You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
उदयपुर: पैग़ंबर का हवाला देकर दर्जी की हत्या की, वीडियो में पीएम मोदी को भी धमकी
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को दो लोगों ने एक दर्जी की उसकी दुकान में घुसकर हत्या कर दी थी. दोनों ने हत्या का वीडियो भी बनाया था और इसे बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का बदला बताया है.
पुलिस ने मृतक दर्जी की पहचान कन्हैयालाल के रूप में की है. दोनों अभियुक्तों को भी पुलिस ने राजसमंद ज़िले के भीम से गिरफ़्तार कर लिया है. दोनों की पहचान मोहम्मद रियाज़ और गौस मोहम्मद के रूप में हुई है. दोनों एक वीडियो में कन्हैयालाल के सिर कलम कर देने की बात स्वीकार रहे हैं. इन्होंने इस वीडियो में पीएम मोदी की हत्या की भी धमकी दी है.
इस हत्या के बाद उदयपुर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की एक टीम भेजी है. इस मामले की जाँच आतंकवाद के एंगल से भी की जा रही है.
राजस्थान पुलिस के अनुसार, कन्हैयालाल ने दावा किया था कि उनके बेटे ने ग़लती से एक आपत्तिजनक पोस्ट फ़ेसबुक पर पोस्ट कर दिया था.
राजस्थान के एडीजी हवा सिंह घुमारिया ने कहा है कि मौक़े पर 600 अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है. हवा सिंह ने कहा कि राज्य भर में अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही राज्य के सभी ज़िलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है. उदयपुर ज़िले के सात पुलिस थाने इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजसमंद के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के हवाले से बताया है कि दोनों अभियुक्त मोटरसाइकिल पर सवार होकर भागने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने चेहरा छुपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था.
शांति बनाए रखने की अपील
सुधीर चौधरी ने बताया कि अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है. अभियुक्तों को पकड़ने के लिए 10 टीमों को तैनात किया गया था.
उदयपुर कलेक्टर तारा चंद मीणा और एसपी मनोज कुमार समेत दर्जन भर थाने की पुलिस मौक़े पर तैनात है.
उदयपुर के ज़िलाधिकारी ताराचंद मीणा ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, हत्या के बाद उदयपुर के कुछ इलाकों में आगज़नी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है.
उदयपुर के एसपी मनोज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा है, "यह नृशंस हत्या है. कुछ आरोपियों की पहचान की गई है, पुलिस टीमें आरोपियों तलाश कर रही हैं. अपराधियों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी."
उदयपुर पुलिस ने क्या कहा?
क्या नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने के कारण हत्या की बात सामने आ रही है?
मीडिया के इस सवाल पर एसपी ने कहा, "यह सभी रिकॉर्ड देख रहे हैं. अभी हम मौक़े की स्थिति संभाल रहे हैं. सभी बात पर हम विचार कर कलेक्टर के साथ वार्ता कर रहे हैं."
एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें एक मुस्लिम शख्स पोस्ट लिखने वाले की हत्या करने के लिए उकसा रहा है.
मृतक कन्हैया लाल तेली
उदयपुर के धानमंडी थाना इलाक़े में कन्हैया लाल तेली एक दर्जी की दुकान चलाते थे.
मंगलवार दोपहर उनकी दुकान पर कपड़े सिलवाने के बहाने से लोग पहुंचे और उन्हें दुकान से बाहर ला कर तलवार से उनकी गर्दन काट दी.
मौक़े पर ही कन्हैया लाल की मौत हो गई. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है.
हिंदू संगठनों में रोष
घटना के बाद से हिंदू संगठनों में रोष है और उन्होंने शहर के बाज़ार बंद करवा दिए हैं. अनिश्चितकालीन बंद का एलान किया है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस हत्याकांड के बाद सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
उन्होंने लिखा है, "उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या की भर्त्सना करता हूं. इस घटना में शामिल सभी अपराधियों (के ख़िलाफ़) कठोर कार्रवाई की जाएगी एवं पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी. मैं सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ. ऐसे जघन्य अपराध में लिप्त हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी."
"मैं सभी से अपील करता हूं कि इस घटना का वीडियो शेयर कर माहौल ख़राब करने का प्रयास ना करें. वीडियो शेयर करने से अपराधी का समाज में घृणा फैलाने का उद्देश्य सफल होगा."
इधर पुलिस प्रशासन भी शहर में शांति बनाने के लिए प्रयास कर रहा है.
उदयपुर हत्याकांड के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी
राजस्थान सरकार ने उदयपुर में एक शख़्स की हत्या किए जाने के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री एम एल लाठर ने सभी मीडिया चैनलों से उदयपुर में हुए वीभत्स हत्याकांड से जुड़े वीडियो ना दिखाने की अपील की है.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून श्री हवासिंह घुमरिया ने भी आमजन से उदयपुर हत्याकांड के वीडियो को वायरल करने से बचने की अपील की है.उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वीडियो को वायरल करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख़्त कार्यवाही की जाएगी.
अतिरिक्त महानिदेशक जंगा श्रीनिवास, दिनेश एमएन, डीआईजी आरपी गोयल और राजीव पचार समेत करीब 30 आर पी एस अधिकारी, पांच आरएसी की कंपनी उदयपुर में तैनात की गई हैं.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
राजस्थान के उदयपुर ज़िले में मंगलवार दोपहर एक युवक की नृशंस हत्या के बाद विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उदयपुर की घटना पर बयान जारी कर कहा है, "उदयपुर में एक निर्दोष युवक की दिन दहाड़े निर्मम हत्या से स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार की शह के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद है और प्रदेश में साम्प्रदायिक उन्माद व हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई है."
"अपराधी इतने बैखोफ हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री जी को लेकर हिंसक बयान दिया है."
"घटना में लिप्त सभी अपराधियों की तुरंत गिरफ़्तारी हो और कड़ी सजा मिले. इस घटना के पीछे जिन लोगों का हाथ है,उन्हें भी राज्य सरकार बेनक़ाब कर गिरफ़्तार करे."
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उदयपुर में हुई हत्या पर टिप्पणी देते हुए कहा है कि वे इस घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हैं.
उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि "उदयपुर में हुई जघन्य हत्या से मैं बेहद स्तब्ध हूं. धर्म के नाम पर बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जा सकती."
"इस हैवानियत से आतंक फैलाने वालों को तुरंत सख़्त सज़ा मिले. हम सभी को साथ मिलकर नफ़रत को हराना है. मेरी सभी से अपील है, कृपया शांति और भाईचारा बनाए रखें."
एआईएमआईएम पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि "उदयपर में हुई क्रूर हत्या निंदनीय है. ऐसी हत्या को कोई डिफ़ेंड नहीं कर सकता. हमारी पार्टी का मुसलसल स्टैंड यही है कि किसी को भी क़ानून को अपने हाथों में लेने का हक़ नहीं है. हमने हमेशा हिंसा का विरोध किया है."
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार से माँग है कि वो मुजरिमों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त एक्शन लें. विधि शासन को क़ायम रखना होगा."
जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले पर टिप्पणी की है.
उन्होंने लिखा है कि ये स्पष्ट रूप से एक हत्या है जिसकी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है. प्रशासन को इस मामले की जांच करके ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.
इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने कहा है कि "इससे कोई मतलब नहीं कि आप किस धर्म को मानते हैं, एक बेगुनाह को नुकसान पहुंचाना पूरी मानवता को नुकसान पहुंचाने जैसा है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)