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राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा: नकल के लिए चप्पलों में ब्लूटूथ का जुगाड़
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान में 26 सितंबर को राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) के लगभग 31 हज़ार पदों के लिए राज्य और बाहरी राज्यों के क़रीब 13 लाख युवा उम्मीदवार शामिल हुए.
परीक्षा को देखते हुए किसी तरह की नकल की कोशिशों को रोकने के लिए राज्य भर में 12 घंटे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, लेकिन सरकारी कोशिशों से पार पाने के लिए उम्मीदवारों ने अलग-अलग नुस्खे आजमाए.
इसमें कान में ब्लूटूथ के साथ चप्पल में ब्लूटूथ डिवाइस लगाना तक शामिल है. बीकानेर पुलिस ने परीक्षा पूर्व ही बड़े नकल गिरोह को पकड़ कर चौंकाने वाली जानकारियां सामने रखीं.
बीकानेर की पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा के निर्देशन में गंगाशहर थाना इलाक़े से परीक्षा पूर्व (25 सितंबर) को ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करने वाले गिरोह और परिक्षार्थियों समेत पांच लोगों को गिरफ़्तार किया.
इनसे पूछताछ कर बीकानेर पुलिस की सूचना पर प्रतापगढ़, सीकर, अजमेर से भी ब्लूटूथ के जरिए नकल करने वाले परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया.
बीकानेर एसपी प्रीति चंद्रा ने बीबीसी को बताया कि, "सूचना पर अलग अलग टीमें बनाई गईं और संदिग्ध पांच लोगों को गिरफ्तार किया जो परीक्षार्थियों को ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने की फ़िराक में था."
उन्होंने बताया, "मौक़े पर दो परीक्षार्थियों को डिवाइस दे दिए गए थे और उसको उपयोग करने के बारे में समझा रहे थे. इन्होंने बड़ी रकम लेकर 25 अभ्यर्थियों से पेपर पास कराने का सौदा तय कर लिया था."
दिल्ली से तैयार कराते थे ब्लूटूथ वाली चप्पल
राज्य में रीट परीक्षा के लिए नकल के चौंकाने वाले तरीक़े के बारे में सुनकर सब हैरान हैं. यह चप्पल विशेष रूप से दिल्ली में तैयार करवाई जाती थी.
हवाई चप्पल को बीच में से काट कर उसमें उसमें वॉइस कॉलिंग डिवाइस बैट्री, सिम सॉकेट समेत अन्य संबंधित उपकरण फिट की जाती थीं.
बीकानेर एसपी प्रीति चंद्रा ने बताया कि, "दिल्ली से चप्पलों में यह ब्लूटूथ डिवाइस लगवा कर लाए थे, एक चप्पल में ब्लूटूथ डिवाइस लगवाने की क़ीमत इन्होंने तीस हज़ार रुपये दी थी."
एसपी चंद्रा ने बताया कि, "इन्होंने राज्य में 25 परीक्षार्थियों को पेपर पास कराने के दावे के साथ यह चप्पल छह से सात लाख रुपये में बेची थी."
तीस हज़ार रुपये में चप्पल तैयार करा कर ये परीक्षार्थियों को सात लाख में बेच रहे थे.
इस तरह इन्होंने क़रीब डेढ़ करोड़ रुपये जमा कर लिए थे.
नकल गिरोह ने परिक्षार्थियों से एडवांस और खाली चेक भी लिए हुए थे, जो पुलिस ने बरामद कर लिए हैं.
परीक्षा केंद्र पर पुलिस और प्रशासन को शक न हो, इसलिए चप्पलों में इसलिए डिवाइस लगवाई गई थी.
कोचिंग संचालक है मुख्य संदिग्ध
नकल गिरोह का मुख्य संदिग्ध बीकानेर निवासी तुलसाराम कालेर फ़िलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उनका फ़ोन भी शनिवार से ही बंद है.
पुलिस जानकारी से ये बात सामने आई कि कालेर परीक्षार्थियों को पेपर पास करवाने, नकल करवाने और पेपर दिलवाने के विभिन्न तरीकों का हवाला देकर लाखों रुपये लेता था.
परीक्षा से दो दिन पूर्व ही गुप्त स्थान पर बुलाकर अपने गिरोह के सदस्यों से परीक्षार्थियों को पेपर सॉल्व करने के तरीक़े बताता था और डिवाइस का उपयोग करने की ट्रेनिंग भी देता था.
इंटरनेट बंद में भी कैसे काम करती यह डिवाइस
चप्पल में ब्लूटूथ डिवाइस, परिक्षार्थी के कान में लगे वॉइस डिवाइस से कनेक्ट थी जो लगातार बाहर गिरोह के सदस्य के साथ फ़ोन पर संपर्क में था.
आवाज़ सुनने के लिए बेहद छोटी वॉइस डिवाइस परिक्षार्थी के कान में सेट की गई थी, जिससे किसी को बाहर से नज़र ही नहीं आए.
एसपी प्रीति चंद्रा इस मामले पर बात करते हुए बीबीसी को बताया हैं, "इंटरनेट बंद होने से इन्होंने ब्लूटूथ के जरिए नकल का प्लान बनाया हुआ था."
एक साथ 25 लोगों को फ़ोन पर कनेक्ट कर पेपर सॉल्व कराया जाना था. लेकिन, इससे पहले ही बीकानेर पुलिस की कार्रवाई ने गिरोह के मंसूबों को फेल कर दिया.
चप्पल में डिवाइस लेकर परीक्षा कक्ष तक पहुंचे
बीकानेर पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों ने कबूल किया कि उन्होंने राज्य में 25 परीक्षार्थियों रकम लेकर पेपर पास करवाने का सौदा किया है.
गिरोह सदस्यों से प्राप्त जानकारी पर ये डिवाइस लिए परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की जानकारी बीकानेर पुलिस ने अजमेर, सीकर, बीकानेर के जीनविसी इलाक़े की पुलिस के साथ साझा की.
अजमेर पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, "एटीएस और एसओजी की सूचना पर स्पेशल टीम और पुलिस थाना मदनगंज की टीम ने कार्रवाई करते हुए ज़िले में किशनगढ़ के मदनगंज के एक परीक्षा केंद्र से चुरु के एक परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया है."
एसपी शर्मा ने कहा, "परीक्षार्थी के बाएं पैर की चप्पल में ब्लूटूथ बैट्री, एयरटेल 4जी सिम कार्ड लगा हुआ सॉकेट लगा हुआ था, उसे गिरफ्तार किया गया है."
रीट परीक्षा के सफ़ल आयोजन के लिए राज्य सरकार ने हरसंभव क़दम उठाए. लेकिन, उसके बावजूद नकल गिरोह के जरिए परिक्षार्थी परीक्षा कक्ष तक पहुंच गए. हालांकि, पुलिस टीमों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
लेकिन नकल करने की इन तरकीबों के सामने आने के बाद कई परीक्षार्थी निराश भी हैं.
रीट भर्ती परीक्षा में शामिल करौली की आशा मीणा बताती हैं, "सरकार ने अपने स्तर पर परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त क़दम उठाए हैं, लेकिन फिर भी नकल की ख़बरें आ रही हैं. इससे हम मेहनत करने वाले छात्र ज़रूर निराश हैं."
इसी तरह, जयपुर के परिक्षार्थी कप्तान सिंह कहते हैं कि, "नौकरी के लिए बेरोजगार युवाओं की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है और लोग नौकरी के लिए शॉर्टकट निकाल रहे हैं. जिससे भर्ती परीक्षा के लिए दिनरात मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य दांव पर है."
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