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रूस के हमले के बीच भारत ने यूक्रेन से 470 छात्रों को निकाला -प्रेस रिव्यू
यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों को यूक्रेन से बाहर निकालने में जुटी हुई है. इस अभियान के तहत 470 भारतीय छात्रों का पहला जत्था यूक्रेन से बाहर निकलकर रोमानिया की सीमा में पहुंच चुका है.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. कीएव में भारत के दूतावास की तरफ़ से बताया गया है कि भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से सुरक्षित निकालने की ये प्रक्रिया रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के भारतीय दूतावासों के संयुक्त प्रयासों से की जा रही है.
भारतीय छात्रों को पोलैंड में प्रवेश की अनुमति मिल सके इसलिए पोलैंड-यूक्रेन सीमा पर भी तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं.
गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ़ोन पर बातचीत हुई है.
इधर रूसी सेना तेज़ी से यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में घुस रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आने वाले कुछ घंटों में रूस, राजधानी कीएव पर हमला कर देगा.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर कांग्रेस के रुख़ को जगह दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बातचीत के बाद भारत सरकार के स्टैंड को लेकर कांग्रेस से दो तरह के विचार सामने आए हैं. एक पक्ष का कहना है कि सरकार को संतुलन बनाए रखना चाहिए तो दूसरा पक्ष ये कह रहा है कि रूस की कार्रवाई की निंदा होनी चाहिए.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने सरकार द्वारा उठाए कदमों पर ही ज़ोर दिया है. वहीं कांग्रेस के ही दूसरे वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का तर्क है कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख़ रखना चाहिए और रूस को बताना चाहिए कि ये हमला ग़लत है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर का कहना है कि भारत को रूस की कार्रवाई की निंदा करनी चाहिए, क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों और यूएन चार्टर का उल्लंघन है.
ईडी का दावा- नवाब मलिक के 1993 बम धमाकों के दोषी से संबंध होने के सबूत
एनसीपी नेता नवाब मलिक की गिरफ़्तारी के बाद से ही महाराष्ट्र समेत देशभर में सियासत गरमाई हुई है. अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ़ से नवाब मलिक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस ख़बर को जगह दी है.
प्रवर्तन निदेशालय ने एक दस्तावेज़ के हवाले से ये दावा किया है कि 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के दोषी सरदार शाह वली ख़ान का नवाब मलिक के साथ संबंध है.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि दस्तावेज ये साबित करता है कि नवाब मलिक, शाह वली ख़ान के द्वारा किसी जालसाजी या जबरन वसूली के शिकार नहीं थे बल्कि मलिक और उनके बेटे फ़राज़ ने मुंबई के कुर्ला में एक ज़मीन को लेकर शाह वली ख़ान से सौदेबाज़ी की थी.
ऐसा दावा है कि 300 करोड़ की इस ज़मीन को बेहद कम दामों में लिए जाने पर बातचीत हुई थी. सबूत के तौर पर ईडी के पास लीज़ एग्रीमेंट हैं.
ईडी के इस आरोपों का ख़ारिज़ करते हुए नवाब मलिक के बचाव में उनके वकील का कहना है कि मलिक, शाह वली ख़ान द्वारा धोखाधड़ी के शिकार हुए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा काट रहे 18 कैदियों को दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में उम्रकैद की सज़ा काट रहे 18 लोगों को जमानत देते हुए कहा है कि केवल वंचित तबके के लोगों को ही जेलों में रहना पड़ता क्योंकि समाज के ऊंचे तबके के लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं.
अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को जगह दी है. अख़बार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि आजीवन कारावास की सज़ा पाने वाले 10 साल या उससे अधिक की सज़ा काट चुके क़ैदी जमानत के हक़दार हैं. जबकि ऐसे अपराधी जो 14 साल से अधिक समय की सज़ा काट चुके हैं, उन्हें जमानत पर रिहा करने के साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ़ से पहले रिहा करने पर विचार किया जाए.
जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम. एम. सुंदरेश की पीठ उम्रकैद के दोषियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. इस याचिका में कहा गया था कि ये कैदी पहले ही 10 से 17 साल तक की सज़ा की अलग-अलग शर्तों को पूरा कर चुके हैं लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनकी अपील पर सुनवाई की संभावना नज़र नहीं आ रही है.
5 राज्यों में 1,000 करोड़ से ज़्यादा का कैश और शराब ज़ब्त- चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बताया है कि पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की नकदी, शराब, ड्रग्स और मुफ़्त में बांटे जाने वाला सामान ज़ब्त किया गया है.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने इस ख़बर को जगह दी है. चुनाव आयोग का कहना है कि इन 5 राज्यों में 1,018 करोड़ रुपये ज़ब्त किए गए हैं, जो 2017 में हुए इन राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान की गई कुल 299.84 करोड़ रुपये की ज़ब्ती से लगभग चार गुना अधिक है.
आयोग ने अपने बयान में बताया है कि इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब में 109 करोड़ रुपये की ड्रग्स और उत्तर प्रदेश में 8 लाख लीटर से अधिक शराब ज़ब्त की है.
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