सऊदी अरब के तेल मंत्री को आना पड़ा भारत, जानिए क्या कहा - प्रेस रिव्यू

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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान

सऊदी अरब ने तेल उत्पादन घटाने के ओपेक-प्लस देशों के फ़ैसले का बचाव किया है.

'इकोनॉमिक टाइम्स' के मुताबिक़ सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बिजली मंत्री आरके सिंह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ नई दिल्ली में बातचीत में कहा कि सुरक्षित, स्थिर और टिकाऊ एनर्जी मार्केट के लिए सऊदी अरब सही कदम उठा रहा है.

ओपेक-प्लस देशों की ओर से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के फैसले से भारत को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

यूक्रेन-रूस युद्ध ने तेल सप्लाई की अड़चनों को बढ़ा दिया है. भारत में इस वजह से तेल के दाम कम नहीं हो रहे हैं. भारत तेल आयात करने वाला दुनिया का तीसरा बड़ा देश है.

अख़बार लिखता है कि ओपेक प्लस देशों ने रूस के नेतृत्व में नवंबर से हर दिन पेट्रोल उत्पादन में 20 बैरल कटौती करने का फैसला किया है.

अमेरिका समेत तेल के तमाम बड़े ग्राहक देशों ने ओपेक-प्लस देशों के इस फैसले का विरोध किया है.

सऊदी अरब भारत को तेल निर्यात करने वाले शीर्ष देशों में शुमार है. लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उसे रूस से इस मामले में चुनौती मिल रही है.

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युद्ध छिड़ने के बाद से रूस भारत में तेल सप्लाई करने वाला दूसरा बड़ा देश बन गया है. रूस से तेल खरीदने में तेज़ी की वजह से भारत में सऊदी अरब और अमेरिका के तेल मार्केट को झटका लगा है.

हालांकि सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री से ये पूछा गया कि क्या उनका देश भारत में रूस से तेल के आयात में बढ़ोतरी से चिंतित है. लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया.

रूस-यूक्रेन मुद्दे से पहले भारत अपनी तेल ज़रूरत का सिर्फ एक फीसदी रूस से खरीदता था. लेकिन अब ये बढ़कर 20 फीसदी हो गया है.

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री के इस दौरे के बाद क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान भी भारत का दौरा करेंगे. उनका दौरा अगले महीने होगा.

प्रतीकात्मक तस्वीर

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क़तर: भारतीय मज़दूरों की मौत के मामले पर केंद्र का दख़ल

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कतर में फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी परियोजनाओं और दूसरी नौकरियों में भारत के प्रवासी मज़दूरों की मौत के मामले में केंद्र और तेलंगाना सरकार की ओर से कदम उठाए जाने की खबर को इंडियन एक्सप्रेस ने प्रमुखता से छापा है.

'इंडियन एक्सप्रेस' ने ही इन मौतों के बारे में खबरें छापी थीं. केंद्र और तेलंगाना सरकार दोनों ने अब इनका संज्ञान लिया है.

अख़बार के मुताबिक विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने बताया कि उन्होंने दोहा स्थित भारतीय दूतावास से कहा है के वो पीड़ित भारतीय परिवारों को कतर की नियोजक कंपनियों से मुआवज़ा हासिल करने में मदद करें.

तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने कहा है कि राज्य सरकार रिपोर्ट को देख रही है ताकि मुआवज़ा पैकेज तय किया जाए.

साथ ही जहां ज़रूरी होगा वहां पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को नौकर भी दी जा सकती है.

कतर में फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी परियोजनाओं में जान गंवाने वाले मज़दूर तेलंगाना के ही थे.

तेलंगाना के गृह मंत्री ने 'इंडियन एक्सप्रेस' से कहा, '' इस सिलसिले में एक मीटिंग होगी. हम परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे. मामले की पड़ताल के बाद हम उन कंपनियों से भी संपर्क करेंगे, जहां ये काम करते थे ताकि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा मिल सके.''

क़तर में मज़दूरों की स्थिति पर भी सवाल उठते रहे हैं

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'इंडियन एक्सप्रेस' ने खबर छापी थी कि पंजाब, बिहार और तेलंगाना से कतर में काम करने गए कामगारों को कोई मुआवज़ा नहीं दिया गया है. इन परिवारों की शिकायत थी कि उन्हें कोई मुआवज़ा नहीं मिला है.

अख़बार ने कतर में काम करने गए इन परिवारों के आधिकारिक रिकार्ड की जांच, जॉब एजेंटों के इंटरव्यू, प्रवासी कल्याण कार्यकर्ताओं, कतर के स्थानीय अधिकारियों से बातचीत और आरटीआई के जरिये जानकारी जुटाने के बाद पीड़ित परिवारों की दुर्दशा पर रिपोर्ट छापी थी.

'इंडियन एक्सप्रेस' के सवालों के जवाब में कतर के संगठन द सुप्रीम कमेटी ऑफ डिलीवरी एंड लीगेसी ने 2010 में कतर को फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी मिलने के बाद पूरी दुनिया से काम करने आए 40 प्रवासी कामगारों की मौत हो गई थी. इनमें से सिर्फ तीन का नाता वर्ल्ड कप से जुड़े काम से था.

खुदकुशी

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मेरठ: छेड़छाड़ के बाद लाइब्रेरी बिल्डिंग से कूदी छात्रा की मौत

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मेरठ (यूपी) में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की छात्रा ने लाइब्रेरी की चौथी मंज़िल से छलांग लगाई जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से छापा है. अखबार के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा (20) ने मेडिकल लाइब्रेरी की चौथी मंज़िल की छत से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी. तीन दिन से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी. लेकिन शुक्रवार को करीब तीन बजे सुभारती अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई.

अखबार के मुताबिक बीडीएस की छात्रा का चौथी मंज़िल से कूदते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.

इस वीडियो में छात्रा छत से कूदती हुई नज़र आ रही थी. वहीं परिसर में अन्य छात्र-छात्राओं ने उन्हें लाइब्रेरी की चौथी मंज़िल से कूदते हुए देखा था.

अखबार के मुताबिक छात्रा की मौत के बाद परिवार का बुरा हाल है. परिवार वालों के मुताबिक छात्रा ने सेंट मेरिज से स्कूली पढ़ाई की थी.

इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद छात्रा के सहपाठी सिद्धांत कुमार पंवार को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक सहपाठी सिद्धांत ने बदनीयत से छात्रा को पकड़ा और छेड़छाड़ की. विरोध करने पर आरोपी ने छात्रा को थप्पड़ मार दिया था. इससे आहत छात्रा चौथी मंजिल से कूद गई थी.

ट्विटर

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ट्विटर ने कहा, कर्मचारियों की छंटनी का कोई इरादा नहीं

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ट्विटर ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि वह अपने कर्मचारियों में कटौती करेगा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ट्विटर ने कहा है कि यह अफवाह है.

सोशल मीडिया कंपनी ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया है कि एलन मस्क कंपनी के टेकओवर प्लान के तहत कर्मचारियों की छंटनी कर सकते हैं.

कंपनी ने कहा है कि एलन मस्क की ओर से अधिग्रहण के लिए किए गए दस्तखत के बाद छंटनी की कोई योजना नहीं बनी है.

ट्विटर ने अपने कर्मचारियों को संबोधित मेमो में अफवाहों से सावधान रहने को कहा है. इसमें कहा गया है कि जैसे-जैसे डील पूरी होने की ओर बढ़ रही है अफवाहों और दुष्प्रचार की आशंका बढ़ती जा रही है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से है कि एलन मस्क की योजना में अगले कुछ महीनों में कर्मचारियों में 75 फीसदी की कटौती शामिल है. मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदा है. यह डील 28 अक्टूबर तक पूरी हो सकती है.

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