पीएम मोदी ने कहा, अयोध्या जाने की इच्छा ज़रूर रखनी चाहिए - प्रेस रिव्यू

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पीएम मोदी ने शनिवार को अयोध्या को 'हर भारतीय की सांस्कृतिक चेतना में अंकित शहर' के तौर पर परिभाषित किया.
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपने जीवन में कम से कम एक बार अयोध्या शहर की यात्रा जाने की इच्छा ज़रूर रखनी चाहिए.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या एक ऐसा शहर है जो भारतीयों द्वारा है और भारतीयों के लिए है.
उन्होंने इस मौक़े पर कहा कि जिस तरह भगवान राम में लोगों को साथ लाने की क्षमता थी उसी तरह अयोध्या में विकास के कार्य लोगों को साथ लाने में उनके विकास में सहायक हैं. ख़ासतौर पर युवाओं के लिए.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने सरकारी सूत्रों के हवाले से यह ख़बर प्रकाशित की है.
सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि बैठक में पीएम ने कहा, "यह हमारा सामूहिक प्रयास है कि हम अयोध्या की पहचान का जश्न मनाएं और इसकी सांस्कृतिक जीवंतता को नए तरीक़ों से जीवित रखें."
इस बैठक में सरकारी अधिकारियों ने अयोध्या के विकास के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी. अयोध्या को एक आध्यात्मिक केंद्र, वैश्विक पर्यटन केंद्र और एक स्थायी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने की योजना है.

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दिल्ली ने ज़रूरत से अधिक ऑक्सीजन की मांग की या नहीं, डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया
देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के शनिवार को दिए एक बयान की काफ़ी चर्चा है.
डॉ. गुलेरिया सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त की गई ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के प्रमुख भी हैं. ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट को लेकर दिल्ली की आप सरकार और बीजेपी के बीच पहले से ही खींचतान जारी है और इस बीच रणदीप गुलेरिया के बयान से इस विवाद ने और बड़ा रूप ले लिया है.
शनिवार को अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिये एक इंटरव्यू में डॉ. गुलेरिया ने कहा कि यह ग़लत होगा की आप किसी बात का सामान्यीकरण कर दें और कहें की दिल्ली ने अपनी ऑक्सीजन का मांग को चार गुना बढ़ाकर बताया.
डॉ. गुलेरिया ने अपने साक्षात्कार में कहा, "ये उस एक किसी ख़ास दिन के लिहाज़ से या तो चार गुना रही होगी या फिर कम रही होगी. ऐसे में इस बात का सामान्यीकरण करके बयान नहीं देना चाहिए."
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि दिल्ली सरकार ने कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान अपनी ऑक्सीजन की ज़रूरत को चार गुना बढ़ाकर बताया.
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में ऑडिट कमेटी ने जो रिपोर्ट सौंपी है वो अंतरिम रिपोर्ट है. अंतिम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "यह फ़ाइनल रिपोर्ट नहीं है. दो से तीन दिनों में हमारी एक और बैठक होने वाली है. विचार-विमर्श के बाद अगले सप्ताह तक फ़ाइनल रिपोर्ट जमा की जाएगी."
ऑडिट कमेटी की इस अंतरिम रिपोर्ट के बाद से ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी बयानबाज़ी का दौर जारी है.
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि ऑक्सीजन की मांग एक निरंतर बदलती रहने वाली मांग की श्रेणी में आती है और किस दिन इसकी कितनी ज़रूरत होगी यह हर रोज़ के हिसाब से ही पता चलता है. ऑक्सीजन की मांग एक दिन कुछ और दूसरे दिन कुछ और हो सकती है. यहां तक की किसी घंटे कुछ मांग हो सकती है और किसी घंटे कुछ और. यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि महामारी का असर कैसा है.
डॉ. गुलेरिया ने बताया कि ऑडिट कमेटी ने सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फ़ॉर्मूले से ही रिपोर्ट तैयार की है.
ऑडिट कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने शहर में ऑक्सीजन की मांग को अधिक करके बताया. 25 अप्रैल से 10 मई के बीच जिस समय कोविड-19 की दूसरी लहर अपने चरम पर थी उस समय दिल्ली सरकार ने अपनी ऑक्सीजन की मांग को चार गुना करके बताया. ऑडिट कमेटी ने अपनी जांच में पाया है कि दिल्ली को होने वाली अतिरिक्त ऑक्सीजन सप्लाई के कारण कोविड-19 महामारी के दौरान 12 अन्य राज्यों को होने वाली सप्ताई पर असर पड़ा और इन राज्यों में भी मामलो की संख्या काफी अधिक थी.
डॉ. गुलेरिया की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मुख्य गृह सचिव बीएस भल्ला, मैक्स हेल्थ केयर के डॉक्टर संदीप बुद्धिराज, केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के डायरेक्टर सुबोध यादव और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ़्टी ऑर्गेनाइज़ेशन के संजय सिंह को इस ऑडिट समिति के लिए नियुक्त किया था.
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दिल्ली में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान 'ऑक्सीजन डिमांड' को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच तकरार जारी है.
सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त पैनल की कथित रिपोर्ट को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरने वाली भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि अगर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने '24 घंटे में माफ़ी नहीं मांगी तो दिल्ली में जनांदोलन होगा.'
वहीं, आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर रिपोर्ट के अस्तित्व पर सवाल उठाए हैं.
साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आगाह किया है कि 'आपस में लड़े तो कोरोना जीत जाएगा.'
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वहीं दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया, "हमने इस ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के कई सदस्यों से बात की. सबका ये कहना है कि उन्होंने तो कोई रिपोर्ट साइन ही नहीं की है. अभी तक उन्होंने कोई रिपोर्ट अप्रूव ही नहीं की. जब ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने कोई रिपोर्ट साइन ही नहीं की है तो फिर ये रिपोर्ट है कहां से आई."

फ़र्ज़ी वैक्सीनेशन का शिकार हुईं सांसद मिमी चक्रवर्ती की तबियत बिगड़ी
फ़र्ज़ी वैक्सीनेशन का शिकार हुईं तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती की तबियत ख़राब होने की जानकारी है.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार इस ख़बर को प्रकाशित किया है. अख़बार लिखता है कि फ़र्ज़ी कोविड-19 टीकाकरण से वैक्सीन लेने के बाद मिली बीमार पड़ गई हैं. उन्हें डिहाइड्रेशन और पेट दर्द की शिकायत है. हालांकि डॉक्टरों ने अभी स्पष्ट तौर पर यह नहीं बताया है कि मिमी की यह बीमारी नकली ख़ुराक का नतीजा है या फिर इसकी कोई और वजह है.
अख़बार ने मिमी चक्रवर्ती के एक क़रीबी रिश्तेदार के हवाले से लिखा है कि उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत हुई है जोकि काफी गंभीर है. उनका बीपी भी कम है और पेट में दर्द की भी शिकायत है. मिमी पहले से ही गॉलब्लैडर और लिवर से जुड़ी दवाइयां ले रही थीं. हालांकि उनकी हालत स्थिर है.
पश्चिम बंगाल के जाधवपुर से टीएमसी की सांसद को शुक्रवार देर रात से ही सेहत से जुड़ी शिकायत होने लगी थी. बहुत अधिक पसीना आने के कारण वह बेहोश हो गई थीं.
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इसके कुछ दिन पहले ही देबांजन देब नाम के एक शख़्स ने मिमी चक्रवर्ती को वैक्सीनेशन कैंप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था.
देबांजन ने ख़ुद को एक आईएएस अधिकारी के तौर पर पेश किया और अपने बारे में जानकारी दी थी कि वह एक आईएएस अधिकारी हैं और पूरे कोलकाता में वैक्सीनेशन ड्राइव आयोजित कर रहे हैं जो कि झूठ था.
मिमी को संदेह तब हुआ जब उनके पास वैक्सीनेशन से जुड़ा कोई मैसेज नहीं आया, जो कि वैक्सीन लेने वाले हर व्यक्ति को आता है. इसके बाद उन्होंने कोलकाता पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद इस घोटाले और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. देबांजन देब को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
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