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कर्नाटकः कॉफ़ी बागान में दलित महिला मज़दूर से बदसलूकी, मालिक पर क़ैद करने का आरोप
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
कर्नाटक में एक कॉफ़ी बागान के मालिक पर 14 महिला मज़दूरों को क़र्ज़ नहीं चुकाने पर कथित तौर पर (अपने बागान में) बंदी बनाने का आरोप है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
कर्नाटक के जगदीश गौड़ा और उनके बेटे पर आरोप है कि उन्होंने इन दलित मज़दूरों को तीन घंटे तक बंद रखा.
पुलिस अधिकारी उस दावे की पड़ताल भी कर रहे हैं कि पिटाई के बाद उनमें से एक महिला का गर्भपात भी हो गया है.
जगदीश गौड़ा ने सभी आरोपों का खंडन किया है. पुलिस ने जगदीश गौड़ा और उनके बेटे के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ़्तारी नहीं की गई है.
हिंदुओं के वर्ण क्रम में दलित सबसे निचले स्थान पर हैं और भारत में उनकी हिफ़ाज़त के लिए मौजूद क़ानून के बावजूद बड़े स्तर पर उन्हें दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है.
पुलिस ने बताया- क्या हुआ था?
पुलिस का कहना है कि मज़दूर जगदीश गौड़ा के चिकमगलूर ज़िले में स्थित इस कॉफ़ी बागान में तीन महीने से रह रहे थे. उस दौरान दो मज़दूरों, एक महिला और एक पुरुष के बीच लड़ाई हो गई.
गौड़ा ने इस लड़ाई में बीच-बचाव किया. कथित तौर पर इसी दौरान उन्होंने महिला के साथ दुर्व्यवहार किया. वहां रह रही अन्य महिला मज़ूदरों ने इसका विरोध किया और बागान छोड़ना चाहा.
लेकिन गौड़ा ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया और कहा कि ऐसा करने से पहले उन्हें (मज़दूरों को) तत्काल 9 लाख रुपये का क़र्ज़ वापस करना होगा.
पुलिस ने कहा, "जब पुरुष मज़दूर उन रुपयों का इंतज़ाम करने बागान से बाहर गए तो गौड़ा ने महिला का फ़ोन ज़ब्त कर लिया और उनमें से कुछ के साथ दुर्व्यवहार किया."
चिकमगलूर पुलिस अधिकारी उमा प्रशांत ने बीबीसी हिंदी से कहा, "गौड़ा ने तब उन लोगों को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बागान के एक घर में बंद कर दिया."
प्रशांत ने कहा कि अधिकारियों ने एक महिला से उसके गर्भपात के मेडिकल रिपोर्ट भी मांगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या उसका गर्भपात हुआ था?
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मामला दर्ज, गिरफ़्तारी अभी तक नहीं
गौड़ा और उनके बेटे के ख़िलाफ़ "चोट पहुंचाने" और "अवैध कै़द" को लेकर अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एक केस दर्ज किया गया है.
कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स में जगदीश गौड़ा को भारतीय जनता पार्टी का सांसद बताया गया है जो राज्य की सत्ता में क़ाबिज हैं. हालांकि पार्टी ने उनसे दूरी बना ली है.
बीजेपी के प्रवक्ता वरासिद्धि वेणुगोपाल ने एनडीटीवी न्यूज़ चैनल से बताया कि "गौड़ा बीजेपी के कार्यकर्ता थे, वे अन्य मतदाताओं के समान ही केवल एक बीजेपी समर्थक थे."
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