बीजेपी ने 'ऑक्सीजन रिपोर्ट' पर जारी किया हलफ़नामा, केजरीवाल ने भी दी सफ़ाई

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ऑक्सीजन की माँग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की एक कथित रिपोर्ट हंगामे का विषय बन गई है. आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच इसे लेकर राजनीति हो रही है.
आम आदमी पार्टी ने इस रिपोर्ट के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते हुए बीजेपी को इसे दिखाने की चुनौती दी है. इसके जवाब में बीजेपी ने भी एक हलफ़नामे की कॉपी शेयर की है.
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक ट्वीट में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को इस हलफ़नामे की कॉपी शेयर करते हुए लिखा है - "मनीष जी, ये दिल्ली में ऑक्सीजन के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नियुक्त पैनल की रिपोर्ट के बारे में एक तथ्य है. आँखें बंद कर लेने से सच नहीं बदल जाता."
पात्रा ने दावा किया कि दिल्ली सरकार को इस रिपोर्ट की प्रति तीन दिन पहले ही दे दी गई थी.
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वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए बिना कोई नाम लिए आरोप लगाया है कि 'जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जाग कर ऑक्सीजन का इंतज़ाम कर रहा था'.
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केजरीवाल ने ट्वीट में ये लिखा है - "मेरा गुनाह- मैं अपने 2 करोड़ लोगों की साँसों के लिए लड़ा. जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जग कर Oxygen का इंतज़ाम कर रहा था. लोगों को ऑक्सिजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया. लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया है. उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है."
इससे पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा , "सच तो ये है कि ऐसी कोई रिपोर्ट है ही नहीं. बीजेपी झूठ बोल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी बनाई है. हमने इसके कई सदस्यों से बात की है. उनका कहना है कि उन्होंने तो अब तक रिपोर्ट साइन ही नहीं की है. अगर रिपोर्ट अप्रूव नहीं हुई है, तो ये रिपोर्ट है कहाँ? मैं चुनौती देता हूँ बीजेपी के नेताओं को कि वो रिपोर्ट लाएं जिसे अप्रूव किया गया हो. झूठ की भी इंतहा होती है."
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सिसोदिया ने कहा, "पहले तो पूरे देश में ऑक्सीजन सप्लाई का बँटाधार किया, अब उन मरीज़ों, डॉक्टरों और अस्पतालों को भी झूठा बता रहे हैं जो ऑक्सीजन की कमी से परेशान रहे. मीडिया के मित्रों से भी मेरा आग्रह है कि बीजेपी से उस तथाकथित रिपोर्ट की, ऑडिट कमेटी के सदस्यों द्वारा साइन की गई, अप्रूव कॉपी तो मंगवाएं जिसके बारे में बीजेपी बरगलाने की कोशिश कर रही है."

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किस रिपोर्ट पर हो रहा है विवाद
दरअसल ये सारा विवाद शुक्रवार सुबह भारतीय मीडिया में इस ख़बर के बाद शुरू हुआ जिसके मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक 'ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 'केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ज़रूरत से चार गुना ज़्यादा ऑक्सीजन की माँग की.'
अख़बारों मे छपी ख़बरों के मुताबिक़, दिल्ली सरकार को असल में क़रीब 289 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की दरकार थी, लेकिन उनके द्वारा क़रीब 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की माँग की गई.
अख़बारों में प्रकाशित ख़बरों में कहा गया था कि केजरीवाल सरकार की ज़रूरत से अधिक माँग का असर उन 12 राज्यों पर देखा गया जहाँ ऑक्सीजन की कमी से कई मरीज़ों को अपनी जान गँवानी पड़ी.
भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत देखने को मिली थी. कई बार ऐसी ख़बरें आयीं थी कि ऑक्सीजन की कमी के चलते रातोंरात कई मरीज़ों की मौत हो गई.
उस दौर में केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन की माँग की थी.
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बीजेपी का हमला
इस कथित रिपोर्ट के आधार पर भारतीय जनता पार्टी के कई नेता दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.
दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट किया कि "अरविंद केजरीवाल, अगर ज़रा भी शर्म बची है तो देश से माफ़ी माँगो."
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा है कि "इस रिपोर्ट के आने के बाद, उम्मीद है कि इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदारी भी तय की जायेगी."
बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इससे पहले लिखा - "आख़िर सच बाहर आ ही गया. यानी केजरीवाल लगातार झूठ बोल रहे थे."
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पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में संबित पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाये गए ऑक्सीजन ऑडिट पैनल की रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आये हैं, वो चौंकाने वाले हैं. हिन्दुस्तान की राजनीति में पहली बार चार गुना झूठे साबित हो रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. ये कोई छोटी बात नहीं है.
अरविंद केजरीवाल को जनता को जवाब देना होगा. 100% विज्ञापन और ज़ीरो प्रतिशत कोविड मैनेजमेंट, इस फ़ार्मूला पर अरविंद केजरीवाल काम कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने 1,000 करोड़ रुपये केवल विज्ञापन पर ख़र्च किये हैं. हम आशा करते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय में वे ज़िम्मेदार ठहराये जाएंगे और जो अपराध उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें दंडित किया जाएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार द्वारा 4 गुना ज़्यादा ऑक्सीजन की ज़रूरत बताई गई जिससे ऑक्सीजन टैंकर सड़कों पर खड़े रहे. अगर ये ऑक्सीजन दूसरे राज्यों में उपयोग होती तो कई लोगों की जान बच सकती थी. ये अरविंद केजरीवाल द्वारा किया गया जघन्य अपराध है.
(कॉपी - प्रशांत चाहल)
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