लखीमपुर खीरी में उपचुनाव, पर अजय मिश्र टेनी बीजेपी के प्रचारकों में नदारद

- Author, प्रशांत पांडेय
- पदनाम, लखीमपुर खीरी से, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले के गोला विधानसभा में तीन नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है. इस सीट पर बीजेपी विधायक रहे अरविंद गिरि के हार्ट अटैक से हुए निधन के बाद उप चुनाव हो रहे हैं. वैसे तो इस सीट से सात प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन असली मुक़ाबला बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच है.
भाजपा सहानुभूति की नाव पर सवार होकर चुनावी नैया पार लगाने में लगी है, वहीं समाजवादी पार्टी एंटी इनकंबेंसी से चुनाव फ़तह करना चाह रही है. भाजपा ने गोला विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे दिवंगत अरविंद गिरि के बेटे अमन गिरि को अपना प्रत्याशी बनाया है.
वहीं समाजवादी पार्टी ने 2012 में सपा से इसी सीट से विधायक रह चुके विनय तिवारी को प्रत्याशी बनाया है. विनय 2022 में भी दूसरे स्थान पर रहे थे. कांग्रेस और बसपा ने गोला उपचुनाव में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं जबकि पांच निर्दलियों ने पर्चा भरा है.
यूपी के सबसे बड़े ज़िले और गन्ने और चीनी का कटोरा कहे जाने वाले खीरी ज़िले की गोला विधानसभा से अरविंद गिरि पांच बार विधायक रह चुके थे. तीन बार समाजवादी पार्टी से तो दो बार बीजेपी से. पर कुछ महीनों पहले लखनऊ जाते वक्त कार में आए हार्ट अटैक के बाद उनका निधन हो गया था.

भाजपा ने की क़िलेबंदी
भाजपा ने गोला विधानसभा उपचुनाव में हर चुनाव की तरह ही कड़ी क़िलेबन्दी की है. सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर केंद्रीय मंत्री और यूपी के कैबिनेट मंत्रियों समेत 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर धुंआधार प्रचार चल रहा है.
हर दिन किसी न किसी की जनसभा हो रही है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य जनसभा कर चुके हैं.
पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर जितिन प्रसाद ब्रह्मण वोटों को हासिल करने की कोशिश में लगे हैं तो कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख नाराज़ सिख वोटरों को रिझाने के लिए 10 दिनों से गोला में ही कैंप कर रहे हैं.
ये उपचुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले शायद यूपी का अकेला चुनाव है. इसलिए भाजपा चुनाव को किसी युद्ध की तरह लड़ रही है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह कहते हैं, "हमारे लिए हर चुनाव महत्वपूर्ण है. हमारे कार्यकर्ता बूथ से लेकर गाँव-गाँव और हर वोटर से मोदी जी और योगी जी के कामों को बता रहे हैं. जनता विकास और सुशासन पर ही वोट करेगी."
क्यों इतना आक्रामक चुनाव लड़ रही है भाजपा?
भाजपा गोला उपचुनाव में आक्रामक रुख़ दिखा रही है. वहीं समाजवादी पार्टी शान्त भाव से चुनाव लड़ रही है. भाजपा शहरी क्षेत्रों में मुखर दिख रही है तो समाजवादी पार्टी गाँवों पर फ़ोकस कर रही है.
लखीमपुर में हिंदुस्तान अख़बार के ब्यूरो चीफ़ मयंक बाजपेयी कहते हैं, "भाजपा उपचुनाव को 2024 और निकाय चुनावों के प्रमाणपत्र के रूप में देख रही है. ये महज़ गोला का उपचुनाव नहीं पूरे यूपी का इकलौता उपचुनाव है.
भाजपा जीत-हार की लकीर को लंबा करना चाह रही है जिसे वो जनता के बीच 2024 और निकाय चुनाव में दिखा सके. वहीं समाजवादी पार्टी के पास खोने को कुछ नहीं है."
आबादी के लिहाज़ से गोला विधानसभा में कुर्मी जाति सबसे अहम मानी जाती थी, लेकिन इस सीट पर पिछले 30 सालों से कुर्मी उतने महत्वपूर्ण नहीं रह गए.
रामकुमार वर्मा के बाद इस सीट से पांच बार दिवंगत अरविंद गिरि ही विधायक रहे. तीन बार सपा से, फिर भाजपा से. इस लंबे वक्त में कुर्मी बहुल होने के बावजूद कोई बड़ा कुर्मी नेता यहाँ से उभर नहीं सका .
पत्रकार मयंक बाजपेयी कहते हैं, "भाजपा की चिंता सपा का ब्राह्मण प्रत्याशी भी है जो 2012 में इसी सीट पर जीता था. वहीं पार्टी में एक ही परिवार को बार-बार टिकट देने से पार्टी की स्थानीय सेकेंड लाइन में उपजा असंतोष भी है. शायद ये भी बड़ी वजह है कि भाजपा सत्ता में रहते हुए इतनी ताक़त उपचुनाव में लगा रही है."

इमेज स्रोत, ANI
गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी है चुनाव से दूर
किसान आंदोलन और तिकुनिया हिंसा के बाद नाराज़ सिख वोटरों को मनाने के लिए कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख गोला में 10 दिनों से डटे हैं. वहीं भाजपा की स्टार प्रचारकों की लिस्ट से खीरी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ग़ायब हैं.
भाजपा के प्रत्याशी अमन गिरि के साथ भी एक भी पोस्टर बैनर पर टेनी की फ़ोटो नहीं है. ना ही टेनी अब तक चुनाव प्रचार में गए हैं.
भाजपा की ये कोई चुनावी स्ट्रैटेजी है या महज़ संयोग? कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख कहते हैं, "वो एक हादसा थी, हमें भी उसका अफ़सोस है. लोग अब भूल गए हैं. एक-एक सिख वोटर भाजपा के साथ हैं."
केंद्रीय गृह मंत्री के चुनाव प्रचार में न आने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कहते हैं, "भाजपा बहुत बड़ी पार्टी है, ऐसा नहीं है कि टेनी जी को मना किया गया हो, गुजरात और हिमाचल में भी चुनाव हैं. वो केंद्रीय मंत्री हैं भाजपा को जहां जिसकी उपयोगिता नज़र आती है, वहाँ ड्यूटी लगाई जाती है."

समाजवादी पार्टी ख़ामोशी से चुनाव लड़ रही है
समाजवादी पार्टी गोला विधानसभा उपचुनाव में बड़े शांत भाव से चुनाव लड़ रही है. क्या ये समाजवादी पार्टी की कोई नई रणनीति है या उसके उत्साह में कोई कमी आ गई है? न कोई बड़ा स्टार प्रचारक, न ज़्यादा तामझाम और ना ही शोरगुल. अखिलेश यादव भी अभी तक प्रचार करने नहीं आए हैं.
गांव-गांव में सपा प्रत्याशी विनय तिवारी ख़ुद जाकर लोगों से वोट माँग रहे हैं. सपा के पूर्व ज़िलाध्यक्ष अनुराग पटेल कहते हैं, "इस चुनाव में हम लो प्रोफ़ाइल हो कर चुनाव लड़ रहे हैं."
समाजवादी पार्टी का मानना है कि इस बार चुनाव सरकार के ख़िलाफ़ होगा. सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल कहते हैं, "भाजपा सरकार एक काम तो बताए जो पूरा हुआ हो. 14 दिन में गन्ना पेमेंट का वायदा कहाँ है? गोला चीनी मिल पर आज भी किसानों का करोड़ों बकाया है. बाढ़ आई, किसान तबाह हो गया. गाँव के गाँव तबाह हो गए सरकार कहाँ रही."
सपा के टिकट पर तीन बार सांसद रह चुके सपा के राष्ट्रीय महासचिव रवि प्रकाश वर्मा कहते हैं, "सरकार हर मोर्चे पर फ़ेल है. किसानों पर थार चढ़ाने की घटना न किसान भूले हैं न पराली जलाने पर एफ़आईआर और अपनी बेइज्ज़ती को. ये गुस्सा बारूद बनकर वोट की शक्ल में फूटेगा. इस बार किसान जीतेगा, नतीजों का इंतज़ार करें बस."
वरिष्ठ पत्रकार नन्द कुमार मिश्र कहते हैं, "चुनाव काँटे का होगा. चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के साथ सहानुभूति है तो सपा प्रत्याशी विनय तिवारी के साथ भी सजातियों की सिम्पैथी है. किसानों के मुद्दे अगर हावी हो गए तो भाजपा मुश्किल में पड़ सकती है."

भाजपा प्रत्याशी में युवा जोशतो सपा प्रत्याशी अनुभवी
गोला उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी अमन गिरि उम्र में भले ही अभी कम हों और सियासी अनुभव भी ज़्यादा न हो पर अचानक पिता के जाने के बाद जनता से सीधे कनेक्ट कर रहे हैं.
अमन गिरि कहते हैं, "संघर्ष तो हमारे पिता जी की पूँजी थी, पिता जी का नारा था, 'एक ही नारा भाई चारा'. उसी नारे को लेकर हम भी आगे बढ़ रहे हैं."
वहीं अनुभव और उम्र में बड़े सपा उम्मीदवार विनय तिवारी भी किसी मंझे सियासी खिलाड़ी की तरह चुनावी दंगल में हैं. विनय वो सब दांव चल रहे हैं जो चुनाव जीतने के लिए ज़रूरी है.
विनय तिवारी कहते हैं, "इस बार 'न गुंडागर्दी न क़ब्ज़ेदारी, हर तरफ़ बस विनय तिवारी' का नारा चल रहा है."
गोला उपचुनाव में जीत के लिए भाजपा ने पूरी ताक़त झोंक रखी है. संगठन से लेकर सरकार तक सभी पूरी शिद्दत से लगे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी आरोप लगा रही कि भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है.
युवराज दत्त पीजी कालेज के एसोसिएट प्रोफ़ेसर और सीएसडीएस के नेशनल कोऑर्डिनेटर डॉक्टर संजय कुमार कहते हैं, "जब उपचुनाव किसी न किसी की मृत्यु के बाद होते हैं तो उस प्रत्याशी के प्रति सहानुभूति की लहर रहती है.
अभी तक सत्ता का पलड़ा भारी था. पर विपक्ष के साझा उम्मीदवार के तौर पर जिस तरह से विपक्ष लामबंद हुआ है उसमें विपक्ष के लिए स्थितियां उतनी दुरूह नहीं लगतीं. एक फ़ाइट की स्थिति ज़रूर बन गई है."
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