इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान मामले में भारत को दी यह अनुमति - प्रेस रिव्यू

इमरान ख़ान

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भारत के अफ़ग़ानिस्तान को मानवीय सहायता के प्रस्ताव के एक महीने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि उनकी सरकार पाकिस्तान के रास्ते यह सहायता जाने देने की अनुमति देगी.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि पाकिस्तान के अनुमति न देने की आलोचना भारत ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई आठ देशों की सुरक्षा बैठक के दौरान भी की थी. यह बैठक इस घोषणा के साथ समाप्त हुई थी कि राहत 'बिना रोक टोक' दी जानी चाहिए.

अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान प्रधानमंत्री के कार्यालय ने कहा है, "घोषणा की गई है कि पाकिस्तान भारत के 50,000 मिट्रिक टन गेहूं को आने की अनुमति देगा जो कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय सहायता के लिए पाकिस्तान से जाएगा. भारतीय पक्ष के साथ सारी बातें तय होने के बाद यह भेजा जाएगा."

पाकिस्तान के पीएम कार्यालय ने साथ ही कहा कि पाकिस्तान सरकार ने यह भी फ़ैसला लिया है कि 'जो अफ़ग़ान मरीज़ भारत में इलाज के लिए गए थे और वहीं फंस गए हैं वो लौट सकते हैं.'

अफ़ग़ानिस्तान

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भारतीय विदेश मंत्रालय ने कुछ नहीं दिया जवाब

भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की ओर से हुई इस घोषणा पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

11 नवंबर को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत मदद भेजने की हर संभावनाओं को देख रहा है 'लेकिन बेरोक-टोक आवाजाही के कारण इसमें बहुत सी मुश्किलें हैं.'

जब अधिकारियों से पूछा गया था कि भारत ने ईरान में चाबहार बंदरगाह के ज़रिए मदद को अफ़ग़ान सीमा तक क्यों नहीं भेजा जिस रूट को बीते कुछ सालों से इस्तेमाल किया जा रहा था तो इस पर उन्होंने टिप्पणी करने से मना कर दिया था. हालांकि इसका हवाला दिया गया था कि अफ़ग़ानिस्तान में ज़रूरतमंद लोगों तक मदद जल्दी पहुंचनी चाहिए और यह रूट बहुत घुमावदार है.

20 अक्तूबर को रूस में एक बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर तालिबान शासन को गेहूं और अन्य स्वास्थ्य सामग्रियां भेजने का प्रस्ताव दिया था.

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डेटा बिल के ड्राफ़्ट में नॉन पर्सलन डाटा पर भी हो सकता है ज़ोर

नॉन पर्सनल डाटा, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर द्वारा डाटा कलेक्शन और सभी सोशल मीडिया को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म समझना ऐसे कुछ प्रमुख सुझाव हैं जो संसद की संयुक्त समिति (JPC) पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल के लिए दे सकती है.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' लिखता है कि समिति के अंतिम सुझावों और विपक्षी पार्टियों की असहमतियों को संसद के आगामी शीतकालीन स्तर में पेश किया जा सकता है.

पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली JCP की सोमवार को बैठक हुई और उसने अध्यादेश के लिए सुझाव को स्वीकार किया जिसका देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा.

JCP का मानना है कि इस क़ानून में थोड़ा विस्तार दिया जाना चाहिए और इसमें पर्सनल डाटा के अलावा नॉन पर्सनल डाटा को भी शामिल किया जाए. ऐसा माना जा रहा है कि प्रस्तावित डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी एक बड़ी संस्था होगी जो नॉन पर्सनल डाटा को भी देखेगी.

सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट बोला- पुलिस अधिकारियों की मानसिकता बदलने की ज़रूरत

पुलिस जांच के तौर तरीकों पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि पुलिस अधिकारियों की मानसिकता बदलने की ज़रूरत है.

हिंदी अख़बार 'अमर उजाला' लिखता है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक जांच अधिकारी से उम्मीद की जाती है कि वह हर पहलू को टटोलते हुए निष्पक्ष जांच करे, न कि अतिउत्साह में गैर इरादतन हत्या के केस में भी आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला बनाने लगे. इस टिप्पणी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपी सात लोगों को रिहा करने का आदेश दिया.

जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने कहा, गैर इरादतन हत्या और हत्या के मामले में सज़ा की गंभीरता बदल जाती है.

जांच अधिकारी को इसमें सजग रहने की ज़रूरत है. यह उसकी ज़िम्मेदारी है कि वह पहले तय करे कि मामला गैर इरादतन हत्या का है या सिर्फ हत्या का, क्योंकि सिर्फ हत्या के मामले में अपराध का इरादा निहित है.

सुप्रीम कोर्ट हत्या के मामले में दोषियों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. राजस्थान के एक भूमि विवाद में 18 जुलाई 1989 को लड्डूराम, मोहन और बृजेंद्र की हत्या कर दी गई थी.

प्रदूषण

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दिल्ली के प्रदूषण से बढ़ेंगी बंगाल की मुश्किलें?

हिंदी अख़बार 'दैनिक जागरण' लिखता है कि दिल्ली के बाद अब पश्चिम बंगाल भी धीरे-धीरे वायु प्रदूषण की जकड़ में आने को है. तेज़ हवाओं के असर से दिल्ली का प्रदूषण बंगाल की ओर ही बढ़ रहा है, जहां बंगाल की खाड़ी में पहुंचकर खत्म हो जाएगा.

मौसम विज्ञानियों के अनुसार आने वाले दिनों में बंगाल के ऊपर एक एंटीसाइक्लोन विकसित होने की संभावना है, जिसकी वजह से निकट भविष्य में यहां प्रदूषण के स्तर में और अधिक वृद्धि देखने को मिलेगी.

मौसम विज्ञान के मुताबिक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन ऊपरी स्तरों में एक वातावरणीय वायु प्रवाह है जो किसी उच्च दबाव वाले विक्षोभ से जुड़ा होता है. जब भी ऐसा विक्षोभ बनता है तो हवा उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी के हिसाब से बहती है और दक्षिणी गोलार्ध में उसके उलट बहती है. यह विक्षोभ प्रदूषणकारी तत्वों को उठने और नष्ट नहीं होने देता.

स्काईमेट वेदर में मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन के उपाध्यक्ष महेश पलावत कहते हैं, "इस समय एक एंटीसाइक्लोन पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर दिखाई दे रहा है, जिसके पूरब की तरफ़ बढ़ने की संभावना है.

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