कई लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई जिन्होंने इस हमले की आलोचना की थी.

अरबपति एंटव की मौत इसी सिरीज़ में सबसे ताज़ा मामला है.

एंटव ने कथित रूप से यूक्रेन पर रूस के हमले की आलोचना की थी. हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था. इस बयान को लेकर ही उन्हें पुतिन का आलोचक माना जाने लगा था.

बीती गर्मियों में एंटव ने इस बात का खंडन किया था कि उन्होंने यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस के छेड़े युद्ध की आलोचना की है. उन्होंने इस आलोचना से जुड़ा मैसेज एक व्हाट्सऐप ग्रुप में डाला था.

इसी साल जून में एंटव ने रूस के यूक्रेन पर मिसाइल हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. वो हमला कीएव के एक रिहायशी इलाके में किया गया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और उनकी सात साल की बेटी और पत्नी घायल हो गई थीं.

एंटव के व्हाट्सऐप अकाउंट से यह बताया गया था कि कैसे उनके परिवार को मलबे से निकाला गया और ये भी लिखा गया कि "इस सब को आतंक के सिवा और कुछ कहना मुश्किल होगा."

बाद में उस मैसेज को डिलीट कर दिया गया और एंटव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि वो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थक हैं - 'जो कि मेरे देश के राष्ट्रभक्त हैं' और उन्होंने युद्ध का समर्थन किया था.

उनका व्हाट्सऐप मैसेज उस शख़्स की ओर से आया जिनके 'यूक्रेन में चल रहे सैन्य अभियान' से जुड़े विचारों से वो (एंटव) पूरी तरह से असहमत थे, जैसा कि उन्होंने (एंतोव ने) तब बताया था.

उन्होंने कहा था कि 'ये उनके व्हाट्सऐप ग्रुप पर जान-बूझ कर नहीं डाला गया था.'

हालांकि, यूक्रेन के साथ फ़रवरी 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद से कई जाने-माने रूसी उद्योगपतियों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हुई है.

एक सितंबर 2022 को रूसी तेल कंपनी लुकॉयल (Lukoil) के प्रमुख राविल मागानोव की मॉस्को के एक अस्पताल की खिड़की से गिरने से मौत हो गई थी.

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