नवनीत राणा : उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की चुनौती देने वाली सांसद कौन हैं?

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर 'मातोश्री' के बाहर सांसद नवनीत राणा, उनके पति और निर्दलीय विधायक रवि राणा ने शनिवाार को हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया, जिसके बाद शिवसेना के कार्यकर्ता शनिवार सुबह से ही सांसद नवनीत राणा के मुंबई स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ नवनीत राणा ने कहा, ''महाराष्ट्र के सीएम ने शिवसेना कार्यकर्ताओं को हमें परेशान करने का आदेश दिया. वे (शिवसेना कार्यकर्ता) बैरिकेड्स तोड़ रहे हैं. मैं फिर दोहराती हूं कि मैं बाहर जाऊंगी और 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का जाप करूंगी. सीएम केवल लोगों को जेल में डालना जानते हैं."
नवनीत राणा अमरावती ज़िले से निर्दलीय सांसद हैं और समझा जाता है कि उन्होंने ये चुनाव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के समर्थन से जीता था.
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हनुमान चालीसा से उद्धव ठाकरे को दिक़्क़त क्या है- नवनीत राणा
नवनीत राणा ने अपने फ़ेसबुक पन्ने पर किए गए लाइव में कहा, " आज सुबह से ही उद्धव ठाकरे जी ने हमारे घर के सामने शिव सैनिक भेज दिए हैं. मुझे नहीं समझ में आ रहा है कि हनुमान चालीसा से उन्हें दिक़्क़त क्या है और मैंने उनके घर के बाहर जाकर चालीसा का पाठ करने को कहा है ना की उनके घर के अंदर जाकर. हम अपने घर हनुमान की पूजा करके जैसे ही बाहर निकले पुलिस-प्रशासन के लोग आकर खड़े हो गए की आप बाहर नहीं जा सकते.''
"मुझे प्रशासन से भी पूछना है कि आखिर एक एमपी को घर मैं बंद क्यों किया है, और अगर हम बंद हैं तो इतने शिव सैनिकों की बंदी क्यों नहीं हो रही. ये किसके दबाव में काम कर रहे हैं? जब से ये लोग आए हैं तब से महाराष्ट्र में सुव्यवस्था ख़राब हुई है. "
नवनीत राणा के ऐलान पर अब तक उद्धव ठाकरे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि जिनको स्टंट करना है उन्हें करने दो मुंबई का पानी क्या है, उन्हें पता नहीं है.
पत्रकारों ने संजय राउत से राणा पति-पत्नी के मुंबई पहुंचने पर प्रतिक्रिया मांगी, जिस पर उन्होंने कहा कि 'बंटी और बबली अगर पहुंचे हैं तो हमें कोई एतराज़ नहीं है. ये लोग फ़िल्मी लोग हैं और ये स्टंटबाज़ी है. मार्केटिंग करना उनका काम है और बीजेपी को ऐसे लोगों की ज़रूरत है अपनी मार्किटिंग के लिए. लेकिन शिवसेना को हिंदुत्व की मार्केटिंग की ज़रूरत नहीं है.'
साथ ही उनका कहना था कि शिवसेना को पता है कि हिंदुत्व क्या है. लेकिन ये लोग करना चाहते हैं तो करने दीजिए.
इससे पहले नवनीत राणा के पति रवि राणा ये आरोप लगा चुके हैं कि उद्धव ठाकरे हिंदुत्व भूल चुके हैं. वो दूसरी दिशा में जा रहे हैं और महाराष्ट्र का नुक़सान कर रहे हैं.
पत्रकारों के साथ बातचीत में उनका कहना था, ''हम महाराष्ट्र की इस बाधा को ख़त्म करने के लिए हनुमान चालिसा का पाठ करने आए हैं और हम शनिवार को नौ बजे मातोश्री जाएंगे.''
रवि राणा के अनुसार उनके इस ऐलान के बाद मुंबई पुलिस ने उनको आईपीसी के 149 के तहत नोटिस जारी किया है.
उन्होंने आगे कहा, ''हम यहां माहौल ख़राब करने, हंगामा खड़े करने नहीं आए हैं, हमारा एकमात्र मकसद महाराष्ट्र को संकट से बचाना है. हम बजरंगबली का नाम ले रहे हैं और इससे उन्हें आपत्ति है तो वो इसका विरोध करेंगे.''

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कौन है नवनीत राणा?
लोकसभा की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक नवनीत राणा का जन्म मुंबई में हुआ था और उन्होंने बीकॉम किया हुआ है.
वह राजनीति में आने से पहले मॉडलिंग कर चुकी हैं जिसके बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगू, कन्नड, मलयालम और पंजाबी फ़िल्मों में काम किया. ऐसी भी ख़बरें थीं कि वो 2019 में महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव जीतने वालीं एकमात्र अभिनेत्री थीं.
नवनीत राणा के पति निर्दलीय विधायक हैं और नवनीत को राजनीति में लाने में उनकी अहम भूमिका रही है. बताया जाता है कि दोनों की मुलाक़ात योग गुरू स्वामी रामदेव के आश्रम में हुई थी.

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साल 2011 में दोनों ने शादी कर ली. उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी की थी. इस सेरेमनी में करीब 3200 जोड़ों ने शादी रचाई थी. ये पहली बार था जब किसी अभिनेत्री ने सामूहिक विवाह में शादी की थी. उनकी शादी में तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, उद्योग मंत्री नारायण राणे, स्वामी रामदेव, सहारा समूह के अध्यक्ष सुब्रतो राय, अभिनेता विवेक और सुरेश ओबरॉय शामिल हुए थे. नवनीत और रवि राणा के एक बेटी और एक बेटा हैं.
साल 2014 में नवनीत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के टिकट से अमरावती से सांसद का चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा.
इसके बाद साल 2019 में एनसीपी की तरफ़ से उन्हें फिर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. अमरावती से उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता था.
37 साल की नवनीत राणा कुछ समीतियों का हिस्सा भी रह चुकी हैं. 13 सितंबर 2019 से 13 सितंबर 2020 तक वो कृषि संबंधी स्थायी समिति की सदस्य रही हैं. इसके बाद वो अब तक विदेश मामलों की स्थायी समिति और वित्त मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य हैं.

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जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवाद
नवनीत राणा की जाति को लेकर भी विवाद रह चुका है. शिवसेना के पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल ने उन पर फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र बनवाकर लोकसभा चुनाव लड़ने का आरोप लगाया था. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
बॉम्बे हाईकोर्ट जून 2021 में उनका जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि नवनीत कौर राणा ने फर्ज़ी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके ये जाति प्रमाणपत्र हासिल किया था. उन पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगा था.
हाईकोर्ट ने कहा था कि 'मोची' जाति से जुड़ा होने का उनका दावा अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए किया गया था. उनका इरादा धोखाधड़ी का था और ये सब इस तबके को उपलब्ध सुविधाओं को हासिल करने के मकसद से किया गया था जबकि वो जानती थीं कि वो उस समुदाय से ताल्लुक नहीं रखती हैं.
हालांकि, इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने हाईकोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी.
नवनीत राणा की जान को ख़तरा होने को लेकर आईबी से मिली सूचना के बाद उन्हें अप्रैल में ही वाई प्लस सुरक्षा दी गई थी. वह रामनवमी के दौरान काफ़ी चर्चा में रही थीं. उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में हनुमान चालीसा का पाठ कराया था जिसके बाद उन्हें धमकियां मिल रही थीं. इसी को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी.
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