बिहार के हाजीपुर में छह युवकों को पीटे जाने का वीडियो वायरल, क्या है मामला?

बिहार

इमेज स्रोत, SEETU TIWARI/BBC

    • Author, सीटू तिवारी,
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, बिहार से

बिहार के वैशाली ज़िले के हाजीपुर का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक व्यक्ति छह लोगों को गाली देते हुए बारी-बारी से मोटे डंडे से पीटता नज़र आ रहा है.

जो लोग पीटे जा रहे हैं, वे सभी मुसलमान हैं. ये सभी लोग साधुओं के वेशभूषा में हैं. इनके पास बसहा बैल है जिसका श्रृंगार करके ये लोग घूम-घूम कर भीख मांगते थे.

वैशाली के एसपी मनीष ने बीबीसी से बताया, "ये सभी लोग उत्तर प्रदेश के बहराइच के थे. इनका सत्यापन करके इन लोगों को रिहा कर दिया गया है और जो लोग इनकी पिटाई में शामिल थे उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज़ की गई है."

वहीं एसएसपी बहराइच केशव कुमार चौधरी बताते हैं, "ये लोग जोगी, मंगता हैं और भीख मांग कर खाते हैं. इन लोगों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है."

एसएसपी बहराइच केशव कुमार चौधरी

इमेज स्रोत, SEETU TIWARI/BBC

इमेज कैप्शन, एसएसपी बहराइच केशव कुमार चौधरी

क्या है मामला?

दरअसल ये मामला 25 जुलाई की सुबह का है. हाजीपुर के कदम घाट स्थित श्री नारायण महादेव मंदिर के पुजारी बिंदु महाराज ने बजरंग दल के वैशाली अध्यक्ष आर्यन सिंह को सूचना दी कि मंदिर में कुछ संदिग्ध लोग रह रहे हैं.

आर्यन सिंह ने बीबीसी से बातचीत में बताया, "पुजारी जी ने बताया कि ये लोग रात में जाकर होटल में मांसाहार करते हैं, प्रसाद फेंक देते थे और आरती में शामिल नहीं होते थे जिसके बाद हम लोगों को शक हुआ. हम 24 जुलाई की रात को इन लोगों से मिलने कदम घाट गए लेकिन ये लोग नहीं मिले."

वे बताते हैं, "इसके बाद हम लोग 25 जुलाई की सुबह गए जहां ये लोग मिले. इनके पास चाकू और सरौता था. इनके आधार कार्ड फर्ज़ी थे और ये लोग अपने मोबाइल से बांग्लादेश बात करते हैं. लेकिन पुलिस ने ठीक से जांच किए बिना इन लोगों को छोड़ दिया."

वायरल वीडियो में आर्यन सिंह करीम अहमद, हसन, सैय्यद अली, हलीम अहमद, महबूब, लुंबो को पीटते दिख रहे हैं. वीडियो के आधार पर वैशाली पुलिस ने नगर थाने में आर्यन सिंह पर नामजद एफ़आईआर दर्ज़ की है.

बिहार

इमेज स्रोत, SEETU TIWARI/BBC

"हमारा खानदानी पेशा है"

इन लोगों के पास मिले आधार कार्ड के मुताबिक़, ये लोग हथमरवा, मधुबन अमवा पोखर (बहराइच उत्तर प्रदेश) के हैं.

इनमें से एक महबूब ने बताया, "हम लोग ज़िला बहराइच से आए हैं. हम नंदी बसहा बैल घुमा रहे थे. हम लोग मुसलमान हैं लेकिन हमारा खानदानी पेशा ये रहा है. हमारे बाप दादा ने यही काम किया है. लेकिन यहां के लोगों ने आधार कार्ड मांगा है और यहां हिंदू मुसलमान का बवाल हो गया. हमारा आधार कार्ड देखकर हमें मारा पीटा."

महबूब ने बताया कि वो पिक अप वैन से इन बसहा बैलों को गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, छपरा, सिवान के रास्ते हाजीपुर लाए हैं.

राजद प्रवक्ता और पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य सहायक निर्वाचन पदाधिकारी चितरंजन गगन मूल रूप से वैशाली के भगवानपुर प्रखंड के है.

वे बताते हैं, "मेरी उम्र 69 साल है और हम बचपन से ही ऐसे लोगों को देखते रहे हैं. सावन के महीने में यूपी से आने वाले इन लोगों की तादाद बढ़ जाती है लेकिन आम तौर पर ये साल भर आते रहते हैं और इसी तरीक़े से बसहा बैल लेकर भीख मांगते रहे हैं. ये कोई असामान्य बात नहीं है हम लोगों के लिए."

बिहार

इमेज स्रोत, SEETU TIWARI/BBC

योगी मुस्लिम कहलाते हैं ये लोग

बहराइच के मधुबन गांव (जिसके ये सभी निवासी है) के 37 साल प्रधान रहे रईस खान बताते हैं, "ये लोग जोगी मुस्लिम कहलाते हैं और कई पुश्तों से ऐसे ही नंदी बैल लेकर घूमते और भिक्षाटन करते रहे हैं. बहराइच में लक्ष्मणपुर, नानपारा, नवाबगंज, नरहनगोड़ा, बाबागंज, नरीपुरा आदि जगहों पर इनकी अच्छी खासी आबादी है और पूरे के पूरे गांव ही जोगी मुस्लिम आबादी के है."

बहराइच के स्थानीय पत्रकार अजीम मिर्जा भी बताते हैं, "बहराइच में दो जातियां हैं. पहली, लालबेगी और दूसरी जाति है जिसे महाउत/मंगता/महंत कहा जाता है. इन दोनों जातियों में ये आज़ादी होती है कि आप कोई भी धर्म (हिंदू-मुस्लिम), रीति रिवाज, रहन सहन अपना सकते हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण बहराइच से चार बार विधायक रहे शब्बीर वाल्मीकि है जिनका अपना नाम तो मुस्लिम था लेकिन उनके बेटे का नाम संजय वाल्मीकि था."

ठीक ऐसी ही बात 'मसावात की जंग' और 'दलित मुसलमान' किताबों के लेखक और पूर्व सांसद अली अनवर बीबीसी से बातचीत में कहते हैं.

वे बताते हैं, "हिन्दुओं में शायद ही कोई बिरादरी हो जो मुसलमानों में नहीं हो. हिन्दुओं में अगर भीख मांगने का पेशा करने वाले गोसाई या गिरी है तो हमारे यहां फकीर या साईं है. नट बिरादरी में तो हिन्दू मुस्लिम में रोटी बेटी का रिश्ता भी रहा है. और ये वो हिन्दू मुसलमान है जो आर्थिक, राजनैतिक और शैक्षिक स्तर में हाशिए पर है."

ये भी पढ़ें -

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)