CUET (UG): 12वीं के बाद कॉलेज में दाख़िले के लिए कैसे देनी होगी ये परीक्षा?

बारहवीं की परीक्षाओं के बाद अब कॉलेज में दाख़िले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित देश के कई विश्वविद्यालयों में दाख़िले के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) देनी होगी, जिसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) कर रही है.

विश्वविद्यालयों में स्नातक की पढ़ाई के लिए दाख़िले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा पिछले साल से शुरू हुई थी.

इस परीक्षा में क्वॉलीफाई होने वाले छात्र देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित कई अन्य विश्वविद्यालयों के अंडर ग्रैजुएट कोर्सेज़ में दाख़िला ले सकते हैं.

इसके लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले cuet.samarth.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इस बार आवेदन की तारीख़ 30 मार्च तक थी. लेकिन इसके आवेदन की प्रक्रिया 9 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल 2023 की रात 11:59 बजे तक के लिए दोबारा खोली जा रही है.

सीयूईटी (यूजी) परीक्षा के लिए आवेदन और परीक्षा से जुड़ी अन्य जानकारियों के बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं.

किन विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए होती है परीक्षा?

देश के 44 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रमों यानी अंडर ग्रैजुएट कोर्सेस में प्रवेश के लिए अब ये परीक्षा पास करनी होती है.

इनके अलावा, कई राज्यों के विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय और डीम्ड विश्वविद्यालय भी इस प्रवेश परीक्षा के तहत आते हैं.

मतलब ये कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों से बाहर की संस्थाएँ या विश्वविद्यालय भी इस प्रवेश परीक्षा को अपना सकते हैं.

इस बार 44 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अलावा 37 राज्य विश्वविद्यालय, 31 डीम्ड विश्वविद्यालय, 117 निजी विश्वविद्यालय और 3 अन्य संस्थाओं सहित कुल 232 संस्थान इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं. विश्वविद्यालयों की पूरी सूची सीयूईटी की वेबसाइट पर दी गई है.

देश में केंद्रीय विश्वविद्यालय कितने?

यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2023 तक भारत में कुल 56 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं. इनमें से 46 विश्वविद्यालय शिक्षा मंत्रालय के तहत आते हैं. 10 अन्य विश्वविद्यालय दूसरे मंत्रालयों के अधीन हैं.

इनमें राजधानी दिल्ली में सबसे ज़्यादा सात केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं. इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (एसएयू) जैसे संस्थान शामिल हैं.

दिल्ली के बाद सबसे ज़्यादा केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में हैं. यहां के छह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) प्रमुख हैं.

बिहार में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित कुल चार केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं.

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मणिपुर में तीन-तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं. वहीं असम, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में दो-दो केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं.

अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मिज़ोरम, मेघालय, नगालैंड, ओडिशा, पुदुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में एक-एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है.

इन विश्वविद्यालयों में किन-किन विषयों में अंडर ग्रैजुएट की पढ़ाई होती है, इसकी जानकारी इन विश्वविद्यालयों की वेबसाइटों पर मिल सकती है.

यहाँ ये ध्यान रखना ज़रूरी है कि सीयूईटी (यूजी) प्रवेश परीक्षा इन केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले केवल अंडर ग्रैजुएट कोर्सेज़ के लिए है. पोस्ट ग्रैजुएट कोर्सेज़ के लिए एनटीए पिछले साल से सीयूईटी (पीजी) का भी आयोजन कर रहा है.

परीक्षा कब होगी?

परीक्षा किन शहरों में आयोजित होगी यानी परीक्षा केंद्रों का एलान 30 अप्रैल को किया जाएगा. ये परीक्षाएं 21 मई से 31 मई के बीच होंगी.

परीक्षा कई दिनों में दो पालियों में करवाई जाएंगी. इसे आवेदकों की संख्या और उनकी चुनी हुई परीक्षाओं के हिसाब से तय किया जाएगा.

पहली पाली की परीक्षा सवा तीन घंटे की होगी और दूसरी पाली की पौने चार घंटे की.

परिणाम कब निकलेंगे?

नतीजे निकलने की तारीख़ एनटीए और सीयूईटी की वेबसाइटों पर बाद में घोषित की जाएगी.

परीक्षा कैसे होगी?

परीक्षा ऑनलाइन होगी. इसे सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) कहा जाता है. ये परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) आयोजित करवाएगी.

इस तरह से ली जाने वाली परीक्षा में एनटीए की वेबसाइट पर लॉगिन बनाना होता है और परीक्षा केंद्र पर उस लॉगिन से टेस्ट देना होता है.

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) क्या है?

साल 2020 में नई शिक्षा नीति के एलान के साथ ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया था.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सीयूईटी की परीक्षा करवाने की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को सौंपी है. एनटीए एक स्वायत्त संस्था है, जिसका गठन मंत्रालय ने किया है.

इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए होने वाली जेईई परीक्षा, मेडिकल कॉलेजों के लिए होने वाली नीट परीक्षा या कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में प्राध्यापक बनने की योग्यता हासिल करने के लिए होने वाली यूजीसी-नेट जैसी परीक्षाएं एनटीए ही आयोजित करता है.

CUET (UG) परीक्षा का क्या होगा पैटर्न?

परीक्षा में ऑब्जेक्टिव यानी एक से अधिक विकल्प वाले सवाल पूछे जाएंगे.

परीक्षा में पूछे जाने वाले सारे सवाल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की 12वीं कक्षा के स्तर के होंगे.

परीक्षा के आधार पर प्रवेश कैसे मिलेगा?

  • सीयूईटी को स्वीकार करनेवाले विश्वविद्यालय और कॉलेज अपनी अलग-अलग व्यवस्था तय कर सकते हैं.
  • जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) मेंपिछले साल से केवल सीयूईटी (यूजी) में हासिल अंकों के हिसाब से ही प्रवेश मिलता है.
  • डीयू में दाख़िले के लिए कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम- अंडर ग्रैजुएट को भरना होता है.
  • इसी प्रकार से अलग-अलग शिक्षण संस्थान अपने यहां की नीतियों का एलान कर सकते हैं.
  • ये भी हो सकता है कि कोई संस्थान 12वीं में प्राप्त अंकों के साथ-साथ सीयूईटी परीक्षा के स्कोर को भी दाख़िले का आधार बनाए.
  • मेरिट लिस्ट में रैंक, मेडिकल फिटनेस, दस्तावेज़ों की जांच और अन्य मानदंडों को भी पूरा करना पड़ सकता है.

परीक्षा किन विषयों की होगी?

परीक्षा के तीन हिस्से होंगे.

पहले हिस्से में भाषा की परीक्षा होगी. इनमें हिंदी, अंग्रेज़ी जैसी 13 भाषाएं होंगी. पहले हिस्से का एक और खंड है, जिसमें 20 भाषाओं की परीक्षा होगी. इस परीक्षा में वही छात्र हिस्सा लेंगे, जो इन भाषाओं में आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं.

दूसरे हिस्से में 'डोमेन स्पेसिफ़िक' विषय होंगे, यानी वे विषय, जिनकी किसी विश्वविद्यालय के चुने हुए कोर्स में प्रवेश पाने के लिए परीक्षा देने की आवश्यकता हो. इसमें 27 विषयों का विकल्प दिया गया है.

दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी जो नीति घोषित की है, उसमें कहा गया है कि छात्रों को भाषा खंड के अलावा परीक्षा के दूसरे खंड से कम-से-कम तीन विषयों का चुनाव करना होगा.

तीसरे हिस्से में सामान्य ज्ञान, मैथ्स और रीज़निंग के सवाल पूछे जाएंगे. इस खंड में, छात्रों को दिए गए 60 सवालों में से 50 के जवाब देने होते हैं.

वहीं भाषा सहित डोमेन स्पेसिफ़िक खंड के हर विषय में 45 या 50 सवालों में से 35 या 40 सवालों के जवाब देने होंगे.

इन तीनों हिस्सों में से अधिकतम 10 चुने हुए विषयों की परीक्षा दी जा सकती है.

CUET परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेंटर कहां होंगे?

छात्र इस परीक्षा के लिए प्रैक्टिस कर सकें और आराम से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) दे सकें, इसलिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी आवेदकों को टेस्ट प्रैक्टिस सेंटर मुहैया कराएगी.

छात्र एनटीए की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं, जहां उन्हें उनकी लोकेशन के पास ही प्रैक्टिस के लिए सेंटर दिया जाएगा.

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