पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित बयान: प्रयागराज हिंसा के अभियुक्त के घर पर चला बुलडोज़र

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- Author, अनंत झणाणे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ़्तारियों का सिलसिला जारी है. यूपी पुलिस ने अब तक 300 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है.
इसके अलावा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रयागराज प्रशासन ने रविवार को 'मुख्य अभियुक्त' जावेद मोहम्मद के करेली इलाके में बने घर पर बुलडोज़र चलाया.
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने वेलफ़ेयर पार्टी के नेता जावेद मोहम्मद को रविवार सुबह 11 बजे तक घर खाली करने का नोटिस जारी किया था. इस नोटिस के अनुसार अहमद का घर ग़ैर-क़ानूनी तरीके से बनाया गया है.
10 मई को अवैध निर्माण के सिलसिले में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसके मुताबिक़ उन्हें 25 मई तक प्राधिकरण के सामने पेश होना था. लेकिन प्राधिकरण के सामने उनकी अनुपस्थिति और इसका कारण नहीं बताने के बाद उनके घर को ढहाने का आदेश पारित किया गया.
बुलडोज़र की कार्रवाई के बारे में जावेद मोहम्मद के परिवारवालों की तरफ़ से मीडिया में फिलहाल कोई बयान नहीं आया है. यूपी पुलिस ने जावेद को शुक्रवार की हिंसा का 'मास्टरमाइंड' बताया था.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार यूपी पुलिस ने बीते शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद से अब तक आठ ज़िलों से 304 लोगों को गिरफ़्तार किया है. इनमें से सबसे अधिक गिरफ़्तारियां प्रयागराज से ही हुई हैं.
शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद प्रयागराज में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगज़नी के बाद पुलिस ने वहां 91 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
रविवार सुबह तक की जानकारी के अनुसार, फ़िरोज़ाबाद से 15, अंबेडकर नगर से 34, मुरादाबाद से 34, सहारनपुर से 71, प्रयागराज से 91, हाथरस से 51, अलीगढ़ से 6 और जालौन से 2 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ओर से पैग़ंबर मोहम्मद पर दी गई विवादित टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन किए गए थे. यूपी में सबसे ज़्यादा हिंसा प्रयागराज और सहारनपुर में हुई थी.

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जिन ज़िलों में शुक्रवार को हिंसा भड़की वहां पर शनिवार को भी कड़े सुरक्षा के इन्तेज़ाम दिखे और पुलिस और प्रशसन के अधिकारियों ने सड़कों पर निकल कर सुरक्षा इन्तज़ाम का जायज़ा लिया.
प्रयागराज में मास्टरमाइंड की गिरफ़्तारी का दावा
प्रयागराज पुलिस ने 29 गंभीर धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया है और साथ ही दावा किया है कि घटना के मास्टरमाइंड, जिसका नाम मोहम्मद जावेद उर्फ़ जावेद पंप है, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है.
पुलिस का कहना है कि जावेद के मोबाइल फ़ोन से मिली जानकारी के मुताबिक़- उन्होंने भारत बंद का आह्वान किया और टाला, जहाँ हिंसा भड़की वहां पहुँचने का भी आह्वान किया गया था.
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प्रयागराज के एसएसपी अजय कुमार का कहना है, "पूछताछ में इन्होंने बताया कि इनकी एक लड़की है जो जेएनयू में पढ़ती है. वो भी इनको राय मश्वरा देती हैं. पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है कि क्या राय मश्वरा दिया जाता है. उसके मोबाइल से कई नंबर डिलीटेड भी हैं, व्हाट्सऐप से डिलीटेड हैं. उन्हें रिकवर करने के लिए मोबाइल्स को एफएसएल भेजा जाएगा."
क्या अभियुक्त मोहम्मद जावेद की बेटी से भी पूछताछ की जाएगी? मीडिया के इस सवाल के बारे में एसएसपी अजय कुमार ने कहा, "शुरुआती पूछताछ में बात सामने आई है. अगर ठोस सबूत मिलता है तो गिरफ़्तारी करने में रत्ती भर गुरेज़ नहीं किया जाएगा. तत्काल गिरफ़्तारी करने के लिए टीमें दिल्ली जाएँगी, और दिल्ली पुलिस से रिक्वेस्ट किया जाएगा."
क्या अभियुक्त मोहम्मद जावेद की बेटी से भी पूछताछ की जाएगी? मीडिया के इस सवाल पर एसएसपी अजय कुमार ने कहा, "शुरुआती पूछताछ में बात सामने आई है. अगर ठोस सबूत मिलता है तो गिरफ़्तारी करने में रत्ती भर गुरेज़ नहीं किया जाएगा. तत्काल गिरफ़्तारी करने के लिए टीमें दिल्ली जाएँगी, और दिल्ली पुलिस से रिक्वेस्ट किया जाएगा."
प्रयागराज पुलिस का दावा है कि शुरुआती छानबीन में ऐसा सामने आ रहा है कि एक बड़े पैमाने पर साज़िश रची गयी है. एक आदमी को हिरासत में लिया ही जा चुका है और एसएसपी का कहना है कि तीन चार और लोगों की चर्चा है, उनके बारे में पुलिस का कहना है कि वो पड़ताल कर रही है.

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एसएसपी ने कहा था, "प्रयागराज डिवेलपमेंट अथॉरिटी अभियुक्तों के अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई भी अमल में लाएगी और गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्तों की काली कमाई को भी ज़ब्त किया जाएगा और किसी भी तरह से इन्हें बख़्शा नहीं जाएगा."
प्रयागराज डिवेलपमेंट अथॉरिटी के जॉइंट सेक्रेटरी अजय कुमार भी इलाके में ग़ैर-क़ानूनी इमारतों को चिन्हित करने के लिए पहुंचे.
पुलिस के अनुसार दंगे में नाबालिग बच्चों को आगे करके पथराव किया गया. मुक़दमे में 5000 अज्ञात लोग भी रखे गए हैं.
प्रयागराज पुलिस यह भी दावा कर रही है कि ऐसा हो सकता है कि संदिग्ध दंगाइयों को पैसे भी मिले हों. एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि, "ऐसा लग रहा था कि इनको कुछ करके ही जाना था, तभी इनको पेमेंट मिलेगा, ऐसा कमिटमेंट इनमें महसूस हुआ. यह गहरी साज़िश का हिस्सा है और पुलिस सभी को बुक करने का काम करेगी."

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कानपुर में चला बुलडोज़र
3 जून की घटना के एक हफ़्ते बाद शनिवार को कानपुर में कानपुर डिवेलपमेंट अथॉरिटी ने मोहम्मद इश्तिआक नाम के शख़्स की इमारत पर बुलडोज़र चलवाया.
भारी सुरक्षा के बीच बुलडोज़र चलाया गया और कानपुर के जॉइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि, "मिले इनपुट के आधार पर दंगे के मुख्य अभियुक्त ज़फ़र हयात हाशमी और मोहम्मद इश्तिआक दोनों एक-दूसरे के काफी क़रीबी हैं और हमारे पास यह विश्वास करने के कारण हैं कि यह इन्वेस्टमेंट मामले के मुख्य अभियुक्त का इन्वेस्टमेंट हैं."
जब स्थानीय मीडिया ने उनसे यह सवाल पूछा कि हिंसा के बाद ही यहाँ बुलडोज़र चलाया जा रहा है और क्या पहले केडीए ने इमारत बनाते ध्यान नहीं दिया तो उसके जवाब में जॉइंट सीपी ने कहा कि, "नियमों और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और हम शहर में किसी भी ग़ैरक़ानूनी चीज़ की अनुमति नहीं देंगे. किसी भी घटना के 360 डिग्री आयाम होते हैं और उसमें फंडिंग मोटिव और मंशा होते हैं और इस जांच में भी सारी चीज़ों की जांच हो रही है."
केडीए के सचिव त्रिभुवन वैश्य ने कहा कि भू-माफियाओं की अवैध संपत्तियों के ख़िलाफ़ प्रशासन लगातार सुनवाई करते हुए कार्रवाई कर रहा है.
सहारनपुर में भी चला बुलडोज़र
शुक्रवार को सहारनपुर में भी भड़की हिंसा में पुलिस ने कुल 64 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस प्रशासन उनके ख़िलाफ़ रासुका क़ानून के तहत कार्रवाई करने की बात कर रही है.
घटना में दो अभियुक्तों मुज़म्मिल और अब्दुल वाक़र के घरों पर नगर निगम के बुलडोज़र चले और दोनों को पुलिस गिरफ़्तार कर चुकी है.
सहारनपुर की सड़कों पर जुमे की नमाज़ के बाद हुए प्रदर्शन में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बाज़ार सामान्य रूप से खुलवाने का प्रयास किया और व्यापारियों से बात उन्हें सुरक्षा के आश्वासन दिए.
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भाजपा विधायक ने शेयर किया संदिग्ध दंगाइयों की पिटाई का वीडियो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्व मीडिया सलाहकार और देवरिया से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें पुलिस एक बंद कमरे में हिरासत में कुछ लोगों पर लाठियां बरसा रही है.
ट्वीट कर उन्होंने लिखा, बलवाइयों को "रिटर्न गिफ़्ट"
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बीबीसी ने जानने की कोशिश की कि क्या यह वीडियो उत्तर प्रदेश के किसी ज़िले का है तो इस बारे में प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि, "यह वीडियो अभी पुलिस के संज्ञान में नहीं आया है."
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