You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कर्नाटक में हिजाब पर विवाद: अदालत की सुनवाई से पहले ही सरकार ने कॉलेजों में यूनिफॉर्म किया अनिवार्य
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
कर्नाटक सरकार ने राज्य में हिजाब बनाम भगवा शॉल का मामला गर्माने के साथ ही प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में यूनिफॉर्म अनिवार्य करने का नया आदेश जारी कर दिया है.
यह आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट में मामले को लेकर तीन दिन बाद फिर शुरू हो रही सुनवाई से पहले आया है.
राज्य के कुछ कॉलेजों में मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने से रोके जाने के बाद हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थीं.
इनमें कहा गया था कि उन्हें हिजाब पहनने से नहीं रोका जा सकता है.
सरकारी आदेश में क्या कहा गया है?
राज्य सरकार ने यूनिफॉर्म को लेकर जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक सरकारी शिक्षा संस्थानों की कॉलेज डेवलपमेंट कमेटियां यह फैसला ले सकती हैं कि यूनिफॉर्म कैसी होगी. निजी संस्थान यह फैसला कर सकते हैं कि कॉलेजों में यूनिफॉर्म जरूरी है या नहीं.
कर्नाटक के माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हमने इस मामले पर एक बैठक की थी. हमारा रुख हाई कोर्ट में एडवोकेट जनरल रखेंगे."
उन्होंने कहा, "पहली बात तो ये कि कर्नाटक शिक्षा कानून के नियम 11 में यह साफ है कि हर संस्थान को विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म तय करने का अधिकार होगा.दूसरी बात ये कि बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले पहले यह बता चुके हैं कि यूनिफॉर्म के साथ क्या पहना जा सकता है और क्या नहीं."
इस फैसले में केरल हाई कोर्ट के जस्टिस ए मोहम्मद मुश्ताक के फैसले का हवाला दिया गया है.
इसमें कहा गया है, "सुप्रीम कोर्ट ने आशा रंजन और अन्य बनाम बिहार सरकार और अन्य ( 2017 4 SCC397) के मामले में बैलेंस टेस्ट को मंजूर करने के बाद कहा था कि जब अधिकारों के बीच प्रतिस्पर्धा हो तो निजी हित में सार्वजनिक हित को तवज्जो दी जानी चाहिए."
इस फैसले में कहा गया था, "छात्र-छात्राओं और संस्थानों के बीच इस तरह के मामले सार्वजनिक हितों को व्यक्तिगत हितों के ऊपर रख कर ही सुलझाए जा सकते हैं."
बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले ((AIR 2003 Bom 75) में भी यूनिफॉर्म से जुड़े एक मामले का हवाला दिया गया था. इसमें स्कूल के प्रिंसिपल ने एक छात्रा (फातिमा हुसैन सैयद) को हिजाब पहन कर स्कूल आने से रोक दिया था.
हिजाब के खिलाफ छात्रों के बाद छात्राओं ने भगवा शॉल पहने
कर्नाटक सरकार का यह आदेश ऐसे वक्त आया है जब राज्य के तटीय जिलों में हिजाब बनाम भगवा शॉल के विवाद ने पिछले कुछ दिनों से काफी तूल पकड़ लिया है.
पिछले दिनों राज्य के उडुपी जिले के एक कॉलेज में लड़कियों के हिजाब के जवाब में कुछ छात्र भगवा शॉल पहन कर चले आए थे. इसके बाद शनिवार को लड़कियों ने भी भगवा शॉल पहन कर जुलुस की शक्ल में एक प्राइवेट कॉलेज में घुसने की कोशिश की.
उडुपी जिले के कुंडापुर स्थित भंडारकर आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज की छात्राएं पहले एक बड़े समूह में कॉलेज के गेट के सामने पहुंचीं. इसके बाद वो जुलूस की शक्ल में इस प्राइवेट कॉलेज में भगवा शॉल पहन कर घुस गईं.
लेकिन एक दूसरे प्राइवेट कॉलेज आरएन शेट्टी कॉलेज में वहां के प्रशासनिक अधिकारियों ने स्टूडेंट्स को रोक कर उनके बैग चेक किए. कई छात्रों के पास भगवा शॉल थे, जिन्हें उन्होंने निकाल लिया. अधिकारियों ने उन छात्राओं को कॉलेज कैंपस छोड़ने को कहा, जो हिजाब पहनने पर अड़ी हुई थीं.
विवाद के बाद कॉलेजों में छुट्टी का एलान
इस विवाद के बाद कुंडापुर गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज जैसे कुछ कॉलेजों ने शनिवार को छुट्टी का एलान कर दिया.
वैसे कुछ प्राइवेट कॉलेज पहले से ही छुट्टी का एलान कर चुके थे. शनिवार को ये कॉलेज बंद थे. कुछ ने मंगलवार तक कॉलेज बंद रखने का एलान किया है.
कुंडापुर के बीजेपी सांसद हलादी श्रीनिवास शेट्टी ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हमारे तालुक में इस संवेदनशील मुद्दे की वजह से चार या पांच कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. गृह मंत्री (अरगा जैनेंद्र) और सेकेंडरी एजुकेशन मिनिस्टर (नागेश बीसी) ने साफ कर दिया है कि ना तो कॉलेज में हिजाब को अनुमति दी जाएगी और न ही भगवे शॉल को. "
शेट्टी कुंडापुर गवर्नमेंट पीयू कॉलेज के कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष भी हैं.
हाई कोर्ट में हिजाब मामले की होगी सुनवाई
मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट में हिजाब मामले की सुनवाई होगी. दरअससल उडुपी के गवर्नमेंट पीयू कॉलेज फॉर विमेन की छह छात्राओं ने याचिका दायर कर कहा था कि हिजाब पहनना उनका संवैधानिक अधिकार है.
शिक्षा विभाग की गाइडलाइंस में यह कहीं कहा गया है कि यहां पढ़ने वालों को यूनिफॉर्म पहनना होगा.
इस बीच, विपक्ष के नेता सिद्दरमैया और जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी हिजाब वाले मामले को लेकर सार्वजनिक बहस में उतर पड़े हैं.
सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार छात्राओं को हिजाब पहनने से रोक कर उनके शिक्षा के अधिकार का हनन कर रही है. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने थोड़ी सतर्क टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपना रुख जाहिर करेगी.
कांग्रेस और जनता दल (एस) विवाद में कूदे
कुमारस्वामी ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस को 'बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ' के नारे की जगह 'बेटी हटाओ' नारे को लागू कर देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़कियों ने पिछले कुछ साल से शिक्षा हासिल करना शुरू किया है. लेकिन हिजाब पर पाबंदी लगाकर उन्हें पढ़ने से दूर किया जा रहा है.
कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने कहा, "मैं तो चाहूंगा कि पहले की स्थिति बरकरार रहे. जिन कॉलेजों में पिछले कुछ सालों में हिजाब पहनने की अनुमति दी गई है, उसे खत्म नहीं किया जाना चाहिए. जिन कॉलेजों में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है, वहां यह नियम जारी रखा जा सकता है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)