सुखविंदर सिंह सुक्खू: छात्र नेता से हिमाचल के मुख्यमंत्री तक का सफ़र

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सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे. वहीं मुकेश अग्निहोत्री उपमुख्यमंत्री बनेंगे.
शनिवार को शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री के नाम का एलान किया गया. अब ये दोनों रविवार को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
छात्र नेता के रुप में राजनीति शुरु करने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू चौथी बार विधायक बने हैं. वो प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं लेकिन कभी प्रदेश सरकार में मंत्री नहीं रहे हैं.
हिमाचल प्रदेश में विधायक दल का नेता चुनने के लिए कांग्रेस ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ऑब्जर्वर नियुक्त किया था.
हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 नवंबर को वोट डाले गए थे और नतीजों का एलान आठ दिसंबर को हुआ. कांग्रेस को 40 और बीजेपी को 25 सीटें हासिल हुईं. तीन निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए.

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कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हुड्डा के साथ पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला समेत कांग्रेस के नवनिर्वाचित सभी 40 विधायक मौजूद रहे.
विधायक दल की बैठक के बाद राजीव शुक्ला, भूपेश बघेल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री के नाम का एलान किया.
उन्होंने बताया कि सुक्खू के नाम पर सर्वसम्मति से सहमति बनी, अब वो कल यानी रविवार को मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे.
शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन रविवार सुबह 11 बजे होगा वहीं बाकी के मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा.
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सुखविंदर सिंह सुक्खू क्या बोले?
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में कई नाम सामने आ रहे थे. इनमें सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री के साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी शामिल थीं.
बैठक के दौरान प्रतिभा सिंह के समर्थक नारेबाज़ी कर रहे थे. कुछ समर्थकों ने पार्टी हाईकमान के ख़िलाफ़ भी नारे लगाए.
हालांकि विधायक दल के नेताओं ने सुक्खू के नाम पर अपनी मुहर लगा दी. बाद में प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें हाईकमान का फ़ैसला मंजूर है.
अपने नाम का एलान होने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "जो वादे हमने हिमाचल की जनता से किए हैं, उन्हें अक्षरश: लागू करने की ज़िम्मेदारी मेरी है. हमने कहा था कि हम राजनीति सिर्फ़ सत्ता के लिए नहीं करते हैं.हम सत्ता व्यवस्था परिवर्तन के लिए लाए हैं."

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सुक्खू ने कहा कि वो गांधी परिवार के आभारी हैं जिन्होंने राजनीति में उन्हें आगे बढ़ाया.
उन्होंने कहा, "मैंने आम परिवार से उठकर राजनीति की शुरुआत की है. राजनीति की मैंने जो सीढ़िंया चढ़ी हैं, उसमें गांधी परिवार का विशेष योगदान रहा है. राजीव गांधी ने मुझे एनएसयूआई का अध्यक्ष बनाया."
उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का आभार जताया.
सुक्खू ने कहा, "हम सत्ता में व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं. 17 साल की उम्र में राजनीतिक जीवन शुरु किया. एनएसयूआई से मेरी कांग्रेस की राजनीति शुरू हुई. फिर मुझे युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया. मेरे परिवार में कोई राजनीति में नहीं था. मैं काउंसलर रहा दो बार फिर विधायक बना. इस पार्टी ने जो मुझे दिया है, उसे मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा."
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सुखविंदर सिंह सुक्खू को जानें
सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश से चौथी बार विधायक बने हैं.
वो हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर ज़िले से आते हैं, जहाँ से आने वाले भारतीय जनता पार्टी के प्रेम कुमार धूमल दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं.
58 वर्षीय सुक्खू हिमाचल कांग्रेस का ऐसा चेहरा हैं, जिन्होंने युवा उम्र से ही कांग्रेस के अलग-अलग पदों पर काम किया है.
सुक्खू कांग्रेस के छात्र विंग एनएसयूआई के अध्यक्ष रहे और बाद में छोटा शिमला से पार्षद भी रहे.
साल 2002 में उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा.
सुक्खू साल 2013 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं.
उन्हें हिमाचल में कांग्रेस का एक ऐसा बड़ा ज़मीनी नेता माना जाता है जिसकी हिमाचल के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के बीच अच्छी पकड़ है.
इस बार के चुनाव से पहले तीन बार विधायक बनने के बावजूद सुक्खू कभी मंत्री नहीं रहे.
सुक्खू के बारे में माना जाता है कि वे हमेशा से ही वीरभद्र सिंह के ख़िलाफ़ अपनी राजनीति करते रहे. और यही वजह है कि वीरभद्र सिंह के वफ़ादार लोग जो अब प्रतिभा सिंह के साथ हैं, वे उनके साथ उतनी सहजता से खड़े नहीं हो पाते हैं.
सुक्खू जब पार्टी अध्यक्ष थे तो उस समय के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से लगातार सीधी टक्कर लेते रहे.

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मुकेश अग्निहोत्री को जानें
पत्रकारिता के पेशे से राजनीति में आए मुकेश अग्निहोत्री कांग्रेस की दूसरी पीढ़ी के क़द्दावर नेताओं में माने जाते हैं.
वे हमेशा वीरभद्र सिंह के सबसे क़रीबी नेताओं में से एक रहे हैं.
पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे 60 वर्षीय मुकेश अग्निहोत्री लगातार पाँचवीं बार विधायक बने है. वे लोअर हिमाचल के ऊना ज़िले से आते हैं
साल 2012 से 2017 की कांग्रेस सरकार में मुकेश अग्निहोत्री कैबिनेट मंत्री रहे हैं.
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