आर्यन ख़ान के ख़िलाफ़ पहली नज़र में साज़िश के सुबूत नहीं: बॉम्बे हाई कोर्ट - प्रेस रिव्यू

आर्यन ख़ान

इमेज स्रोत, DEEPAK SALVI/ANI

बॉम्बे हाई कोर्ट ने ड्रग मामले में आर्यन ख़ान और उनके साथ दो अन्य लोगों को ज़मानत देते हुए कहा कि पहली नज़र में इनके ख़िलाफ़ ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, जो ये दिखाते हों कि इन्होंने अपराध की साज़िश रची.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, कोर्ट का विस्तृत आदेश शनिवार को रिलीज़ किया गया.

न्यायमूर्ति एन डब्ल्यू सांब्रे की पीठ ने 28 अक्टूबर को आर्यन ख़ान, अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को जमानत दी थी.

अदालत ने कहा कि आर्यन खान के मोबाइल फ़ोन से लिए गए व्हाट्सऐप चैट से ऐसा कुछ आपत्तिजनक नहीं पाया गया जो दिखाता हो कि उसने अन्य आरोपियों ने अपराध करने की साजिश रची हो.

कोर्ट ने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आर्यन का जो बयान दर्ज किया है, उस पर केवल जांच के मक़सद से गौर किया जा सकता है. इसका प्रयोग यह नतीजा निकालने के लिए नहीं हो सकता कि आरोपी ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत कोई अपराध किया है.

किसान

इमेज स्रोत, Reuters

मोर्चे पर बने रहेंगे किसान

तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने की सरकार की घोषणा के बाद भी किसान नेता आंदोलन पर बने हुए हैं. शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की कोर कमेटी ने बैठक के बाद कहा कि पहले से घोषित कार्यक्रमों में बदलाव नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि महापंचायतें होती रहेंगी. मोर्चा ने किसानों से 26 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने के लिए कहा है.

दैनिक हिंदुस्तान की ख़बर के अनुसार, नौ सदस्यीय कोर कमेटी की बैठक में बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हन्नान मोल्ला, राकेश टिकैत की मौजूदगी में कहा गया कि 22 को लखनऊ में महापंचायत होगी और 26 नवंबर को कृषि कानूनों की वर्षगांठ पर राजधानियों में ट्रैक्टर और बैलगाड़ी परेड निकलेगी.

किसान मोर्चा ने किसान संगठनों की आज सुबह बैठक बुलाई है. इसमें आख़िरी फ़ैसला लिया जाएगा.

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अभी भी ख़राब

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर अभी भी ख़राब बना हुआ है. दिल्ली का एक्यूआई 374 दर्ज किया गया है. हालांकि यह कुछ कम ज़रूर हुआ है लेकिन इसे बेहतर नहीं माना जा सकता है.

जनसत्ता ने सफर के हवाले से लिखा है कि खेतों में पराली जलाने के कुल 752 मामले सामने आए हैं. प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी 2.5 फ़ीसद रही है.

वहीं केंद्र की बीजेपी सरकार ने राजधानी में आम आदमी पार्टी की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने में असफल रही है.

हालांकि दिल्ली सरकार का दावा है कि उन्होंने प्रदूषण रोकने के लिए पर्याप्त क़दम उठाए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)