ऑनर किलिंग: पति की चार गोली लगने से मौत, पत्नी अस्पताल में भर्ती, भाइयों पर लगाया आरोप- प्रेस रिव्यू

ऑनर कीलिंग

इमेज स्रोत, Getty Images

"मैं इस शादी से नाराज़ था लेकिन कभी भी उन्हें मारने का नहीं सोचा था." यह कहना है 55 साल के ओम प्रकाश का, जिनके बेटे विनय दहिया को गुरुवार के दिन क़रीब छह-सात लोगों ने कथित तौर पर गोलियों से भून डाला.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार, दिल्ली के द्वारका इलाक़े में 23 साल के विनय को चार गोलियां लगी थीं. कुछ गोलियां पेट के पास लगी थीं और कुछ छाती के पास. उनकी पत्नी किरन भी इस दौरान घायल हुई हैं. पुलिस के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि किरन को एक गोली गले के पास लगी है और उनकी हालत गंभीर है.

हमले के तुरंत बाद विनय और उनकी पत्नी को पास के वेंकटेश्वर अस्पताल ले जाया गया जहां विनय को मृत घोषित कर दिया गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी.

वहीं हमले के दौरान किरन ने छत से भागने की कोशिश की थी लेकिन एक गोली उन्हें भी लगी है और अभी उनका इलाज चल रहा है.

पुलिस ने आशंका जताई है कि यह ऑनर किलिंग का मामला हो सकता है. किरन और विनय ने बीते साल अपने-अपने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ जाकर भागकर शादी की थी.

विनय के पिता ओम प्रकाश सोनीपत ज़िले के गोपालपुर गांव में बतौर पोस्टमैन काम करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें रात क़रीब साढ़े दस बजे घटना के बारे में पता चला.

ऑनर कीलिंग

इमेज स्रोत, Getty Images

उन्होंने बताया कि विनय जहां रहा करते थे वहीं रवि नाम के एक शख़्स की राशन की दुकान है. उन्होंने ही फ़ोन करके इस हादसे के बारे में बताया.

हादसे से पहले विनय और किरन गुरुवार को डॉक्टर के पास गए थे. किरन की प्रेग्नेंसी में कुछ समस्या आ रही थी, जिस संबंध में दोनों डॉक्टर से मिलने गए थे.

दीन दयाल अस्पताल के बाहर अपने बेटे विनय के शव का इंतज़ार करते हुए ओम प्रकाश ने अख़बार को बताया कि रवि ने उन्हें बताया कि विनय और किरन कुछ देर तक उनके साथ बैठे थे लेकिन बाद में क़रीब रात साढ़े आठ बजे वे अपने घर चले गए थे

प्रकाश बताते हैं, "हमने सुना की किरन कह रही थी उसके चचेरे भाई विक्की ने सबसे पहले उस पर गोली चलाई और फिर विनय पर. किरन के हिसाब से, उसका भाई अमन दूसरे कई और लोगों के साथ घटना वाली जगह पर मौजूद था और गोली चलाने वालों में वो भी था. उन्होंने गोलियां दागीं और फिर वहां से फरार हो गए."

विनय दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बतौर कैब-ड्राइवर काम किया करते थे.

विनय और किरन ने बीते साल 13 अगस्त को चंडीगढ़ में शादी की थी और उसके बाद वे दिल्ली आ गए थे.

ओम प्रकाश कहते हैं, "मैं उनकी शादी से खुश नहीं था, वो दोनों एक ही गांव के और एक ही जाति के थे."

न्याय

इमेज स्रोत, Thinkstock

वो बताते हैं, "उनकी शादी के क़रीब 20 दिन बाद पंचायत बुलायी गई थी और जहां सरपंच ने हमसे कहा था कि इन्हें ऐसे ही रहने दो लेकिन ना तो कोई इनसे संपर्क में रहेगा और ना ही बातचीत करेगा. इन दोनों ने अपने परिवार और गांव की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ जाकर शादी की थी. मैंने कहा था कि मैं सरपंच के फ़ैसले को स्वीकार करता हूं."

दिल्ली पुलिस ने बताया कि बीते साल अगस्त महीने में ही इस जोड़े ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अर्ज़ी देकर अपने लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी. अदालत ने इस जोड़े की सुरक्षा को लेकर सोनीपत पुलिस को आदेश भी जारी कर दिये थे.

प्रकाश अपनी पत्नी के साथ गांव में ही रहते हैं. उनका कहना है कि वो उनके साथ संपर्क में नहीं थे.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार, किरन ने पुलिस में बयान दिया है कि उनके बड़े भाई अमन और चचेरे भाई विक्की ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उन पर हमला किया.

वीडियो कैप्शन, 'मुझे अपनी जाति की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी'

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने विनय की मकान मालकिन ज्योति के हवाले से लिखा है कि 'ये जोड़ा बीते साल जून में यहां रहने आया था. घटना वाले दिन क़रीब साढ़े आठ बजे विनय घर से बाहर राशन की दुकान तक आया. कोल्ड ड्रिंक और ब्रेड लेकर जब वो लौटा तो उसके ठीक 15 मिनट बाद तेज़ शोर सुनाई देने लगा. फिर गोलियां चलने और चिल्लाने की आवाज़ आने लगी. कुछ लोग विनय का पीछा कर रहे थे और विनय चिल्ला रहा था कि मेरी बीवी को बचाओ.'

सीसीटीवी फ़ुटेज में भी कुछ लोग विनय का पीछा करते नज़र आ रहे हैं. इस दौरान विनय कुछ घरों के दरवाज़े भी खटखटा रहा है लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली. बाद में विनय एक ग्रोसरी की दुकान के सामने ढेर हो जाता है.

विनय को चार गोलियां लगी थीं. द्वारका पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस मामले में संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया गया है.

कोरोना

इमेज स्रोत, Getty Images

कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के 48 मामले

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा है कि देश में कम से कम 174 ज़िलो में कोरोना वायरस के अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट के केस मौजूद हैं. इसके साथ ही इसके सब-लिनिएज, डेल्टा प्लस के 10 ज़िलों में 48 सैंपल पाये गए हैं.

सरकार ने कहा है कि अप्रैल मई में संक्रमण की दूसरी लहर में जो उछाल देखा गया उसके पीछे डेल्टा वेरिएंट एक महत्वपूर्ण कारण था. मंत्रालय के जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में देशभर के 52 ज़िलों में यह वेरिएंट मौजूद था और अब जून में यह फैलकर 174 ज़िलों तक पहुंच चुका है.

आईसीएमआर के प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि पांच सौ से अधिक ज़िलों में अब पॉज़िटिविटी रेट पांच प्रतिशत से भी कम है लेकिन ऐसा समझने की भूल नहीं करनी चाहिए की कोरोना की दूसरी लहर समाप्त हो चुकी है.

इसराइल

इमेज स्रोत, Getty Images

इसराइल दूतावास ब्लास्ट: चार छात्र पुलिस रिमांड पर भेजे ग

इसराइल दूतावास ब्लास्ट मामले में चार छात्रों नज़ीर हुसैन (26), ज़ुल्फिकार अली वज़ीर (25), अयाज़ हुसैन (28) और मुज़म्मिल हुसैन (25) को दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. ये सभी छात्र लद्दाख के करगिल ज़िले के थांग गांव के रहने वाले हैं.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से द हिंदू अख़बार ने लिखा है कि इन चारों छात्रों को गुरुवार के दिन एक मैजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दस दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

उन्होंने बताया, "ये चारों पिछले साल नवंबर में दिल्ली आए थे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे."

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना वाले दिन ये चारों दिल्ली में ही थे और उनके फ़ोन स्विच ऑफ़ थे. उन्होंने कहा कि उनके पास से पांच मोबाइल बरामद किये गए हैं.

पुलिस के अनुसार, ये सभी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे. इसराइल-भारत और फ़लस्तीन से संबंधित पोस्ट पर टिप्पणी करते थे. पुलिस ने कहा कि लॉकडाउन की घोषणा से ठीक पहले उन्होंने शहर छोड़ दिया था.

पुलिस मुखर्जी नगर सहित उनके ठहरने के स्थानों पर तलाशी ले सकती है.

ये भी पढ़ें..

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)