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असमः अपने मंगेतर को जेल भेजने वाली सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार
- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
असम पुलिस ने शनिवार को उस महिला सब-इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने पिछले महीने अपने मंगेतर को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
दरअसल माजुली पुलिस ने सब-इंस्पेक्टर जुनमोनी राभा को "आपराधिक साजिश" और "धोखाधड़ी" के उन्हीं आरोपों के तहत गिरफ्तार किया जिसके तहत उनके मंगेतर को गिरफ्तार किया गया था.
माजुली के पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने सब-इंस्पेक्टर जुनमोनी राभा की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बीबीसी से कहा, "महिला सब-इंस्पेक्टर जुनमोनी राभा को कई सारे आरोपों के तहत आज गिरफ्तार किया गया है. फोन पर इतने सारे आरोपों को बता पाना संभव नहीं है लेकिन मुख्य तौर पर उन्हें धोखाधड़ी और ठगी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है."
पुलिस का आरोप है कि इस महिला पुलिस अधिकारी ने माजुली में तैनाती के दौरान अपने मंगेतर के साथ मिलकर कई लोगों के साथ "धोखाधड़ी" की है.
इससे पहले राम अवतार शर्मा और अजीत बोरा नामक दो ठेकेदारों ने जुनमोनी राभा के मंगेतर राणा पोगाग के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने उस पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए थे.
जुनमोनी राभा की गिरफ़्तारी
इन ठेकेदारों ने आरोप लगाया था कि जुनमोनी राभा ने उन्हें राणा पोगाग से मिलवाया था और इस महिला पुलिस अधिकारी के कारण ही उन लोगों ने पोगाग को तेल और प्राकृतिक गैस निगम अर्थात ओएनजीसी से ठेका कार्य दिलाने के लिए पैसे दिए थे.
माजुली पुलिस ने एफआईआर में जुनमोनी राभा का नाम सामने आने के बाद शुक्रवार को उनसे पूछताछ की और आज गिरफ्तार कर लिया.
महिला पुलिस अधिकारी पर लगे इन आरोपों में कहा जा रहा है कि राणा पोगाग लोगों से जुनमोनी के बैंक खातों में ठगी का पैसा लिया करता था. इनमें माजुली के कनाडा बैंक के खाते में 11 लाख 33 हजार और एक्सिस बैंक के एक खाते में 9 लाख 14 हजार रुपये लेने के आरोप है.
जुनमोनी का मंगेतर राणा पोगाग फिलहाल नौगांव जेल में बंद है जिन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 170, 406, 419, 420, 468, 471 और 472 के तहत गिरफ्तार किया गया था.
पिछले साल अक्टूबर में जुनमोनी और राणा की सगाई हुई थी और इसी साल नवंबर में दोनों शादी करने वाले थे. लेकिन उससे पहले ही जुनमोनी राभा ने अपने मंगेतर पर धोखाधड़ी समेत कई आरोप लगाते हुए पिछले महीने उसे गिरफ्तार कर लिया था.
नौगांव थाने में दर्ज एफ़आईआर
जुनमोनी राभा ने अपने मंगेतर राणा के खिलाफ नौगांव थाने में खुद एफ़आईआर दर्ज कराई थी और कई सारे आरोप लगाते हुए मीडिया के समक्ष कहा था कि सगाई के बाद ही उन्हें इस बात का पता चला कि वो जिस व्यक्ति को अपना जीवन साथी बनाने जा रही थी, असल में वह एक कथित धोखेबाज़ है.
जुनमोनी ने यहां तक कहा था कि राणा पोगाग ने अपनी पहली मुलाकात के दौरान खुद को ओएनजीसी का एक जनसंपर्क अधिकारी बताया था जिससे वो प्रभावित हुई थी.
दरअसल, माजुली के रहने वाले पोगाग से जुनमोनी की पहली मुलाकात पिछले साल जनवरी में हुई थी जब वह माजुली में तैनात थी. कई मुलाकातों के बाद दोनों में प्यार हुआ और कुछ महीनों बाद उनके परिवारों के आशीर्वाद से दोनों की सगाई हो गई.
अपनी सगाई और फिर धोखाधड़ी से जुड़े मामले पर जुनमोनी ने कहा था, "मैं माजुली में तैनात थी और मेरी उनसे मुलाकात जनवरी 2021 में हुई थी. मेरे एक परिचित थाना प्रभारी ने जान-पहचान करवाई थी. पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी अच्छी जान-पहचान थी. उसका एक कारण यह भी हो सकता है कि वह धोखाधड़ी के काम में लिप्त थे. इसलिए शायद उसे लगा होगा कि पुलिस के साथ पहचान बनाकर रखने से उसे भविष्य में मदद मिलेगी. उनका एक ऐसा माइंडसेट रहा होगा."
लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप
लेकिन अब जुनमोनी की गिरफ्तारी और उन पर लगे तमाम आरोप इस बात की और इशारा करते है कि वह खुद भी कहीं न कहीं अपने मंगेतर के धोखाधड़ी से जुड़े काम के बारे में पहले से सबकुछ जानती थी.
पुलिस ने उन पर जो आरोप लगाए है उनके अनुसार वह खुद अपने मंगेतर के साथ धोखाधड़ी के काम में लिप्त थी और उन पर माजुली के कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप है.
अपने मंगेतर राणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के बाद जुनमोनी ने कहा था कि राणा ने जिस व्यक्ति से 25 लाख रुपये की ठगी की थी उसने खुद आकर सारी बात बताई थी. अपने मंगेतर के बारे में इस कदर खुलासा कर उसे गिरफ्तार करके जेल भेजने की खबर के बाद उस समय सोशल मीडिया पर उनकी काफी तारीफ हुई थी लेकिन अब वह खुद इन तमाम आरोपों में गिरफ्तार कर ली गई है.
बतौर एक महिला पुलिस अधिकारी उनकी तारीफ करने की एक बड़ी वजह और भी थी. क्योंकि इसी साल जनवरी में जुनमोनी ने सत्तारूढ़ बीजेपी विधायक अमिय कुमार भुईयां को टेलीफोन पर हुई एक बहस के दौरान जन प्रतिनिधि की जिम्मेवारी समझा रही थी. जब फोन पर हुई बातचीत की क्लिप मीडिया पर लीक हुई तो हंगामा मच गया था.
दरअसल, विधायक ने पुलिस द्वारा जब्त की गई एक नाव को लेकर जोनमोनी को आदिवासियों के पीछे नहीं पड़ने के लिए कहा था.
लेकिन जुनमोनी ने विधायक को ही जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हुए यह पूछ दिया कि वह (विधायक) एक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के बावजूद पुलिस से "नियम और कानून तोड़ने" के लिए कैसे कह सकते है? दोनों के बीच बातचीत की क्लिप जब सामने आई तो लोगों ने महिला पुलिस अधिकारी के साहस की काफी तारीफ की थी.
लेकिन अब सब-इंस्पेक्टर जुनमोनी की गिरफ्तारी की खबर के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग जहां असम पुलिस की तारीफ कर रहें है वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जुनमोनी ने पुलिस के नाम का गलत फायदा उठाया है. हालांकि पुलिस हिरासत में अदालत ले जाते समय मीडिया के समक्ष जुनमोनी ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश की गई है और उन्हें इस मामले फंसाया गया है.
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