पश्चिम बंगाल हिंसा पर राज्यपाल धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता आमने-सामने- प्रेस रिव्यू

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में हुई हिंसा के बाद राजनीति तेज़ हो गई है.

अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स लिखता है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के हिंसा पर दिए गए बयान को लेकर अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. ममता बनर्जी ने राज्यपाल धनखड़ को मामले पर 'अनुचित बयान' देने से परहेज़ करने के लिए कहा है.

राज्यपाल धनखड़ ने राज्य में हुई हिंसा को "आगज़नी और तांडव" बताया था.

राज्य की मुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल रही वाली ममता बनर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को एक चिट्ठी लिख कर कहा कि 'प्रशासन को निष्पक्ष जांच करने दीजिए.'

इस पत्र में बनर्जी ने लिखा, 'यह बहुत दुख की बात है कि आपने 21 मार्च को रामपुरहाट में हुई घटना जिसमें कई लोगों की जान गई, उसे राज्य की क़ानून व्यवस्था पर व्यापक और अनावश्यक टिप्पणी करने के लिए चुना.''

ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा, "आपके बयानों में अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन करने वाला राजनीतिक अंदाज़ है और लगता है कि ये बंगाल सरकार को धमकाने की कोशिश है."

राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बीरभूम में हुई हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यहां मानवाधिकारों को ख़त्म कर दिया गया है और क़ानून का शासन बेहद 'ढीला' है.

अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने इस घटना को "भयानक हिंसा और आग़जनी का तांडव" बताया और कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव से इस घटना पर तत्काल अपडेट मांगा है.

उन्होंने कहा कि राज्य को हिंसा और अराजकता की संस्कृति का पर्याय नहीं बनने दिया जा सकता.

अपने बयान में राज्यपाल ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रशासन को "पक्षपातपूर्ण हितों से ऊपर उठने की ज़रूरत है और यह होता नहीं दिख रहा है."

बयान के तुरंत बाद राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और ऐसे प्रतिष्ठित संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के लिए अशोभनीय है.

हिंसा की शुरुआत

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के बड़साल ग्राम पंचायत के उप-प्रधान और टीएमसी नेता भादू शेख़ की सोमवार शाम कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी.

इस हत्या के बाद हिंसा भड़क उठी और आठ लोगों की हत्या कर दी गई, इन लोगों के घरों में आग लगा दी गई, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

पुलिस ने कहा कि हिंसा को लेकर अब तक 11 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है.

इस घटना ने राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ कर दी है, बीजेपी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है, जबकि टीएमसी ने इसे राज्य सरकार को बदनाम करने की साज़िश करार दिया है.

जी-23 के नेताओं से सोनिया गांधी ने की मुलाक़ात

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी में सुधार की मांग करने वाले समूह जी-23 के नेताओं से मुलाक़ात की है.

अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू में छपी ख़बर के मुताबिक़ हाल ही में जी-23 के नेता गुलाम नबी आज़ाद से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को समूह के तीन अन्य नेताओं आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और विवेक तन्खा से मुलाक़ात की.

जी-23 कांग्रेस का वो समूह है जो अगस्त 2020 से पार्टी में निर्णय लेने के स्तर पर सामूहिक और समावेशी नेतृत्व के लिए ज़ोर दे रहा है. समूह का मानना है कि पार्टी में बड़े बदलावों की ज़रूरत है.

समूह ने सोनिया गांधी को व्यापक बदलाव के लिए एक पत्र लिखा था.

अख़बार लिखता है कि मंगलवार की बैठक में क्या हुआ, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कहा जा रहा है कि कांग्रेस प्रमुख ने जी-23 नेताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों पर उनके साथ विचार किया. माना जा रहा है कि सोनिया गांधी ने आंतरिक मतभेदों को सुलझाकर आगे बढ़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

दिल्ली को दहलाने की साज़िश

हिंदी अख़बार दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट छापते हुए लिखा है कि दिल्ली में एक बार फिर बड़े आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है. इसके बाद देश की राजधानी में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को नोएडा फ़िल्म सिटी स्थित कुछ न्यूज़ चैनलों को चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-तालिबान (इंडिया सेल) के ज़रिए एक मेल आया जिसमें दिल्ली में एक बड़े धमाके की बात कही गई है. चरमपंथी हमले के मद्देनज़र पुलिस ने दिल्ली के कई बाज़ारों में सर्च ऑपरेशन किया.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ़ से ये जानकारी साझा की गई है. मिली जानकारी के अनुसार, न्यूज़ चैनलों ने यूपी पुलिस में शिकायत दर्ज की है. मेल कहां से आया और किसने किया इसकी तफ़्तीश चल रही है. इसको लेकर यूपी में भी अलर्ट जारी किया गया है.

यूपी पुलिस से इनपुट्स मिलने के बाद सेंट्रल एजेंसी ने यूपी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को अलर्ट जारी किए. बीती रात दिल्ली के व्यस्त सरोजनी नगर मार्केट में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस बीच सरोजनी नगर मिनी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने कहा कि चरमपंथी हमले के ख़तरे को देखते हुए बुधवार को मार्केट बंद रहेंगे.

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस को मार्केट को बंद करने और कड़ी निगरानी रखने के आदेश मिले हैं. हालांकि, दिल्ली पुलिस ऐसे किसी आदेश से इनकार किया है.

हरियाणा में पास हुआ धर्मांतरण विरोधी विधेयक

द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक़ हरियाणा ने विधानसभा में धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ हरियाणा धर्मांतरण रोकथाम विधेयक, 2022 मंगलवार को पारित कर दिया. इस दौरान कांग्रेस सांसदों ने विधेयक का विरोध किया और सदन से वॉकआउट कर गए.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सदन में कहा कि कोई व्यक्ति अपनी मर्ज़ी से धर्म परिवर्तन कर सकता है, लेकिन किसी के साथ जबरन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी यदि वे धोखे से या किसी भी तरह का लालच देकर धर्म परिवर्तन करते हैं. इस विधेयक का उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन को नियंत्रित करना है."

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