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गुजरात में दावे फेल, सोशल मीडिया पर केजरीवाल की खिंचाई, 'उम्मीदों पर झाड़ू फिर गया'
"हमारे प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया भारी मार्जिन से जीत रहे हैं. सीएम पद के लिए हमारे उम्मीदवार ईसुदान जी भारी मार्जिन से जीत रहे हैं. वार्छा से अल्पेश जी भारी बहुमत से जीत रहे हैं."
आज से क़रीब दस दिन पहले 28 नवंबर 2022 को एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के सवाल पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल केजरीवाल बोले कि भरोसे के साथ "कह सकता हूं कि मेरे सर्वे के अनुसार गोपाल इटालिया भारी मार्जिन से जीत रहे हैं और ये मैं लिखकर दे सकता हूं."
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया. इस नोट में केजरीवाल ने तीन भविष्यवाणियां की थीं. लेकिन चुनाव नतीजे आने के बाद उनके तीनों दावे फेल हो गए.
केजरीवाल ने अक्तूबर 2022 में दावा किया कि आईबी की एक रिपोर्ट आई है जिसके अनुसार अभी गुजरात में चुनाव हों तो यहां 'कम मार्जिन से' आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी.
केजरीवाल ने दावा किया कि 27 साल बाद प्रदेश में लोगों को बीजेपी से छुटकारा मिलेगा. लेकिन चुनाव नतीजों के बाद इन दावों को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अरविंद केजरीवाल को निशाने पर ले रहे हैं. कई लोग लिख रहे हैं कि केजरीवाल 'अतिउत्साही हो गए थे.'
सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ नाम के एक यूज़र ने लिखा, "गुजरात चुनावों में जीत के लिए मोदी को मुबारकबाद और अरविंद केजरीवाल आप अतिउत्साही हो गए थे, 2024 में ऐसा न करें. अपना हाथ से लिखा नोट वापिस लें."
देवाशीष पटनायक लिखते हैं, "उम्मीदों पर झाड़ू फिर गया, सुना है केजरीवाल के हाथ के लिखे नोट पर झाड़ू चल गया."
एक और ट्विटर यूज़र ने लिखा "गोपाल इटालिया को कागज़ पर लिखकर भारी मार्जिन से जीत की जो गारंटी दी थी उस कागज का क्या होगा....?"
वहीं मुकेश जैन ने लिखा, "केजरीवाल जी अपने लिखे गए उस कागज़ का फोटो फ्रेम करवाकर घर में चिपका दो."
तीन भविष्यवाणियों का क्या हुआ?
केजरीवाल की भविष्यवाणी के उलट कटरगाम से बीजेपी के विनोदभाई अमरशीभाई मोराडिया ने आम आदमी पार्टी के गोपाल इटालिया को बड़े मार्जिन से हरा दिया है.
दोनों के बीच मतों का अंतर 64 हज़ार से अधिक का है. वोट प्रतिशत की बात करें तो मोराडिया को 58.2 फ़ीसदी वोट मिले जबकि इटालिया 27 फ़ीसदी वोट पा सके हैं.
खंबालिया से बीजेपी के अयार मुलुभाई हरदासभाई बेरा आगे चल रहे हैं और फिलहाल उनके खाते में 40.9 फ़ीसदी वोट हैं. उनके बाद दूसरे नंबर पर हैं ईसुदान गढवी जिन्हें अब तक 31.1 फ़ीसदी वोट मिले हैं.
वार्छा रोड से अल्पेश कठेरिया बीजेपी के किशोर कनानी से काफी पीछे चल रहे हैं. दोनों के बीच के वोट प्रतिशत की तुलना करें तो किशोर को 55 से अधिक फ़ीसदी वोट मिले हैं, अल्पेश 41 फ़ीसदी वोट हासिल कर पाए हैं.
केजरीवाल ने क्या किए थे वादे
आम आदमी पार्टी ने कहा कि अगर गुजरात में उनकी सरकार बनी तो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को एक हज़ार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने ये वादा किया था.
गुजरात में उन्होंने सरकारी स्कूलों को बेहतर करने, मुफ्त बजली देने, किसानों को मुफ्त पानी, साफ़ पीने के पानी की सुविधा देने और मुफ्त इलाज के लिए क्लीनिक बनाने जैसे वादे किए थे.
उन्होंने ये दावा भी किया था कि उनकी सरकार बनी तो बेरोज़गार युवाओं को आर्थिक मदद दी जाएगी और हर सरपंच की तनख़्वाह भी फिक्स की जाएगी.
क्या पहली बार की भविष्यवाणी?
इस साल फरवरी में पंजाब चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल से भविष्यवाणी की थी कि प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी दोनों सीटों से हारने वाले हैं.
एक टेलिविज़न कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, "हमने तीन बार सर्वे किया है और तीनों बार दोनों सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे दिख रही है. चन्नी दोनों सीटों से हार रहे हैं और मैं ये लिख कर दे सकता हूं."
केजरीवाल की ये भविष्यवाणी सच साबित हुई थी.
चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहब और भदौड़ से चुनाव मैदान में थे. जहां चमकौर साहब से वो आम आदमी पार्टी के चरणजीत सिंह ने वो हार गए, वहीं भदौड़ से आम आदमी पार्टी के ही लाभ सिंह उगोके ने उन्हें हाराया.
पंजाब में केजरीवाल ने वादा किया था कि दिल्ली की तरह वो पंजाब से भ्रष्टाचार को मिटा देंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि वो मज़दूरों को मिलने वाली सुविधाओं को बढ़ाएंगे, मुफ्त बिजली देंगे और आंगनवाड़ी और आशाकर्मियों को मिलने वाली तनख़्वाह बढ़ाएंगे.
दिल्ली को लेकर दी थी 10 गारंटी
हाल में संपन्न हुए म्युनिसिपल चुनावों के मद्देनज़र केजरीवाल ने कहा था कि उनकी पार्टी दिल्ली को लेकर 10 गारंटी दे सकती है.
उन्होंने कहा कि वो दिल्ली का सौंदर्यीकरण करेंगे और राजधानी को खूबसूरत बनाएंगे. साथ ही कूड़े के पहाड़ हटाएंगे और दिल्ली में कोई और कूड़े का पहाड़ नहीं बनने देंगे. जानकारों को लाकर ये समझेंगे कि प्रदूषित पानी का निपटारा कैसे करें."
उन्होंने 'भ्रष्टाचार मुक्त एमसीडी, पार्किंग की समस्या और आवारा कुत्तों, बंदरों और सड़कों पर आ रहे गायों की समस्या को हल करने' का भी वादा किया.
दिल्ली के 250 वार्डों में से 134 में आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की. वहीं बीजेपी को 104, कांग्रेस को नौ और अन्य को तीन सीटें मिलीं. इस जीत के साथ आम आदमी पार्टी ने 15 सालों से एमसीडी में काबिज़ बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखाया.
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