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लखीमपुर हिंसा: किसानों को कुचलकर मारने के मामले में 5,000 पन्नों की चार्जशीट दायर, क्या-क्या सबूत दिए गए
- Author, अनंत झणाणे
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
लखीमपुर खीरी के तिकुनियां में गाड़ियों से कुचल कर किसानों की हत्या करने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने सोमवार को अपनी चार्जशीट दाखिल की.
पांच हज़ार पन्नों की चार्जशीट को स्टील के तालाबंद बक्सों में लखीमपुर के कचहरी परिसर में लाया गया और उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया.
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "5000 पन्नों की चार्जशीट दाख़िल हुई है और इसमें एक और अभियुक्त वीरेंद्र शुक्ल का नाम भी शामिल किया गया है जिन पर साक्ष्य मिटाने का आरोप है."
अब इस मामले में कुल अभियुक्तों की संख्या 14 हो गई है.
वरिष्ठ अभियोजन अधिकार एसपी यादव से सवाल पुछा गया की क्या आशीष मिश्र की मौजूदगी थी की नहीं तो उन्होंने कहा कि, "गवाहों के बयानों में आया है की आशीष मिश्रा मौके पर मौजूद थे." उनसे सवाल पुछा गया की क्या चार्जशीट में ये बात लिखी गयी है या नहीं, तो उन्होंने जवाब दिया की, "केस डायरी में है." अभियोजन पक्ष चार्जशीट के साथ साथ केस डायरी या सीडी भी कोर्ट में दायर करता है.
90 दिनों में जमा करनी थी चार्जशीट
आरोप पत्र किसी भी हालत में जल्द से जल्द दाख़िल किया जाना था क्योंकि उसे दाख़िल करने की 90 दिन की अवधि समाप्त हो रही थी. अगर एसआईटी ऐसा नहीं करती तो सभी अभियुक्तों के लिए ज़मानत लेने के क़ानूनी रास्ते खुल सकते थे.
इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र मुख्य अभियुक्त हैं. साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास के अलावा 12 अन्य सह अभियुक्त हैं.
जांच के दौरान एसआईटी ने अभियुक्तों के मोबाइल फ़ोन, बरामद किए गए हथियार और घटना से जुड़े तमाम वीडियो फ़ॉरेंसिक जांच के लिए भेजे थे और उनसे जुड़ी अधिकतर रिपोर्ट एसआईटी को मिल चुकी है. उन्हें सबूत के तौर पर चार्जशीट के साथ पेश किया गया है.
क्या था मामला
बीते साल तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर ज़िले के तिकुनियां कस्बे में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का विरोध कर रहे किसानों पर कथित तौर पर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र से जुड़े लोगों ने गाड़ियां चढ़ा दी थीं.
इस घटना में चार किसानों की कारों से कुचलने से मौत हुई थी. एक पत्रकार की भी कार से कुचलने से मौत हुई थी जबकि मौके पर मौजूद भीड़ ने कारों में सवार तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. कुल आठ लोग इस हिंसा में मारे गए थे.
इस घटना के बाद विपक्ष के तमाम नेताओं ने लखीमपुर खीरी पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिलने की कोशिश की. इसके बाद से किसान संगठन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के निलंबन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ गंभीर मामला चलाए जाने की मांग कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी मामले का स्वतः संज्ञान लेने के बाद इस मामले की सुनवाई की थी. मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना के नेतृत्व वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में की जा रही न्यायिक जांच का विवरण भी देने को कहा था.
कौन-कौन मारा गया था लखीमपुर खीरी हत्याकांड में
मारे गए किसानों के नाम दलजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, नक्षत्र सिंह हैं और इनके साथ पत्रकार रमन कश्यप भी गाड़ी से कुचल कर मारे गए थे.
इन सभी के परिवारवाले मोदी सरकार से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्ख़ास्तगी की लगातार मांग करते आ रहे हैं, लेकिन फ़िलहाल मोदी सरकार ने इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया है और मंत्री अजय मिश्र विभागीय और राजनीतिक बैठकों में लगातार शामिल होते नज़र आ रहे हैं.
वहीं तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में भाजपा नेता और अभियुक्त सुमित जायसवाल की तहरीर पर एफ़आईआर लिखी गयी थी. एसआईटी ने कुल 6 किसानों को गिरफ़्तार किया है.
शनिवार को कमलजीत सिंह, कंवलजीत सिंह उर्फ़ सोनू नाम के दो किसानों को एसआईटी ने गिरफ़्तार किया. एसआईटी ने दिसंबर में कुछ तस्वीरें जारी की थीं और उनकी बुनियाद पर इन दोनों की पहचान कर गिरफ़्तारी की गई.
गिरफ़्तार किए गए किसानों पर भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्र, श्याम सुंदर और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के ड्राइवर हरी ओम की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप है.
इस हत्याकांड में दो एफआईआर दर्ज हैं, पहली जिसमें 4 किसानों और एक पत्रकार रमन कश्यप की हत्या का आरोप है जिसमें आशीष मिश्र समेत 13 अन्य लोग अभियुक्त बनाए गए हैं.
दूसरी एफआईआर तीन भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या से जुड़ी है जिसमें एसआईटी ने अब तक छह अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है.
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