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आर्यन ख़ान ड्रग्स मामले में समीर वानखेड़े नहीं करेंगे जांच
आर्यन ख़ान ड्रग्स मामले में समीर वानखेड़े अब जांच टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे.
एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मुथा अशोक जैन ने बीबीसी संवाददाता मयंक भागवत को बताया है कि एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को कुल छह मामलों की जांच से हटाया गया है. इनमें आर्यन ख़ान क्रूज़ मामला और नवाब मलिक के दामाद से जुड़ा एक मामला शामिल है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने मुथा अशोक जैन के हवाले से कहा है कि "आर्यन ख़ान मामले समेत पांच अन्य मामलों की जांच अब एनसीबी की दिल्ली टीम करेगी."
वहीं समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी है कि जिन छह मामलों को दिल्ली टीम को दिल्ली ट्रांसफ़र किया गया है उनसें आर्यन ख़ान क्रूज़ ड्रग्स मामला शामिल है.
हालांकि समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार समीर वानखेड़े ने कहा है कि "मुझे मामले की जांच से नहीं निकाला गया. मैंने कोर्ट में अर्जी दी थी कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराई जाए. इस कारण आर्यन ख़ान और समीर ख़ान के मामले की जांच अब दिल्ली एनसीबी की स्पेशल इंवनेस्टिगेशन टीम करेगी. "
एनसीबी ने क्या कहा?
एनसीबी ने इसके बाद एक प्रेस रिलीज़ जारी कर इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी अधिकारी को जांच के हटाया नहीं गया है.
एनसीबी के मुताबिक़ "राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले मुंबई ज़ोनल यूनिट के छह मामलों के लिए" एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है ताकि मामलों की तह में जाकर जांच की जा सके. इस टीम में एनसीबी के मुख्यालय के ऑपरेशन्स ब्रांच के अधिकारी शामिल होंगे.
प्रेस रिलीज़ में लिखा गया है, "किसी भी अफ़सर को उनकी भूमिका से नहीं हटाया गया है. वो ऑपरेशन ब्रांच की जांच में सहयोग करते रहेंगे."
नवाब मलिक ने लगाए थे कई आरोप
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर ड्रग्स के फर्जी मामलों बनाकर करोड़ों रुपये की उगाही करने का आरोप लगाया था. वो इससे पहले भी समीर वानखेड़े पर हमलावर रहे हैं.
नवाब मलिक का कहना था कि "जब वानखेड़े विभाग में आए तो उन्होंने अपनी एक प्राइवेट आर्मी खड़ी की."
हालांकि समीर वानखेड़े खुद पर लगाए आरोपों का खंडन करते रहे हैं. उनका कहना है कि ड्रग्स माफ़िया उन्हें और उनके परिवार को फँसाने की कोशिश कर रहा है.
इसी सप्ताह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवाब मलिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े देवेंद्र फडणवीस के करीबी हैं और ड्रग्स के फर्जी मामलों बनाकर करोड़ों रुपये की उगाही करते हैं.
इससे पहले मलिक ने वानखेड़े पर अपनी धर्म और जाति से जुड़ी गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया था. उन्होंने वानखेड़े पर दुबई और मालदीव में उगाही का आरोप भी लगाया था. वानखेड़े ने सभी आरोपों को झूठा बताया है.
कौन हैं समीर वानखेड़े?
मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले समीर वानखेड़े 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी हैं. राजस्व सेवा में आने से पहले वे साल 2006 में पहली बार केंद्रीय पुलिस संगठन (सीपीओ) में शामिल हुए थे.
इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीबीआई, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी), नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी जैसे कुछ और महकमे सीपीओ के तहत आते हैं.
समीर वानखेड़े के पिता भी एक्साइज़ विभाग में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी रहे हैं.
भारतीय राजस्व सेवा में आने के बाद वानखेड़े को सीमा शुल्क विभाग में तैनात किया गया था. उन्होंने कुछ सालों तक मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर असिस्टेंट कमिश्नर (कस्टम) के रूप में काम किया.
कहा जाता है कि इस दौरान उन्होंने कई मशहूर हस्तियों को कस्टम ड्यूटी न चुकाने को लेकर पकड़ा था. उन्होंने राजस्व ख़ुफ़िया निदेशालय (डीआरआई) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के साथ भी काम किया है.
एनआईए आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मामलों की जांच करने वाली सरकारी एजेंसी है. साल 2020 में समीर वानखेड़े को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में मुंबई ज़ोन के डायरेक्टर की ज़िम्मेदारी दी गई. उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय से उत्कृष्ट जांच के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
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