हिमाचल में कांग्रेस की वापसी, पार्टी ने कहा- प्रियंका गांधी की मेहनत रंग लाई

प्रियंका गांधी

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"ये जीत हिमाचल की जनता के मुद्दों व उन्नति के संकल्प की जीत है."

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हिमाचल प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस की वापसी के बाद राज्य के मतदाताओं को इसी अंदाज़ में शुक्रिया कहा.

हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं ने पांच वर्ष में सरकार बदलने के साल 1985 से चले आ रहे रिवाज़ को इस बार भी बरक़रार रखा है. राज्य की 68 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 नवंबर को वोट डाले गए थे. वोटों की गिनती गुरुवार को हुई.

भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के खाते में 40 सीटें आई हैं. कांग्रेस को 43.9 प्रतिशत वोट मिले हैं.

कांग्रेस ने चुनाव अभियान के दौरान पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने और युवाओं को रोजगार देने जैसे वादे किए थे.

भारतीय जनता पार्टी को भी 43 प्रतिशत वोट मिले हैं. लेकिन उसकी सीटों की संख्या 25 तक सीमित रही. बीजेपी सरकार के सुरेश भारद्वाज, राम लाल मारकांडा और सुरवीन चौधरी जैसे मंत्री चुनाव हार गए.

तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन इनमें से कोई प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सका.

प्रियंका गांधी

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प्रियंका को श्रेय

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक हिमाचल में पार्टी के प्रचार अभियान की दिशा प्रियंका गांधी ने तय की थी.

कांग्रेस नेता और हिमाचल के प्रभारी राजीव शुक्ला ने प्रियंका गांधी को जीत का बड़ा श्रेय दिया. शुक्ला ने कहा, "इस जीत में उनके (प्रियंका गांधी के) 'कठिन परिश्रम' का अहम योगदान है."

चुनाव अभियान प्रभारी के तौर पर प्रियंका गांधी को मिली ये पहली कामयाबी है. प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में भी चुनाव अभियान की प्रभारी थीं लेकिन वहां पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी थी.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भी प्रियंका गांधी की सराहना की. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि प्रियंका गांधी ने सिरमौर, कांगड़ा, सोलन और उना की रैलियों में अग्निपथ, महंगाई, बेरोज़गारी और पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा उठाया.

इन मुद्दों पर लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा दिखाया और सत्ता में कांग्रेस की वापसी कराई.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हिमाचल प्रदेश में मिली जीत के लिए प्रदेश के लोगों को शुक्रिया कहा है. राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव में किया हर वादा पूरा करेगी.

जयराम ठाकुर

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क्या बोले मोदी?

उधर, नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. उन्होंने कहा कि वो जनादेश का सम्मान करते हैं.

ठाकुर ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि नई सरकार अपने वादे पूरे करेगी. उन्होंने कहा, "हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रचनात्मक सहयोग देंगे लेकिन जहां हमें लगेगा कि राज्य के हितों को अनदेखा किया जा रहा है, हम लोगों के बीच मुद्दे उठाएंगे."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिमाचल के वोटरों का आभार जताया है और कहा है कि उनकी पार्टी राज्य के हित के लिए काम करती रहेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं हिमाचल प्रदेश की जनता को आश्वस्त करता हूं कि भले ही बीजेपी एक प्रतिशत से पीछे रह गई लेकिन विकास के लिए हम शत प्रतिशत योगदान देंगे."

उन्होंने कहा, "हिमाचल से जुड़े हर विषय को हम पूरी मजबूती से उठाएंगे और केंद्र सरकार के द्वारा हिमाचल की प्रगति में कोई कमी नहीं आने देंगें. हिमाचल के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता बनी रहेगी."

प्रतिभा सिंह

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कौन होगा मुख्यमंत्री?

चुनाव नतीजे आने के बाद अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई कांग्रेस के हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला के हवाले से बताया है कि पार्टी ने नए चुने गए विधायकों की मीटिंग चंडीगढ़ में बुलाई है.

कांग्रेस उम्मीदवार आशा कुमारी डलहौजी सीट पर बीजेपी के डीएस ठाकुर से चुनाव हार गईं. वो छह बार विधायक रह चुकी हैं और कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में उनका नाम भी लिया जा रहा था.

कई जानकारों का मानना है कि नादौन से विधायक चुने गए सुखविंदर सिंह भी मुख्यमंत्री पद की रेस में हैं. सुखविंदर चुनाव अभियान कमेटी के प्रमुख हैं. वे पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं और दशकों के राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते आए हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह शिमला सीट से फिर से निर्वाचित हुए हैं. उन्होंने बीजेपी के रवि कुमार मेहता को 13 हज़ार से ज़्यादा वोटों से मात दी है. मुख्यमंत्री पद पर विक्रमादित्य की दावेदारी अहम बताई जा रही है.

विक्रमादित्य की मां और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में हैं. नतीजे आने के बाद प्रतिभा सिंह ने कहा, "मैंने विपरीत परिस्थितियों के बीच चुनाव में जीत हासिल की."

कांग्रेस के चुनावी वादे पर उन्होंने कहा, "हमने जो कहा है वो कर के देंगे."

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के अलावा बहुजन समाज पार्टी (53 सीट) और सीपीआई- मार्क्सवादी (11 सीट) भी चुनाव मैदान में थीं.

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