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गुजरात चुनाव: सोशल मीडिया पर चर्चा मोरबी हादसे और एंटी-इन्कम्बेंसी की
गुजरात विधानसभा चुनावों के अब तक आए रुझानों में बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है. वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पिछड़ती दिख रही है.
चुनाव आयोग के अनुसार अब तक आए रुझानों में कुल 182 विधानसभा सीटों में से 150 सीटों पर बीजेपी आगे है. वहीं 21 पर कांग्रेस और 6 पर आम आदमी पार्टी आगे दिख रही हैं.
सोशल मीडिया पर गुजरात चुनाव ट्रेंड कर रहा है और राजनेता से लेकर आम लोग चुनावी रुझानों को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई ने लिखा है कि गांधीनगर में बीजेपी दफ्तार के सामने जश्न का माहौल है.
राज्यसभा में बीजेपी के सांसद विनय तेंदुलकर ने लिखा कि गुजरात में बीजेपी ऐतिहासिक जीत की तरफ़ है.
वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिंघल लिखते हैं कि भारत के चुनावी इतिहास में ये सबसे बड़ी लैंडस्लाइड जीत है. बीजेपी का वोट प्रतिशत 55 फ़ीसदी तक हो गया है.
डॉक्टर शर्मिला ने लिखा, "गुजरात ने आज साबित कर दिया कि बीजेपी का धार्मिक ध्रुवीकरण यहाँ पूरा हो चुका है. उम्मीद करते हैं कि भारत इस नतीजों को 2024 में नहीं दोहराएगा."
कुरल नाम के एक यूज़र ने लिखा, "27 साल बाद भी गुजरात में एंटी-इन्कम्बेंसी नहीं दिखी?"
अलयराज नायडू ने लिखा, "प्रदेश में और देश में बड़े नेता पैदा करने में कांग्रेस पूरी तरह विफल रही है. अगर राहुल गांधी को लगता है कि वो देश को बचाना चाहते हैं तो उन्हें लीक से हटकर सोचना होगा. नहीं तो..."
हर्ष सिंह नाम के एक यूज़र लिखते हैं, "एक बार फिर गुजरात ने सपष्ट कर दिया है कि उन्हें मुफ्त की रेवड़ी नहीं चाहिए. सोचिए 27 साल तक बीजेपी के लगातार सत्ता में रहने के बाद भी लोगों ने यहाँ इसी पार्टी को वोट दिया है. ये 2024 के लोकसभा चुनावों की एक झलक है."
वहीं सुचित्रा दास लिखती हैं, "बीजेपी गुजरात के बिग बॉस हैं. आम आदमी पर्टी और कांग्रेस के लिए यहाँ स्थिति मुश्किलों से जूझते रहने की कोशिश करने वाली है."
मोरबी में बड़ा हादसा होने के बाद भी वहीं से बीजेपी नेता कांतिलाल अमृतिया की बढ़त पर कई लोग टिप्पणी कर रहे हैं.
बीजेपी के एक नेता वाई सत्यकुमार ले लिखा है कि हादसे के दौरान कांतिलाल अमृतिया ने कई लोगों की जान बताई थी, वो सही मायनों में एक हीरो हैं.
रित्विक नाम के एक यूज़र ने लिखा कि "मोरबी में जिस पुल के गिरने से 144 लोगों की मौत हो गई थी, इसे महीने भर पहले फ़िटनेस सर्टिफिकेट दिया गया था. लेकिन वहाँ से बीजेपी के नेता का जीतना ये बताता है कि देश के लोगों की प्रथमिकता क्या है."
वहीं मौलीन शाह सवाल करते हैं कि जहाँ हादसे में सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हुई, वहाँ के नतीजे देख कर किसी को आश्चर्य नहीं हो रहा.
'फ़र्क नहीं पड़ता'
यतीश नायर लिखते हैं, "बिलकिस बाने रेप मामला, मोरबी हादसा, भ्रष्टाचार, मौतें, इलेक्टोरल बॉन्ड्स, सांप्रदायिक भेदभाव और मानव विकास इंडेक्स में भारत का पीछे होना. गुजरात में किसी चीज़ से कोई फर्क नहीं पड़ता."
मानव विकास इंडेक्स में 189 देशों की सूची में भारत 131 नंबर पर है.
रिया नाम की एक यूज़र ने तंज कसते हुए लिखा, "गुजराती बहुत प्यार करने वाले लोग होते हैं, 100 से ज़्यादा लोग मरे, किसी भी व्यक्ति को हादसे के लिए ज़िम्मेदार मानते हुए गिरफ्तार नहीं किया गया, न किसी के ख़िलाफ़ चर्जशीट दायर हुई. लगता है कि लोगों का दिमाग़ उसकी जगह पर है ही नहीं. दुख की बात है. "
राज नाम के एक यूज़र ने लिखा कि मोरबी हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद एक बार फिर वहाँ से बीजेपी को वोट देने के लिए आप लोगों को दोषी नहीं ठहरा सकते.
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "आख़िरी बार ऐसा कब हुआ था कि बड़ी संख्या में मौतों के लिए किसी सरकार को दोषी ठहराया गया हो. मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं के बारे में सोचविचार करने को लेकर वो लोग भीतर से मर चुके हैं."
वहीं शैंकी जी ने लिखा, "हाथरस में बीजेपी जीती, लखीमपुर खीरी में बीजेपी जीती, मोरबी में भी बीजेपी जीत रही है. गड़बड़ी ईवीएम में नहीं है बल्कि गड़बड़ी कहीं और है, शायद हम लोगों के भीतर ही गड़बड़ी है."
नीरव पटेल ने ट्वीट कर लिखा है, "बीजेपी गुजरात में जीत रही है, हिमाचल में कांग्रेस जीत रही है और दिल्ली के म्युनिसिपल चुनावों में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज कर ली है. भारतीय वोटर सभी को खुश रख रहे हैं."
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