You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
योगी कैबिनेट में किसको मिली जगह और कौन हुआ बाहर
उत्तर प्रदेश के हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम सवा चार बजे के आस-पास लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शपथ ली. राज्य की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.
योगी मंत्रिमंडल में केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है.
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मंत्रियों में सबसे पहले केशव प्रसाद मौर्य ने शपथ ली.
केशव प्रसाद मौर्य योगी आदित्यनाथ की पूर्ववर्ती सरकार में भी उप-मुख्यमंत्री थे लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव हार गए थे. बावजूद इसके पार्टी ने उन पर भरोसा बरकरार रखा है.
केशव प्रसाद मौर्य के बाद ब्रजेश पाठक ने उप-मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली है. इससे पिछली सरकार में दिनेश शर्मा उप-मुख्यमंत्री थे, इस बार उनकी जगह ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है.
इसके अलावा योगी सरकार में 16 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. ये सरकार के कैबिनेट मंत्री होंगे.
इन नेताओं ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली
इन्हें बनाया गया राज्यमंत्री
मंत्री पद से इनका पत्ता कटा
योगी आदित्यनाथ की पूर्व वर्ती सरकार में मंत्री रहे कई बड़े नामों का इस बार पत्ता कट गया है. उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह ब्रजेश पाठक को लाया गया है.
इसके अलावा ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है. सिद्धार्थ नाथ सिंह को भी बाहर कर दिया गया है. पिछली सरकार में एकमात्र मुसलमान मंत्री रहे मोहसिन रज़ा को भी बाहर कर दिया गया है.
सतीश महाना और स्वाति सिंह जैसे चर्चित मंत्री भी इस सरकार का हिस्सा नहीं बन सके. पार्टी ने स्वाति सिंह का तो टिकट ही काट दिया था. उनके पति दयाशंकर सिंह को मंत्री बनाया गया है.
लगातार दूसरी बार सीएम बने योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के हालिया राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा मौक़ा आया है जब एक मुख्यमंत्री ने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार शपथ ली हो. इससे पहले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में हर बार सत्ता में परिवर्तन होता देखा गया है. लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सत्ता हासिल करके इतिहास रचा है.
बीजेपी इस जीत को ध्यान में रखकर योगी सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को एक मेगा इवेंट में बदलती दिख रही है जिसमें बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लेकर अलग-अलग क्षेत्रों की तमाम हस्तियां शामिल हुईं हैं.
बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 70 हज़ार से ज़्यादा लोग शामिल हुए और इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कोने-कोने को सजाने की कोशिश की गई.
तमाम चौराहों पर बैनर-होर्डिंग के साथ-साथ लाइटिंग और साफ़-सफ़ाई करवाई गई. सुरक्षा व्यवस्था के ख़ास इंतज़ाम किए गए.
राजनीतिक हल्कों में पिछले कई दिनों से ये कयास लगाए जा रहे थे कि योगी आदित्यनाथ किस जाति और किस समाज के नेताओं को अपने मंत्रिमंडल में जगह देंगे. शपथ ग्रहण के साथ ही इन कयासों पर विराम लग गया है.
योगी आदित्यनाथ ने पिछड़ा वर्ग के केशव प्रसाद मौर्य और ब्राह्मण वर्ग से आने वाले ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया है. योगी आदित्यनाथ ने बीती शाम आनंदी बेन पटेल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था और मंत्रियों की सूची सौंपी थी.
उत्तर प्रदेश सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और शीर्ष नेता मौजूद रहे.
इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है - "आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के भाव के साथ उत्तर प्रदेश वासियों के बहुआयामी विकास हेतु प्रतिबद्ध हैं."
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने विधायक दल का नेता चुने जाने पर योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए ट्वीट किया था - "श्री योगी आदित्यनाथ जी को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ. मुझे पूर्ण विश्वास है कि उत्तर प्रदेश के ग़रीब, किसान और वंचित वर्ग के कल्याण का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लिया है, आप उस दिशा में निरंतर इसी समर्पण से कार्य करते रहेंगे."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)