राहुल गांधी ने राम और पुनर्जन्म पर दिया बयान, बीजेपी क्या बोली

भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राम से जुड़े एक बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर आप भगवान श्री राम पर विश्वास करते है तो ये राहुल को बर्दाश्त नहीं.

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के एक वीडियो को साझा करते हुए ये बात कही.

इस वीडियो में राहुल गांधी एक बीजेपी नेता के साथ अपनी मुलाक़ात और चर्चा का ज़िक्र कर रहे थे.

वीडियो में राहुल गांधी कहते हैं कि उन्होंने बीजेपी के एक नेता से पूछा कि क्या वे पुनर्जन्म में यकीन रखते हैं, इस पर उस नेता ने कहा कि वह पुनर्जन्म में यकीन नहीं करते, इस पर राहुल गांधी ने सवाल किया कि अगर आप पुनर्जन्म में यकीन नहीं रखते तो राम में कैसे यकीन कर सकते हैं और ये सुनकर बीजेपी नेता चौंक गए और बोले कि बात तो सही है लेकिन बाहर मत बताना.

किताब के विमोचन पर कही ये बात

राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में एक किताब के विमोचन के दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से लेकर मायावती को आड़े हाथों लिया.

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश की संस्थाओं पर आरएसएस ने नियंत्रण स्थापित कर लिया है.

राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि, "संविधान भारत का हथियार है लेकिन संस्थानों के बिना इसका कोई मतलब नहीं है. हम संविधान की रक्षा करने की बात करते हैं. लेकिन संविधान का पालन कैसे होता है? संस्थानों के साथ...और सभी संस्थान आरएसएस के हाथों में है."

उन्होंने कहा कि संविधान बनाने वाले बीआर अंबेडकर ने लोगों को एक हथियार दिया था "लेकिन आज इस हथियार का कोई मतलब" नहीं रह गया है.

अपनी बात को विस्तार देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मीडिया को नियंत्रित किया जा रहा है और राजनीतिक नेताओं को नियंत्रित करने के लिए स्पाइवेयर (पेगासस) को इस्तेमाल किया जा रहा है.

सरकार के ख़िलाफ़ क्यों बोल पाते हैं राहुल?

इसी कार्यक्रम के दौरान गांधी ने बताया कि अगर उन्होंने आर्थिक फायदा लिया होता तो वह सरकार के ख़िलाफ़ बोल नहीं पाते.

ये कहते हुए उन्होंने दावा किया कि सीबीआई और ईडी राजनीतिक तंत्र को नियंत्रित करती है.

इसके साथ ही मायावती को आड़े हाथों लेते हुए, उन्होंने कहा, "मायावती ने चुनाव ही नहीं लड़ा. हमने मायावती को संदेश दिया कि गठबंधन कीजिए और मुख्यमंत्री बनिए. उन्होंने बात तक नहीं की. जिन लोगों ने अपना खून, पसीना देकर उत्तर प्रदेश में दलितों की आवाज़ को जगाया. आज मायावती कहती हैं कि मैं उस आवाज़ के लिए नहीं लडूंगी.

राहुल गांधी ने कहा कि कांशी राम ने उत्तर प्रदेश में दलितों की आवाज़ को बुलंद किया. वे इसके लिए कांशी राम की इज्जत करते हैं लेकिन इसकी वजह से यूपी में कांग्रेस को नुकसान हुआ है.

उन्होंने दावा किया कि मायावती ने सत्तारूढ़ दल बीजेपी की जीत के लिए अनूकूल माहौल बनाया और ये सीबीआई, ईडी और पेगासस की वजह से हुआ है.

उन्होंने कहा कि अंबेडकर और गांधी ने दिखाया है कि इन समस्याओं का एक हल है लेकिन उसके लिए हमें उस मार्ग पर चलना होगा.

सत्ता में कोई दिलचस्पी नहीं

राहुल गांधी ने कहा, "मुझे नहीं समझ आता कि कैसे कोई इंसान किसी दूसरे इंसान को छूना नहीं चाहता. 1997-97 से ये मेरे दिमाग में चल रहा था कि ये सब कुछ कैसे शुरू हुआ. मेरे लिए ये एक लंबा सफ़र था, और यहीं से मैंने धागा पकड़ा और अपने देश को समझने की शुरुआत की. ये विचार एक बड़ा विरोधाभास था.

दुनिया में भारत एक अकेला देश है और कहीं ऐसा नहीं है. जापान में अतीत में कभी ये हुआ करता था.

यहां लोग कहते हैं कि कुत्ते को छू लूंगा लेकिन इंसान को नहीं छूने वाला हूं. मैं ये समझना चाहता था. जब से मैं राजनीति में हूं, 2004 से लेकर अब तक ये मेरे दिमाग में चल रहा है. मैं आपको इस सवाल का जवाब नहीं दे सकता, लेकिन अब मुझे अंदाज़ा है कि इंसान के दिमाग में क्या चल रहा होगा.

अगर आप राजनीति में जाते हैं और समझने की कोशिश कर रहे हैं. मैं उनकी बात नहीं कर रहा जो राजनीति के बारे, सत्ता के बारे में ही सिर्फ़ सोचते हैं. मैं सत्ता के बिलकुल बीच में पैदा हुआ और मेरी परेशानी ये है कि उसमें मुझे इंटरेस्ट ही नहीं है."

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