न्यूयॉर्क में मंदीप कौर की मौत: माँ बाप चाह कर भी कुछ ना कर पाए..

    • Author, शहबाज़ अनवर
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए, बिजनौर से

"बेटा पैदा हो जाता तो शायद मेरी बेटी ज़िंदा होती. मंदीप का पति और उसकी सास मेरी बेटी को दो बेटियां होने पर अक्सर प्रताड़ित करते थे. भारत में उसे मारना आसान नहीं था. यहां हम सभी थे. अमेरिका में हम अपनी बेटी की कैसे मदद करते."

"उन्होंने मेरी मंदीप कौर को इस हद तक मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो गई. मैं चाहता हूं कि सरकार उसके पति रणजोत वीर सिंह को ऐसी सख़्त सज़ा दे कि कोई बेटी इस तरह मरने पर मजबूर न हो."

मृतका मंदीप कौर के पिता जसपाल सिंह रो-रोकर हर आने जाने वाले को ये ही बात कह रहे हैं. वो बार-बार कभी मंदीप के विवाह की एल्बम देखते हैं तो कभी दीवार से लगकर रोने लगते हैं. वहीं मंदीप कौर की मां का इतना बुरा हाल है कि बेटी की मौत के बाद वह किसी से बात तक करने की स्थिति में नहीं आ सकीं.

अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारतीय मूल की महिला मंदीप कौर की मौत दो अगस्त को हुई. उनकी मौत की वजह घरेलू हिंसा से तंग आकर खुदकुशी करना बताया जा रहा है, न्यूयार्क पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है जबकि उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ससुराल वालों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज कर लिया गया है.

बिजनौर की नजीबाबाद थाना कोतवाली में मंदीप के पिता जसपाल सिंह की तहरीर पर ससुराल पक्ष के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है.

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा ने बताया, "इस मामले में मंदीप के पिता की तहरीर पर आरोपी मुख़्तियार सिंह, मृतका की सास कुलदीप राज कौर और देवर जसवीर सिंह के ख़िलाफ़ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है."

ये पूछने पर कि मृतका के पति के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की गई हैं, इस पर वह कहते हैं, "देखिए अपराध अमेरिका में दर्ज हुआ है. पति भी वहीं है, अमेरिकी पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर ली है. ऐसे में ससुराल पक्ष के यहां रहने वाले जिन लोगों पर अत्याचार का आरोप था, उन सभी के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है."

वहीं मंदीप के भाई संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि यदि रणजोत वीर सिंह भारत आता है तो वह उसके ख़िलाफ़ भी रिपोर्ट दर्ज करेंगे. वैसे जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है, वे सभी फ़िलहाल फ़रार हैं. मंदीप कौर के ससुराल में ताला लगा हुआ है और उनके फोन स्विच ऑफ़ हैं.

वहीं, दूसरी ओर अमेरिका से एक डिजिटल चैनल को दिए इंटरव्यू में मंदीप के पति ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो पांच साल पुराना है और इनकी शादी शुदा ज़िंदगी काफ़ी अच्छी थी.

क्या है वायरल वीडियो का मामला

'द कौर मूवमेंट' द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार मंदीप कौर न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में अपने पति और दो नाबालिग लड़कियों के साथ रहती थीं.

दावा किया जा रहा है कि मंदीप कौर पिछले आठ साल से घरेलू हिंसा की शिकार थीं और उनके पति कथित तौर पर उसके साथ मारपीट करते थे.

बीते दिनों इस सब से दुखी होकर उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनके पति की गिरफ़्तारी और कड़ी सजा की मांग उठ रही है.

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर बच्चों को सेफ़ कस्टडी देने की बात ज़ोरों पर है.

पिटाई के वायरल वीडियो में उनके पति को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें बेटियां नहीं बेटा चाहिए.

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में मंदीप के पति उन्हें पीटते नज़र आ रहे हैं.

मंदीप का एक और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपने ख़िलाफ़ कथित घरेलू हिंसा का ज़िक्र किया है.

वायरल वीडियो में मंदीप कौर यह कहते हुए नज़र आ रही हैं कि वह अब और नहीं सह सकतीं. इसके साथ ही उन्होंने अपने पति के परिवार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए.

वैसे मंदीप कौर के पति ने कहा, "सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पांच साल पुराना है और इसे पिछले हफ़्ते हुई मौत से जोड़ा जा रहा है."

मंदीप के पति अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार कर रहे हैं.

क्या कहना है मंदीप कौर के परिवार वालों का

मंदीप कौर के पिता जसपाल सिंह दावा करते हैं, "शादी के कुछ साल बाद ही मेरी बेटी पर अत्याचार होना शुरू हो गया था. वह करीब ढाई साल यहां भारत में रही पर यहां उसके पति, सास और ससुर के अलावा ससुराल पक्ष के कुछ अन्य लोग उसे प्रताड़ित करते रहे. बाद में उसे उसका पति टूरिस्ट वीज़ा पर अमेरिका ले गया और वहां उस पर और अधिक ज़ुल्म बढ़ गया."

उन्होंने यह भी बताया, "अमेरिका जाने के बाद उनकी बेटी पर अत्याचार किये गए, उसकी वीडियो बनाई गई और घरवालों को दिखाने के लिए मंदीप के पति रणजोत वीर सिंह ने वीडियो भेजीं. वह मंदीप के माध्यम से दहेज की मांग कर रहा था, साथ ही मंदीप के बेटियां होने और बेटा नहीं होने पर उसे प्रताड़ित कर रहा था. रणजोत वीर को उसकी माँ, मेरी बेटी के ख़िलाफ़ कान भरती थी. मेरी बेटी के बेटा पैदा हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी."

शादी के बाद से ही ज़ुल्म कर दिया था शुरू

मंदीप कौर बिजनौर की नजीबाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव मोहम्मद ताहरपुर की रहने वाली हैं. उनके पिता जसपाल सिंह एक किसान हैं. जसपाल सिंह के तीन बच्चों में सबसे बड़े बेटे संदीप सिंह हैं जो विवाहित हैं.

उनसे छोटी 30 साल की मंदीप कौर थीं जबकि सबसे छोटी बेटी कुलदीप कौर हैं. कुलदीप स्नातक तक पढ़ी हैं और अभी अविवाहित हैं.

कुलदीप अपनी बहन को याद करते हुए कहती हैं, "मेरी बहन की शादी हमारे घर से क़रीब चार किलोमीटर दूर स्थित गांव बड़िया के रहने वाले रणजोत वीर सिंह के साथ हुई थी. उनके पिता का नाम मुख़्तियार सिंह हैं. रणजोत वीर इससे पहले भी विदेश रहे हैं, हमें लगा रिश्ता अच्छा है तो हम लोगों ने अपनी बहन की शादी एक फरवरी 2015 को उनसे कर दी, लेकिन हमारी बहन ने शादी के कुछ समय बाद ही अपने साथ अत्याचार और मारपीट की शिकायत हमसे की."

कुलदीप ने यह भी बताया, "हमें लगा पति-पत्नी में अक्सर ऐसा हो जाता है, लेकिन उनके अत्याचार बढ़ते गए. इस सब में मंदीप की सास, ससुर और देवर और ननद भी शामिल थे. तीन नवंबर 2016 को मंदीप ने पुत्री को जन्म दिया तो इसके बाद उनके अत्याचार उस पर और अधिक बढ़ गए."

मंदीप के घरवाले लगातार इस बात का दावा कर रहे हैं कि मंदीप के बेटी होने के बाद से उन पर अत्याचार बढ़ गया था.

मंदीप के बड़े भाई संदीप सिंह कहते हैं, "फरवरी 2017 में रणजोत वीर सिंह अमेरिका चला गया. कुछ समय बाद उसने मेरी बहन मंदीप को भी वहां बुला लिया. यहां 7 अगस्त 2018 को एक और बेटी ने जन्म लिया. हमें लगा अब शायद सबकुछ ठीक हो जाएगा. "

"यहां माँ भी उनके कान भरती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. रणजोत के अत्याचार बढ़ते गए. वह तरह-तरह से मंदीप को यातनाएं दे रहा था. उसे एक लोडर में बंधक बनाकर रखा गया. खाना तक नहीं दिया गया. इस पूरे मामले की वीडियो किसी तरह मेरी बहन ने बच्चों के टैब से अपनी कुछ सहेलियों को भेजी (क्योंकि जल्दी में उनका नंबर ही पहले मिल गया था), जिनके माध्यम से हमें ये वीडियो मिली."

परिवार की ओर से इस मामले की शिकायत दर्ज कराने की बात पर उन्होंने बताया, "हमने अपने अमेरिका में रहने वाले एक रिश्तेदार से इस बारे में अमेरिका की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, बाद में रणजोत वीर ने मेरी बहन को फुसलाकर और छल से इस रिपोर्ट को वापस करा दिया और माफ़ी मांग कर प्यार से उसके साथ रहने का वादा किया था, पर मेरी बहन उसके धोखे को समझ नहीं पाई."

दो अगस्त को हुई थी मंदीप की मौत

घरवालों के मुताबिक, मंदीप कौर लगातार किसी न किसी माध्यम से अपने उपर हो रहे अत्याचारों की वीडियो अपने घरवालों को भेज रही थी. उनसे अपनी तकलीफें बयान कर रही थी, लेकिन उनके बीच शायद फ़ासले इस तकलीफ़ को दूर नहीं कर पा रहे थे.

बहन कुलदीप कौर रोते हुए कहती हैं, "मेरी बहन के वीडियो देखकर मैं अब भी रो रही हूं, सोच रही हूं कि कहीं कुछ हो न जाए मुझे. वह मुझसे रो-रोकर अपनी परेशानी बताती थी, पर वह अमेरिका में थी, मैं या घरवाले उसे वहां कैसे बचाने पहुंचते. हमारे कई रिश्तेदारों ने वहां उसकी मदद की, लेकिन रणजोत वीर की वजह से मेरी बहन की जान चली गई."

मंदीप के रिश्ते के जीजा शमशेर ने बीबीसी से कहा, "रणजोत वीर एक बयान में दावा कर रहा है कि मंदीप मानसिक रूप से बीमार थी, लेकिन एक व्यक्ति इतना झूठ कैसे बोल सकता है, मंदीप बिल्कुल स्वस्थ थी."

वह आगे कहते हैं, "मंदीप ने मरने से पहले कुछ वीडियो मेरे पास एक अगस्त को भेजे थे. वह बिलख रही थी. इस वीडियो के मिलने के बाद हमने मंदीप को अलग-अलग नंबरों से कॉल की, लेकिन फिर उसका फोन रिसीव नहीं हुआ. बाद में हमारे एक रिश्तेदार की कॉल आई कि मंदीप अब इस दुनिया में नहीं रही. भारतीय समय के मुताबिक़ वह तारीख़ दो अगस्त थी."

मंदीप की बहन कुलदीप कौर ये भी बताती हैं कि उनकी बहन बहुत सब्र करने वालीं थी, लेकिन अत्याचारों ने उसे तोड़ दिया.

वह कहती हैं, "मंदीप अपनी दोनों बेटियों से बहुत प्यार करती थी. वह अक्सर कहा करती थी कि वह बेटियों की ख़ातिर जी रही है, लेकिन ज़ुल्म इतना बढ़ा कि उसकी मोहब्बत हार गई."

कुलदीप ये भी कहती हैं कि उनका बहनोई मंदीप को धमकी देता था कि वह उसका ऐसा हाल करेगा कि कोई उसकी छोटी बहन से शादी तक नहीं करेगा. इस डर की वजह से भी वह ये सब सहती रही.

मंदीप के पिता के मुताबिक, 'उनकी बेटी पर अत्याचार तब बढ़ गया जब वह दूसरी बार भी बेटी की मां बनी और उसके सुसराल वालों ने बेटी की परवरिश के नाम पर कभी 25 लाख रुपये तो कभी 50 लाख रुपये की मांग की थी.'

बेटी के शव को भारत मंगाए सरकार

मंदीप के घरवाले अब आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अमेरिका में एक सिख संगठन और कुछ अन्य लोग उनकी इस तरफ पूरी मदद कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर भी देश-विदेश से उनकी मदद को लोग आगे आ रहे हैं. परिवार के लोगों ने सरकार से मांग की है कि उनकी बेटी का शव भारत मंगाया जाए. साथ ही मंदीप की दोनों बेटियों को भी उनके मायके पक्ष को दिलाया जाए.

इस घटना के बाद न्यूयॉर्क में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया है कि वे इस मामले में अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में हैं और इस मामले में हर संभव मदद की जाएगी.

मनदीप कौर के निधन के बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा है कि उन्होंने इस मामले में केंद्रीय विदेश मंत्री से समय मांगा है.

राघव चड्ढा ने ट्वीट करते हुए कहा कि घरेलू हिंसा के कारण मनदीप कौर की मौत दर्दनाक है और इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है.

पंजाब के पर्यटन मंत्री अनमोल गगन मान ने भी पोस्ट किया है, "दुनिया भर की महिलाओं को एकजुट होकर घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए ताकि किसी भी महिला के साथ ऐसी घटना न हो."

क्या कहते हैं गांव के लोग

ये मामला देश और दुनिया में तो सुर्ख़ियों में है ही, वहीं नजीबाबाद के आसपास के गांवों में लोग मंदीप की मौत पर अफ़सोस जता रहे हैं.

हालांकि, जब रणजोत के गांव बड़िया में आस-पड़ोस के लोगों ने बात करने के बदले मुंह फेर कर जाना उचित समझा. कुछ ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत की.

ग्रामीण देवराज सहगल कहते हैं, "ये मौत बेटे की चाह में है. आरोपी पति को बेटा चाहिए था, जबकि उन्हें इस बात का पता होना चाहिए कि बेटा-बेटी में फ़र्क नहीं है."

एक अन्य ग्रामीण और दोनों ही परिवारों के जानकार डाक्टर नरेंद्र पाल सिंह कहते हैं, "ये घटना अफ़सोसजनक है. इस मौत का कारण घरेलू हिंसा रहा है. मैंने दोनों ही वीडियो देखी हैं, बहुत दुख पहुंचा है, हालांकि, दोनों ही परिवार संपन्न हैं, फिर ऐसा क्यों हो गया."

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