नवजोत सिंह सिद्धू ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, कहा- कांग्रेस के पास अंतिम मौका, इन 13 मुद्दों पर करे काम

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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिख कर पंजाब के लिए 13 एजेंडों पर काम करने की सलाह दी है. इस चिट्ठी पर 15 अक्तूबर यानी बीते शुक्रवार की तारीख़ लिखी हुई है, जिसे आज यानी 17 अक्तूबर (रविवार) को सिद्धू ने ट्वीट कर सार्वजनिक किया है.
इस चिट्ठी में सिद्धू ने लिखा है, "मैं बहुत दुख के साथ ये कहना चाहता हूं पंजाब के पास वापस उठ खड़े होने का ये आखिरी मौका है."
उन्होंने लिखा कि पंजाब कर्ज़ के तले दबा हुआ है, एक लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं और शिक्षकों को बहुत कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है.
उन्होंने लिखा कि वो ग़रीबों को ताक़त देने और लाइन में खड़े आख़िरी आदमी तक अवसर पहुंचाने के पार्टी के उसूलों पर चलते रहे हैं.
"लेकिन इनका हल इतना आसान नहीं है इसिलिए राज्य में माफ़िया से जुड़े ताक़तवर लोग उन्हें पसंद नहीं करते."
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सिद्धू के 13 एजेंडे
सिद्धू ने लिखा कि पहले से जारी 18 पॉइंट एजेंडा के 13 मुद्दों पर वो ज़ोर देना चाहते हैं जो उनके मुताबिक पंजाब के लिए बहुत ज़रूरी है.
उन्होंने लिखा, "इसमें सबसे पहले पंजाब की आत्मा के लिए इंसाफ़ का मुद्दा है, जिसे राहुल गांधी ने आगे रहकर वकालत की है."
उन्होंने सबसे पहले एजेंडा "बेअदबी मामले में इंसाफ़" को बताया.
उन्होंने लिखा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले और कोटकापुरा और बेहबल कलान में फ़ायरिंग मामलों में दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए.

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उन्होंने लिखा कि ड्रग्स की समस्या का समाधान ज़रूरी है.
सिद्धू के मुताबिक, "इसके लिए कड़ा कदम उठाने की ज़रूरत है. मैं हमेशा कहता हूं भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे की ओर आता है. इसलिए कई लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. एसटीएफ़ की रिपोर्ट में जिन बड़े गुनहगारों का नाम आया है उन्हें जल्द सज़ा मिलनी चाहिए."
उन्होंने केंद्र सरकार के लाए तीन नए कृषि क़ानूनों को लेकर लिखा कि "पंजाब की सरकार को इन्हें ख़ारिज करना चाहिए और कहना चाहिए कि किसी भी कीमत पर ये राज्य में लागू नहीं होंगे."
उन्होंने लिखा कि कृषि के क्षेत्र में ढांचागत सुधारों की ज़रूरत है और सब्जियों और फलों पर भी एमएसपी लागू होना चाहिए.

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सिद्धू के मुताबिक बिजली के प्राइवेट उपभोक्ताओं पर से बिल का भार कम होना चाहिए.
"हमें हर निजी उपभोक्ता को सब्सिडी देनी चाहिए, या तो कीमत 3 रुपये प्रति यूनिट कर के या फिर 300 यूनिट तक बिजली मुफ़्त देकर."
सिद्धू ने चिट्ठी में पिछड़ों की भलाई के लिए कदम उठाने और रोज़गार के विषय पर ध्यान देने को कहा है. उन्होंने लिखा, "देशभर में 20 टीचर यूनियन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार को बातचीत के दरवाज़े खोलने होंगे और जो भी मुमकिन हो किया जाना चाहिए."
सिद्धू ने इसके अलावा सिंगल विंडो सिस्टम, महिलाओं और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पॉलिसी बनाने पर ज़ोर दिया.
उन्होंने लिखा कि शराब के कारोबार को सरकार को अपने अंदर ले लेना चाहिए, इससे 20,000 करोड़ की कमाई होगी और कई लोगों को रोज़गार मिलेगा.
माफ़ियाओं का ज़िक्र, बादल परिवार पर निशाना
सिद्धू ने ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में सुधार की बात लिखी. इसके अलावा रेत और केबल माफ़ियाओं से निपटने की बात कही. उन्होंने लिखा, "पंजाब इंटरटेनमेंट एंड अम्यूज़मेंट टैक्स बिल 2017 लाकर राज्य में बादल परिवार की मदद से चल रहे केबल माफ़िया की कमर तोड़नी चाहिए."
"डैमेज कंट्रोल का ये आख़िरी तरीका होगा, नहीं तो बादल सरकार का माफ़िया राज राज्य को आर्थिक आपातकाल, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और कृषि संकट के एक ऐसे दौर में ले जाएगा जहां से लौटना मुमकिन नहीं होगा."

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कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद बयान
सिद्धू ने अपना ये बयान कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के एक दिन बाद सार्वजनिक किया है. शनिवार को वर्किंग कमेटी की हुई इस बैठक में सोनिया गांधी ने साफ़तौर पर कहा है कि वो पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हैं.
साथ ही उन्होंने पार्टी में सवाल उठा रहे नेताओं को जवाब देते हुए पार्टी के हितों को सर्वोपरी रखने और अनुशासन बनाए रखने की सलाह भी दी थी.
साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा था कि मीडिया के ज़रिए बात करने की ज़रूरत नहीं है.
सोनिया गांधी ने कहा, "अगर आप मुझे कहने दें तो मैं कांग्रेस की पूर्णकालिक अध्यक्ष हूं... मैंने हमेशा स्पष्टता को सराहा है. मुझसे मीडिया के ज़रिए बात करने की ज़रूरत नहीं है."
सोनिया गांधी की सलाह के बावजूद स्पष्ट तौर पर सिद्धू ने मीडिया का रुख किया है.

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कुछ दिनों पहले सिंद्धू ने इस्तीफ़ा दिया था
सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा सरकारी पदों के लिए की गई कुछ नियुक्तियों पर आपत्ति जताते हुए पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हाल ही में इस्तीफ़ा दिया था. हालांकि उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं किया गया है.
नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत से मिले.
मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा, "मैंने पंजाब से जुड़ी जो भी चिंताएं थीं, वो पार्टी हाईकमान को बताईं. मुझे कांग्रेस अध्यक्ष, प्रियंका जी और राहुल जी पर पूरा भरोसा है. मैं उनके हर आदेश का पालन करूंगा."

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक हरीश रावत ने मीटिंग से पहले कहा था कि पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सिद्धू ने आपस में कुछ मुद्दों पर बातचीत की है और जल्द ही उनका हल निकल जाएगा.
मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि सिद्धू ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष का फ़ैसला उन्हें मंज़ूर होगा, और साफ़ आदेश हैं कि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहिए.
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